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हरिद्वार कुंभ मेला: अखाड़ों में कुंभ समाप्ति की घोषणा को लेकर विवाद शुरू, जानिए क्या कहना है बैरागी अणियों का

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हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा, श्री निरंजनी और आनंद अखाड़े के अपने-अपने अखाड़े में कुंभ की समाप्ति की घोषणा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तीनों बैरागी अणियों ने इस मामले में गहरी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि निरंजनी और आनंद अखाड़े की इस घोषणा से पूरे देश और विश्व में यह संदेश गया कि हरिद्वार कुंभ समाप्त हो गया, जबकि वास्तविकता यह नहीं है। उन्होंने कहा कि बैरागी अखाड़ों का शाही स्नान अभी बाकी है और कुंभ भी अभी चल रहा है।

बैरागी अणि, निर्वाणी अणि के अध्यक्ष श्री महंत धर्मदास ने शुक्रवार को बैरागी कैंप स्थित छावनी में पत्रकार वार्ता की। इस दौरान निरंजनी अखाड़ा और आनंद अखाड़ा पर नाराजगी जाहिर करते हुए श्री महंत रविंद्र पुरी और आनंद अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरि से सभी हिंदू धर्मावलंबियों से माफी मांगने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि इससे गलत संदेश गया है, जिससे बैरागी अणियों के अखाड़े और खालसों में गहरी नाराजगी है। इस मौके पर उनके साथ दिगंबर अणि के अध्यक्ष श्री महंत कृष्ण दास और निर्वाणी के अध्यक्ष श्री महंत राजेंद्र दास भी उपस्थित थे। इस दौरान निर्वाणी अणि की बैरागी कैंप स्थित छावनी में मौजूद मेला अधिकारी दीपक रावत और आइजी मेला संजय गुंज्याल ने संयुक्त रूप से कहा कि सरकार और मेला अधिष्ठान की ओर से कुल समाप्ति की ना तो कोई घोषणा की गई है और ना ही इसकी कोई तैयारी है।

उन्होंने कहा कि सरकार और मेला अधिष्ठान की ओर से 30 अप्रैल तक कुंभ की सारी व्यवस्था आयोजित की जाएगी और इस दौरान होने वाले रामनवमी के पर्व स्नान और 27 अप्रैल के चैत पूर्णिमा स्नान को दिव्य और भव्य तरीके से संपन्न कराया जाएगा।

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