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महाराष्ट्र के वन मंत्री संजय राठौर ने दिया इस्तीफा

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मुंबई। महाराष्ट्र के वन मंत्री संजय राठौर ने रविवार को इस्तीफा दे दिया है। संजय राठौर का कहना है कि उन्होंने एक महिला की मौत पर “गंदी राजनीति” के बाद राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने अपना त्यागपत्र सीएम उद्धव ठाकरे को दिया है। जिस तरह से विपक्ष चेतावनी दे रहा है कि वे विधानसभा सत्र को नहीं चलने देंगे, मैंने इससे खुद को दूर कर लिया है। मैं मामले में निष्पक्ष जांच चाहता हूं। गौरतलब है कि महिला की मौत के मामले में संजय राठौर से इस्तीफे की मांग की जा रही थी। भाजपा ने शनिवार को कहा था कि पुणे में एक महिला की मौत के मामले में घिरे महाराष्ट्र के वन मंत्री संजय राठौर को पद से हटाए जाने की मांग से वह पीछे नहीं हटेगी।
पार्टी ने अपनी नेता चित्रा वाघ के पति के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज करने के लिए राज्य सरकार की आलोचना भी की और बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया। चित्रा वाघ राज्य भाजपा की उपाध्यक्ष हैं और राठौर के महिला की मौत से कथित लिंक के मुद्दे पर वह काफी मुखर रही हैं। भाजपा पहले ही चेतावनी दे चुकी है कि अगर मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया तो वह एक मार्च से शुरू होने वाले राज्य विधानसभा के बजट सत्र को सुचारू रूप से चलने नहीं देगी।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘राठौर के इस्तीफे के अलावा हम कुछ और स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। हमने अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है और जब तक हमें उनका इस्तीफा नहीं मिल जाता पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठ विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।’ उन्होंने महिला की मौत मामले में पुणे में वनवाड़ी पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए। पाटिल ने कहा, ‘पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए। उसमें छिपाने के लिए क्या है?’ उन्होंने पूछा कि सरकार में साझीदार राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार इस मसले पर चुप क्यों हैं? आठ फरवरी को एक इमारत से गिरकर 23 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। पुलिस का कहना था कि वह आत्महत्या के एंगिल से मामले की जांच कर रही थी। महिला की मौत के बाद इस मामले से जुड़े कुछ आडियो क्लिप भी वायरल हो गए थे। यवतमाल से शिवसेना के नेता संजय राठौर ने इस बात से इनकार किया है कि उनका इस मौत से कोई लेना-देना है।
चित्रा वाघ के पति किशोर के खिलाफ पुलिस द्वारा नए मामले दर्ज किए जाने पर पाटिल ने कहा, ‘सरकार को हमें डराने दीजिए। हम अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे।’ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारी ने बताया कि मुंबई में एक अस्पताल में रिका‌र्ड्स लाइब्रेरियन के तौर पर काम करने वाले किशोर वाघ की 90.24 फीसद परिसंपत्तियां आय से अधिक हैं। यह मामला 2016 में दर्ज किया गया था। नासिक में पत्रकारों से बातचीत में चित्रा वाघ ने कहा, ‘जब मैंने मंत्री राठौर के खिलाफ आवाज उठाई तो मेरे पति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। लेकिन जब तक महिला को इंसाफ नहीं मिल जाता मैं चुप नहीं बैठूंगी।’ पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि किशोर वाघ के खिलाफ मामला 2016 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने दर्ज किया था। 2019 में विधानसभा चुनाव से पहले चित्रा वाघ राकांपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गई थीं।
भाजपा की महिला शाखा ने किया प्रदर्शन
वन मंत्री राठौर के इस्तीफे की मांग करते हुए महाराष्ट्र भाजपा की महिला शाखा ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए। इन विरोध प्रदर्शनों का आयोजन मुंबई, नवी मुंबई, ठाणे, नासिक, सिंधुदुर्ग, औरंगाबाद और अन्य शहरों के प्रमुख स्थानों पर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इन शहरों में मुख्य मार्गो को बाधित करने की कोशिश की।
पिता ने कहा, मौत पर बंद हो राजनीति
मृत महिला के पिता ने शनिवार को चेतावनी दी कि अगर उनकी बेटी की मौत पर राजनीति बंद नहीं हुई तो अपने परिवार के साथ आत्महत्या कर लेंगे। एक मराठी न्यूज चैनल से बातचीत में महिला के पिता ने कहा, ‘हम अपनी बेटी की मौत के सदमे से उबरने और आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन रोज कुछ नया सामने आ जाता है। मेरे परिवार को बदनाम करना बंद कीजिए। मेरी एक और बेटी है जिसकी भविष्य में शादी करनी है। अगर यह सब जारी रहा तो कौन उससे शादी करेगा? मेरे सामने दो विकल्प हैं। मैं अपनी बेटी के साथ अदालत के समक्ष आत्महत्या कर लूं या इस संबंध में मामला दर्ज कराऊं।’
राठौर के मामले में मुख्यमंत्री लेंगे फैसला: एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे ने शनिवार को कहा कि पार्टी सहयोगी और मंत्री संजय राठौर के मामले में जांच रिपोर्ट देखने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे फैसला करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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