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कोरोना महामारी के बीच सिर्फ 5 महीने में ये दूसरा IPL, रोमांचक होंगे अगले 7 हफ्ते

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चेन्नई में आज (शुक्रवार) इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2021 की शुरुआत होगी. रोहित शर्मा अपनी विरासत को बरकरार रखने के इरादे से उतरेंगे, जबकि विराट कोहली नई विरासत तैयार करना चाहेंगे. सभी की नजरें अनुभवी महेंद्र सिंह धोनी पर भी टिकी होंगी.

चेन्नई में आज (शुक्रवार) इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2021 की शुरुआत होगी. रोहित शर्मा अपनी विरासत को बरकरार रखने के इरादे से उतरेंगे, जबकि विराट कोहली नई विरासत तैयार करना चाहेंगे. सभी की नजरें अनुभवी महेंद्र सिंह धोनी पर भी टिकी होंगी. ये देखना दिलचस्प होगा कि पिछले सीजन में अपनी टीम के पहली बार प्ले ऑफ में जगह बनाने में नाकाम रहने के बाद वे किस रणनीति के साथ उतरते हैं. 

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण लीग का आयोजन जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में होगा और दर्शकों को स्टेडियम में आने की इजाजत नहीं होगी.  सिर्फ 5 महीने में 2 आईपीएल टूर्नामेंट संबंधित हितधारकों के लिए आदर्श स्थिति नहीं है, लेकिन कोविड-19 मामलों की दूसरी लहर के बीच प्रशंसकों के लिए अगले  7 हफ्ते काफी रोमांचक होंगे, जहां उन्हें बड़े छक्के, सटीक यॉर्कर और नई प्रतिभा देखने को मिलेगी. गौरतलब है कि पिछली बार कोरोना महामारी के बीच आईपीएल के मुकाबले (19 सितंबर से 10 नवंबर 2020) संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में कराए गए थे.   

भारत में पिछले कुछ समय में कोरोना वायरस के मामलों में इजाफा हुआ और रोजाना लगभग एक लाख नए मामले सामने आ रहे हैं. टूर्नामेंट का पहला मुकाबला गत चैंम्पियन मुंबई इंडियंस (MI) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच यहां खेला जाएगा और दोनों टीमों में बड़े हिटर की मौजूदगी सुनिश्चित करेगी कि दर्शकों का भरपूर मनोरंजन हो, जो महामारी के कारण स्टेडियम में नहीं आ पाएंगे. 

MI vs RCB: आंकड़े क्या कहते हैं..? 

आईपीएल रिकॉर्ड की बात करें, तो मुंबई इंडियंस बेहतर स्थिति में है. दोनों के बीच अब तक 27 मुकाबले (2008-2020) हो चुके हैं. जिनमें से मुंबई ने 17 मैच जीते हैं. बेंगलुरू के खाते में 10 जीत हैं (इस दौरान एक मैच टाई रहा था, जिसे सुपर ओवर में बेंगलुरु ने जीता था). 

टूर्नामेंट पर भी कोरोना वायरस का साया पड़ा है और लीग की शुरुआत से पहले कुछ खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ पॉजिटिव पाए गए हैं. लेकिन खेलों के लिए कड़े जैविक जैविक रूप से सुरक्षित माहौल के कारण भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) को उम्मीद है कि यूएई में पिछले टूर्नामेंट की तरह इस टूर्नामेंट का आयोजन भी सुचारु रूप से होगा.

भारत के लिए आगामी टूर्नामेंट काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी साल देश में टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन भी होना है. कोहली इस टूर्नामेंट के जरिए विश्व कप के अपने संभावित खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर नजर रखने को कोशिश करेंगे, जबकि इंग्लैंड के कप्तान इयोन मॉर्गन और कीरोन पोलार्ड की नजरें भी अपनी संबंधित फ्रेंचाइजियों की ओर से खेलते हुए अपने देश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी होंगी.

मुंबई इंडियंस की नजर छठी ट्रॉफी पर

पांच खिताब के साथ आईपीएल इतिहास के सबसे सफल कप्तान रोहित छठी ट्रॉफी के साथ लीग में पहली खिताबी हैट्रिक बनाना चाहेंगे. रोहित अगर बल्लेबाजी में विफल रहते हैं, तो क्विंटन डिकॉक सफलता हासिल करने को तैयार होंगे. अगर ये दोनों ही विफल रहेंगे, तो फिर ईशान किशन और सूर्य कुमार यादव जैसे बल्लेबाजों पर जिम्मेदारी होगी. 

मुंबई का शीर्ष क्रम अगर पूरी तरह नाकाम रहता है, तो फिर पंड्या बंधु (हार्दिक और क्रुणाल) विरोधी को पस्त करने उतरेंगे. साथ ही टीम के पास पोलार्ड जैसा तूफानी बल्लेबाज हैं, जो मैदान पर अपने दमदार फील्डिंग के कारण भी टीम के लिए काफी अहम हैं

गेंदबाजी का दारोमदार ट्रेंट बोल्ट और राहुल चाहर जैसे गेंदबाजों पर होगा. मुंबई इंडियंस की टीम अपने खराब दिन ही हार सकती है और अपने अच्छे दिन वे किसी भी विरोधी टीम के लिए बुरे सपने की तरह हैं. 

कोहली का टारगेट- पहली बार खिताब

रोहित के विरोधी और राष्ट्रीय टीम के कप्तान कोहली पहली बार आईपीएल खिताब जीतने उतरेंगे, लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का संयोजन मुंबई जितना प्रभावी नहीं दिखता. टीम ने ग्लेन मैक्सवेल पर भारी भरकम राशि खर्च की है  और न्यूजीलैंड के काइल जेमिसन रातों रात करोड़पति बन गए, जबकि भारतीय विकेटों पर उनकी गेंदबाजी की परख अब तक नहीं हुई है. 

देवदत्त पड्डिकल अपना दूसरा सत्र खेलने उतरेंगे और इस बार टीमों ने उनके लिए रणनीति बनाई होगी. युजवेंद्र चहल लय खोते हुए दिख रहे हैं. मोहम्मद सिराज और नवदीप सैनी सीमित ओवरों के क्रिकेट में अब तक बहुत प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. 

धोनी को मिलेगा सुरेश रैना का साथ

इस सब के बीच धोनी की नजरें वानखेड़े स्टेडियम की सपाट पिच पर टिकी होंगी. क्योंकि चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को चेपक की धीमी पिच की जगह वहां खेलना है. अनुभवी सुरेश रैना की वापसी होगी. अधिकांश मैचों में इमरान ताहिर भी खेलते दिखेंगे. मोईन अली और सैम कुरेन के ऑलराउंडर के रूप में किसी भी क्रम में खेलने की संभावना से टीम पिछले सत्र की तुलना में बेहतर नजर आ रही है.

 पंत के हाथ में पहली बार कप्तानी

दूसरी तरफ धोनी के ‘शागिर्द’ ऋषभ पंत पहली बार दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी करते हुए छाप छोड़ने को बेताब होंगे. वह अपने सीनियर और बेहद अनुभवी धोनी से प्रेरणा लेने की कोशिश करेंगे. पिछले साल गाबा में दमदार पारी खेलने के बाद से पंत काफी अच्छे फॉर्म में हैं और इस समय भारतीय क्रिकेट के संभवत: सबसे आश्वस्त खिलाड़ी हैं. टीम के पास पृथ्वी शॉ, मार्कस स्टोइनिस, शिमरॉन हेटमेयर के अलावा अनुभवी स्टीव स्मिथ और अजिंक्य रहाणे जैसे बल्लेबाज हैं.

गेंदबाजों में दारोमदार कैगिसो रबाडा, एनरिक नोर्तजे, रविचंद्रन अश्विन, अमित मिश्रा और अक्षर पटेल पर रहेगा,जिससे पिछले साल की उपविजेता टीम इस बार एक कदम आगे जाने की कोशिश करेगी. 

सनराइजर्स के पास स्टार खिलाड़ी

सनराइजर्स हैदराबाद की टीम सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाली टीमों में शामिल है. टीम के पास डेविड वॉर्नर, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टी20 गेंदबाज राशिद खान, केन विलियमसन, जेसन होल्डर, जेसन रॉय और जॉनी बेयरस्टो के रूप में दुनिया के संभवत: सर्वश्रेष्ठ विदेशी टी20 खिलाड़ी हैं.

KKR को कैप्टन मॉर्गन से आस

कोलकाता नाइट राइडर्स को आक्रामक ऑलराउंडर आंद्रे रसेल के फॉर्म में लौटने की उम्मीद होगी, जबकि टीम चाहेगी कि वरुण चक्रवर्ती एक बार फिर अच्छा प्रदर्शन करें. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सीमित ओवरों के फिलहाल सर्वश्रेष्ठ कप्तान इयोन मॉर्गन बल्लेबाजी क्रम में स्थिरता लाने का प्रयास करेंगे और साथ ही उम्मीद करेंगे कि सुनील नरेन के एक्शन को एक बार फिर संदिग्ध करार नहीं दिया जाए. 

नए नाम के साथ उतरेंगे किंग्स

पंजाब किंग्स के मालिकों को उम्मीद होगी कि टीम का नाम बदलने से उनका भाग्य बदलेगा,  लेकिन काफी कुछ कप्तान केएल राहुल के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा. मोहम्मद शमी वापसी करते हुए लय हासिल करने को बेताब होंगे. दर्शक एक बार फिर क्रिस गेल की तूफानी बल्लेबाजी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन निश्चित तौर पर शुरुआत में टीम खिताब की दावेदार नहीं है. 

संजू सैमसन के लिए बड़ा टेस्ट

राजस्थान रॉयल्स को शुरुआत में जोफ्रा आर्चर की गैरमौजूदगी खलेगी. संजू सैमसन के मार्गदर्शन में खेलने वाली टीम के प्रदर्शन में पिछले कुछ सत्रों में निरंतरता की कमी रही है और टीम अच्छे प्रदर्शन के लिए बेन स्टोक्स, जोस बटलर और क्रिस मॉरिस पर निर्भर रहेगी. मॉरिस को फ्रेंचाइजी ने रिकॉर्ड रकम खर्च कर खरीदा है.

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