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मोदी की नकल के चक्कर में कहीं कांग्रेस को न डूबों दे राहुल

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  • पंजाब का असर पड़ेगा छत्तीसगढ़ और राजस्थान पर

नई दिल्ली ब्यूरो

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूरे मंत्रिमंडल समेत इस्तीफा दे दिया है। कैप्टन के इस इस्तीफे का असर कांग्रेस की छत्तीसगढ़ और राजस्थान की सरकार पर भी पड़ेगा। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राजस्थान में अशोक गहलोत पर इस्तीफे का दबाव बढ़ जाएगा। क्योंकि इन दोनों मुख्यमंत्रियों के खिलाफ बगावत के सुर तेज हैं।

पंजाब में छह महीने के अंदर विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस के पूर्व आलाकमान के इशारे पर कैप्टन को गद्दी छोडऩे के लिए विवश करना पार्टी को भारी पड़ सकता है। कैप्टन ने इस्तीफा देने के साथ ही इशारों ही इशारों में कांग्रेस छोडऩे की मंशा जता दी है। कैप्टन की जगह चुने जाने वाले कांग्रेस के नए मुख्यमंत्री को बमुश्किल चार महीने काम करने का मौका मिलेगा। ऐसे में नए मुख्यमंत्री कांग्रेस को कितनी मजबूती दे पाएंगे, यह तो समय ही बताएगा। इस मजबूती से ज्यादा कांग्रेस को कैप्टन और उनके समर्थकों की नाराजगी का सामना करना पड़ेगा। यह नाराजगी पंजाब में कांग्रेस के लिए कब्र खोदने का काम करेगी। ऐसे में कांग्रेस के हाथ से एक और राज्य खिसकने की पूरी संभावना है।

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कदमों से राहुल गांधी ज्यादा ही ओतप्रोत हो गए। गुजरात में भाजपा द्वारा उठाए गए कदमों का अनुसरण करते हुए राहुल गांधी ने बिना सोचे समझे इसे पंजाब में लागू कर दिया। गुजरात में नए मुख्यमंत्री को अपना काम दिखाने के लिए 15 महीने का वक्त मिला है। जबकि पंजाब में बमुश्किल से चार महीने का। इसके अलावा भाजपा राज्य और केंद्र दोनों जगह शक्तिशाली और जनता में अपनी पकड़ बनाए हुए है। जबकि कांग्रेस जनता से प्रतिदिन दूर ही होती जा रही है।

केंद्रीय कांग्रेस की ताकत इतनी कमजोर हो चुकी है कि कब पार्टी टूट जाए, कहा नहीं जा सकता। ऐसे में पंजाब में कैप्टन को हटाने का खामियाजा अन्य दो राज्यों में भी कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है। पंजाब से उत्साहित होकर छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी मुख्यमंत्री का विरोध करने वाले मुखर हो जाएंगे और उन्हें हटाने के लिए खुलकर मैदान में उतर आएंगे। ऐसे में कांग्रेस आलाकमान के पास अपनी सरकार बचाने के लिए मुख्यमंत्री को बदलने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा। फिर इन राज्यों में भी कांग्रेस की बोरिया बिस्तर बंधनी तय हो जाएगी।

पुराने कांग्रेस नेता एकजुट होकर राहुल का करेंगे विरोध

पंजाब की घटना के बाद कांग्रेस एक टूट की ओर अग्रसर हो सकती है। कांग्रेस के जी 23 ग्रूप फिर से सक्रिय हो जाएंगे। इस समूह में पुराने दिग्गज नेताओं की संख्या बढऩे की आशंका है। यह समूह संख्या बल में ताकतवर होते ही राहुल के पर कतरने की कवायद करेंगे। इसमें असफल होने पर अलग रास्ता अख्तियार कर सकते हैं। यह रास्ता कांग्रेस से अलग होने का भी हो सकता है। मौजूदा हालात में कांग्रेस में टूट की संभावना ज्यादा प्रबल होती दिख रही है।

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