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बंगाल में प्रचार से दूर रहने का निर्णय एक बहाना है : प्रसाद

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KOLKATA, APR 19 (UNI) Union Cabinet minister of Law & Justice Ravi Shankar Prasad addressing a press conference in Kolkata on Monday.. UNI PHOTO VKY 1 u

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पश्चिम बंगाल में चुनावी रैलियां कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बीच निलंबित करने के उनके निर्णय को लेकर मखौल उड़ाया और इसे हार को देखते हुए एक ‘बहाना करार दिया। केंद्रीय कानून मंत्री ने ममता बनर्जी सरकार पर भी निशाना साधा और उसे ‘कुशासन, भ्रष्टाचार और (मुस्लिम) तुष्टिकरण का प्रतीक बताया। प्रसाद ने कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार से दूर रहने के गांधी के फैसले की ओर इशारा करते हुए एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘यह एक बहाना है, क्योंकि कैप्टन ने पाया कि उसका जवाज डूब रहा है।
ऐसे में जब इसको लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं कि चुनावी रैलियां कोविड-19 संक्रमण फैलाने के कार्यक्रम बन रही हैं, प्रसाद ने कहा कि केंद्र इस बीमारी से निपटने के लिए सबकुछ कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘तृणमूल कांग्रेस कोविड-19 प्रबंधन के बारे में बहुत सी बातें कह रही है। क्या ममता जी ने कोविड-19 को लेकर प्रधानमंत्री के साथ सभी मुख्यमंत्रियों की बैठकों में भाग लिया? जवाब नहीं है। उन्होंने कहा, ‘चुनाव एक संवैधानिक दायित्व है जिसे चुनाव आयोग द्वारा निभाया जाता है। हम चुनाव आयोग द्वारा दिए गए सभी दिशानिर्देशों का पालन करेंगे। बिहार में भी, कोविड-19 के बीच चुनाव आगे बढ़े थे। चुनाव की प्रक्रिया तय करने का एकमात्र प्राधिकार चुनाव आयोग है।


उन्होंने साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि कोविड-19 का मुकाबला करने में राज्यों की जरूरतों को पूरा करने में केंद्र द्वारा कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का ऑक्सीजन का कोटा दूसरे राज्यों में भेज दिया गया। प्रसाद ने राज्य में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ”पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार कुशासन, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की प्रतीक है।

उन्होंने कहा, ”ममता जी प्रत्येक बीतते दिन के साथ अधिक हताश हो रही हैं। आदर्श आचार संहिता लागू होने के दिन से, किसी भी मुख्यमंत्री ने केंद्रीय बलों का घेराव करने के लिए नहीं कहा। सुरक्षा बल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग के प्राधिकार का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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