Home देश रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज से तीनों सेनाओं को मिले 478 नए अधिकारी

रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज से तीनों सेनाओं को मिले 478 नए अधिकारी

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  • सशस्त्र बलों में उच्च नेतृत्व वाली तमाम ​भूमिकाएं निभाने का किया आह्वान
  • ​वेलिंगटन ​कॉलेज से ​21 विदेशी मित्र देशों के 33 अधिकारी भी हुए​पास​आउट

नई दिल्ली। ​​रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन से 76वां स्टाफ कोर्स पूरा करके तीनों सेनाओं को 478 अधिकारी मिले हैं। इसमें ​​21 विदेशी मित्र देशों के 33 अधिकारी भी शामिल हैं। कॉलेज परिसर में स्नातकों के लिए हुए दीक्षांत समारोह में यह नए-नवेले सेना अधिकारी शामिल हुए। शेखोन ऑडिटोरियम में ​आयोजित दीक्षांत समारोह में पास​आउट अधिकारियों से सशस्त्र बलों में उच्च नेतृत्व वाली तमाम ​भूमिकाएं निभाने का आह्वान किया गया।​

​कोविड-19 महामारी के बावजूद इस कोर्स की योजना बनाई गई और बिना किसी बाधा के इसे सुगमता के साथ संपन्न किया गया। ​समारोह में कोविड-19 प्रोटोकॉल और अन्य एहतियाती उपायों का सख्ती से पालन किया गया। लेफ्टिनेंट जनरल एमजेएस केहलोन ने ​आर्मी के मेजर अभिजीत सिंह, नौसेना के कमांडर कपिल कुमार और भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर एसएन पोहारे को बेस्ट स्टूडेंट ऑफिसर की श्रेणी में मानेकशॉ मेडल से सम्मानित किया। घाना देश के लेफ्टिनेंट कर्नल एंथनी ब्रैमफॉर्ड ने बेस्ट इंटरनेशनल स्टूडेंड की श्रेणी में सदर्न स्टार मे​डल जीता। इस अवसर पर कमांडेंट ने ओडब्ल्यूएल मैगज़ीन के ताज़ा संस्करण का विमोचन किया।​ इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगिता श्रेणियों में विजेताओं को मेडल्स देकर सम्मानित किया​ गया​।​

स्टूडेंट ऑफिसर्स को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल केहलोन ने विश्वास व्यक्त किया कि​​पासआउट हुए अधिकारी ​रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज ​से मिले कौशल और व्यापक व्यावसायिक प्रशिक्षण का सदुपयोग करते हुए अधिक आत्मविश्वास और समर्पण के साथ सशस्त्र बलों में उच्च नेतृत्व वाली तमाम भूमिका निभाएंगे।​ उन्होंने कहा कि ते​जी से बदलती युद्ध की प्रकृति के मद्देनजर ऑफिसर्स को भविष्य में अपने पेशेवर जीवन के हर मोड़ पर नई चीजें सीखने और आगे बढ़ने की ​जरूरत है, ऐसे में ऑफिसर्स को न केवल पारंपरिक युद्ध, बल्कि ग्रे जोन युद्ध और नॉन-काइनेटिक युद्ध की बारीकियों को भी समझने की जरूरत है। उन्होंने ​जोर देते हुए कहा कि भारत को ऐसे अधिकारियों की जरूरत है जो निःस्वार्थ भाव से राष्ट्र की सेवा में पूरी तरह से समर्पित हों।

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