Home » अतीक-अशरफ के ‘हत्यारों’ पर मंडरा रहा हमले का खतरा! नैनी जेल में हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया

अतीक-अशरफ के ‘हत्यारों’ पर मंडरा रहा हमले का खतरा! नैनी जेल में हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया

  • अतीक और अशरफ की हत्या के आरोपियों पर खतरा.
  • इन पर नैनी सेंट्रल जेल में हमला हो सकता है.
  • तीनों को हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया.
    प्रयागराज.
    माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के तीनों आरोपियों लवलेश तिवारी (22), मोहित उर्फ ​​सन्नी (23) और अरुण मौर्य (18) पर हमले का खतरा मंडरा रहा है. बताया जा रहा है कि इन तीनों पर नैनी सेंट्रल जेल में हमला हो सकता है. इसके कारण इन तीनों को हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया है. बताया जाता है कि अतीक अहमद के कई गुर्गे इस जेल में बंद हैं. इसी वजह से जेल प्रशासन ने तीनों आरोपियों को बिल्कुल अलग सेल में रखा है. अतीक अहमद का बेटा भी इसी जेल में बंद है. जिसके चलते पुलिस को आशंका है कि इसी जेल में बंद अतीक के गुर्गे इन तीनों आरोपियों पर हमला कर सकते हैं. जिस स्पेशल सेल में इन तीनों को रखा गया है, उस सेल में सीसीटीवी भी लगा हुआ है. गौरतलब है कि शनिवार की देर रात 62 वर्षीय अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को तीन हथियारबंद लोगों ने गोली मार दी थी. तब उन दोनों को यूपी के प्रयागराज में मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया जा रहा था. ये वारदात उस वक्त हुई, जब दोनों भाई मीडिया को बयान दे रहे थे. पुलिस और कैमरों के सामने दोनों माफिया ब्रदर्स को गोलियों से भून दिया गया. अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन भी उमेश पाल हत्याकांड में सह-आरोपी है. उनके पांच बेटे थे. जिनमें से एक असद को पिछले दिनों उसके एक सहयोगी गुलाम के साथ एक पुलिस ‘मुठभेड़’ में मारा दिया गया. अतीक अहमद पहली बार 1989 में राजनीतिक सुर्खियों में तब आया, जब वो इलाहाबाद (पश्चिमी) सीट से विधायक बना. अपने खौफ के बूते अतीक लगातार पांच बार इस सीट से जीतने में कामयाब रहा. अतीक अहमद 2004 में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा का चुनाव भी जीतने में भी सफल रहा था.

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