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हरिद्वार महाकुंभ 2021: कुंभ में अधिकारी पेश कर रहे सौहार्द की मिसाल, साधु-संत और श्रद्धालु कर रहे प्रशंसा, तस्वीरें

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हरिद्वार महाकुंभ में विभिन्न धर्मों के अधिकारी पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों को निभा रहे हैं। संतों की छावनियों, मेला क्षेत्र, यात्री सुविधाओं से जैसी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में अधिकारी दिन-रात जुटे हुए हैं। साधु-संत और श्रद्धालु भी इन अधिकारियों के मधुर व्यवहार की सराहना करते हैं। ये अधिकारी जितने व्यावहारिक हैं उतना ही अपने कार्य को लेकर समर्पित भी हैं। 
 
कुंभ अधिष्ठान में अपर मेलाधिकारी के पद पर तैनात हैं। मेला प्रशासन और संतों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने में इनकी अहम भूमिका है। पेयजल निगम में अधिशासी अभियंता संतों की छावनी, सुरक्षा बलों के बनाए शिविर और यात्रियों को पेयजल सुविधा मुहैया कराने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हरिद्वार के सहायक नगर आयुक्त एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी हैं।

ऐसे में उनका ध्यान कूड़ा निस्तारण व्यवस्था को तकनीक के माध्यम से बेहतर बनाने पर है। डॉ. निशात मेला अस्पताल स्थित कोविड आइसोलशन सेंटर की नोडल अधिकारी भी हैं। कोविड काल शुरू होने के बाद से वे अब तक अपने घर नहीं गई हैं।

हरबीर सिंह, अपर मेलाधिकारी

कुंभ अधिष्ठान में अपर मेलाधिकारी के पद पर तैनात हैं। अखाड़ों के संत भी हरबीर सिंह के सरलता, मधुर व्यवहार और कार्य कुशलता के मुरीद है। संतों के साथ बैठक, पेशवाई, संतों को भूमि आवंटन, शिविरों में अवस्थापना कार्य सभी जगह इन्होंने ही मोर्चा संभाल रखा है। हाल में बैरागी संतों ने हरबीर सिंह के साथ अभद्रता की थी, लेकिन अभद्रता करने वाले संतों ने माला पहनकार सम्मानित भी किया।

मोहम्मद मिशम, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम

पेयजल निगम में अधिशासी अभियंता संतों की छावनी, सुरक्षा बलों के बनाए शिविर और यात्रियों को पेयजल सुविधा मुहैया कराने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सौम्य स्वभाव के मोहम्मद मिशम के पास पेयजल से जुड़ी हर समस्या का स्थायी और वैकल्पिक दोनों समाधान हैं। पानी की अस्थाई टंकियां, प्याऊ और बिना संपर्क का हैंडवाश सिस्टम इनके कार्य क्षेत्र का हिस्सा है।

तनवीर मारवाह, एसएनए, नगर निगम

हरिद्वार के सहायक नगर आयुक्त एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी हैं। मेला अधिष्ठान में पहली बार कूड़ा निस्तारण कंट्रोल रूम, जीपीएस से लैस कूड़ा वाहन, सीएनजी वाहनों का प्रयोग, क्यूआर कोड वाले कूड़ेदान और शौचालय की व्यवस्था में इनका बड़ा योगदान है। कुंभ मेला क्षेत्र 24 घंटे स्वच्छ रहे और यात्री अच्छा अनुभव लेकर जाएं। यही इनका संकल्प हैं।

डॉ. निशात अंजुम, माइक्रोबायोलाजिस्ट, मेला अस्पताल

डॉ. निशात मेला अस्पताल स्थित कोविड आइसोलशन सेंटर की नोडल अधिकारी भी हैं। मेला क्षेत्र में किसी भी यात्री के एंटीजन जांच में कोविड पॉजिटिव पाए जाने पर मेला अस्पताल स्थित आइसोलेशन सेंटर में भर्ती यात्री जांच आदि डॉ. निशांत अंजुम की जिम्मेदारी है। संक्रमित की परेशानी और सुविधाओं की फिक्र ही इनकी दिनचर्या है।

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