Home राजनीती किसान आंदोलन : संपूर्ण क्रांति दिवस को लेकर आंदोलनकारियों के ऐलान से...

किसान आंदोलन : संपूर्ण क्रांति दिवस को लेकर आंदोलनकारियों के ऐलान से पुलिस-प्रशासन हुआ अलर्ट

8
0

बहादुरगढ़। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन के बीच अब पांच जून को संपूर्ण क्रांति दिवस मनाने और उस दिन आंदोलनकारियाें के ऐलान से पुलिस प्रशासन अलर्ट है। प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा के सांसदों-विधायकों के कार्यालयों के सामने कानून की प्रतियां जलाने का आंदोलनकारियों ने ऐलान कर रखा है।

हालांकि झज्जर जिले में भाजपा का फिलहाल कोई विधायक नहीं है, मगर आंदोलनकारियों की इस दिन क्या गतिविधि रहेगी, इस पर नजर टिकी हुई है। पिछले साल जून में ही कृषि से जुड़े तीन अध्यादेश लागू किए गए थे। बाद में इनको कानून की शक्ल मिली थी। आंदोलन को मई के आखिरी सप्ताह में ही छह महीने पूरे हो चुके हैं।

आंदोलन अब सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है। इस बीच वीरवार को भी टीकरी बॉर्डर पर सभा का दौर जारी रहा। पंजाब के किसान नेता बलविंदर सिंह लखोवाल ने कहा कि सरकार यह मान रही थी कि आंदोलन में किसानों की संख्या कम हो गई है पर यह आंदोलन दिन पर दिन तेजी से बढ़ रहा है। कल भी शाम को पंजाब से ट्रेन आई है। उस ट्रेन में भी बहुत किसान आए हैं। उन्होंने दावा कि आंदोलन में कोई भी कोरोना के कारण मौत नहीं हुई।

सरकार द्वारा आंदोलन को जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। इस आंदोलन में छह महीने का राशन लेकर आए थे। अभी तो हमारे पास और राशन पड़ा हुआ है। चाहे सरकार कुछ भी कर ले हम जीत कर ही वापस जाएंगे। वहीं कीर्ति किसान यूनियन नेता अमरजीत सिंह ने कहा कि किसानों व मजदूरों ने ही इस सरकार को चुना। अब पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।

कविता आर्य भी मंच पर लगातार सक्रिय

बंगाल की युवती से सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी कविता आर्य भी टीकरी बॉर्डर के मंच पर लगातार सक्रिय है। दो बार उससे पुलिस पूछताछ कर चुकी है। पीड़िता के पिता ने कविता आर्य को निर्दोष बताया था। इधर पुलिस ने कविता आर्य को क्लीन चिट तो नहीं दी है मगर उसकी भूमिका को लेकर भी किसी तरह का खुलासा नहीं किया है। खास बात यह है कि दुष्कर्म मामले में नामजद छह आरोपी में से अकेली कविता आर्य ही यहां मंच पर सक्रिय है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here