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अशोक गहलोत का आलाकमान को संदेश- फिलहाल नहीं करेंगे वन-टू-वन मुलाकात, दिल्ली आना भी संभव नहीं

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जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस की गतिविधियां आज तेज रहीं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे अपनी-अपनी रणनीति बनाते रहे। सीएम गहलोत ने नया दांव खेलते हुए पायलट खेमे के साथ खींचतान में खुद को पर्दे के पीछे रखकर कई तरह की चालें चलीं। वहीं दूसरी तरफ मंत्रियों की लगाम कसने के लिहाज से मंत्रिमंडल सचिवालय और प्रशासनिक सुधार विभाग से मंत्रिपरिषद के सदस्यों का रिपोर्ट कार्ड मांगा है।

रिपोर्ट कार्ड मांगकर गहलोत ने मंत्रियों में संभावित फेरबदल का संदेश दिया कि उन्हें सीएम खेमे में ही रहना है। बुधवार को मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड मुख्यमंत्री के पास पहुंच गया। पायलट के साथ चल रही सियासी खींचतान के बीच सीएम ने चिकित्सकों की सलाह के नाम पर खुद को लंबे समय तक क्वारंटीन कर लिया है।

जिस तरह से आलाकमान और पायलट खेमा पिछले कुछ दिनों से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दबाव बना रहे थे, उसको देखते हुए गहलोत ने साफ संकेत दे दिया कि वे किसी दबाव में नहीं आएंगे। आलाकमान के कहने पर भी वे दिल्ली जाने को तैयार नहीं हैं। लंबे क्वारंटीन का मतलब है कि गहलोत पायलट और आलाकमान को ज्यादा तूल नहीं देते हुए बेफिक्री दिखा रहे हैं। उन्होंने साफ संकेत दिया कि वे ना तो मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे और ना ही विवाद निपटाने के लिए व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे।

सूत्रों के अनुसार प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने सीएम से बात कर बीच का रास्ता निकालने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि पोस्ट कोविड की बीमारियों से बचने के लिए चिकित्सकों की सलाह पर वे फिलहाल वन-टू-वन मुलाकात नहीं कर सकते।

गहलोत को बताया कलयुग का भगवान

इसी बीच पायलट के विश्वस्त विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने गहलोत को कलयुग का भगवान बताते हुए कहा कि जिस तरह अपनी मन्नत पूरी करने को लेकर लोग मंदिर में जाते हैं, वैसे ही हम बार-बार गहलोत से मंत्रिमंडल विस्तार की मांग कर रहे हैं। वे मौजूदा समय में भगवान हो रहे हैं। दो दिन पहले सीएम की तारीफ करने वाले विधायक इंद्रराज गुर्जर ने फिर पाला बदला और एक बयान में कहा कि पायलट कांग्रेस की ब्राण्ड बन गए हैं।

हर दिन चल रही नई चाल

आलाकमान और पायलट खेमे के दबाव से निपटने के लिए सीएम हर दिन नई चाल चल रहे हैं। एक दिन पहले उन्होंने पायलट खेमा छोड़कर आए 7वीं बार विधायक बने भंवरलाल शर्मा को मैदान में उतारकर कहलवाया कि पायलट को गहलोत को नेता मानना पड़ेगा। बसपा से कांग्रेस में शामिल होने वाले विधायकों से पायलट खेमे को गद्दार कहलवा दिया।

हालांकि पायलट खेमे के दो विधायकों ने इसका जवाब दिया और कहा कि जो लोग पार्टी बदलते हैं वे हम पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने ढाई साल में तीन पार्टी बदली है। सूत्रों के अनुसार बुधवार को सीएम की कई विधायकों से वर्चुअल बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने एकजुट रहने की सलाह दी।

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