Home देश एनसीईआरटी की किताबों में पूर्वोत्तर के बारे में भी पढ़ाएं, ट्विटर पर...

एनसीईआरटी की किताबों में पूर्वोत्तर के बारे में भी पढ़ाएं, ट्विटर पर मांग कर रहे स्टूडेंट्स

13
0

गुवाहाटी। पूर्वोत्तर भारत में कई छात्र संगठन और देशभर में फैले क्षेत्र के छात्रों के यूनियन शुक्रवार को ट्विटर पर एक मुद्दा उठाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की पाठ्यपुस्तकों में इस क्षेत्र के बारे में अध्याय शामिल करने की मांग की जा रही है। क्षेत्र के लोगों के प्रति नस्लवाद को समाप्त करने और पूर्वोत्तर के बारे में जागरूकता बढ़ाने के अभियान के रूप में, इस कदम को नागरिक समाज समूहों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबंधित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई का भी समर्थन प्राप्त है।

यह कदम पंजाब के एक युवक पारस सिंह द्वारा यू-ट्यूब पर हाल ही में पोस्ट किए गए एक वीडियो की प्रतिक्रिया है, जिसमें उसने अरुणाचल प्रदेश के कांग्रेस विधायक निनॉन्ग एरिंग के खिलाफ नस्लवादी टिप्पणी की थी। अपने वीडियो में, पारस जिसके यूट्यूब पर पांच लाख सब्सक्राइबर्स हैं ने कहा था कि पूर्व लोकसभा सांसद एरिंग भारतीय की तरह नहीं दिखते हैं और यहां तक कि उनका नाम भी विदेशी लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि अरुणाचल प्रदेश के लोग भी भारतीयों की तरह नहीं दिखते हैं और यह राज्य शायद चीन का हिस्सा है।

नॉर्थ-ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी दिल्ली यूनिवर्सिटी के ऑफिस बियरर, हेंगम रीबा ने कहा, “अपमानजनक टिप्पणियों की वजह से हममें से कई लोगों ने एनसीईआरटी की किताबों में पूर्वोत्तर पर अध्याय शुरू करने के लिए एक अभियान शुरू करने के बारे में सोचा ताकि शेष भारत के लोग हमारे, हमारे इतिहास, संस्कृति आदि के बारे में जान सकें।” वहीं, घटना के बाद अरुणाचल प्रदेश सरकार ने पारस के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और उसे पंजाब में गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उसे पूर्वोत्तर राज्य लाया गया और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में है।

साल 2014 में दिल्ली में अरुणाचल प्रदेश के 19 वर्षीय निदो तानिया की हत्या के बाद गठित एमपी बेजबरुआ समिति ने एनसीईआरटी की किताबों में पूर्वोत्तर के इतिहास और संस्कृति को शामिल करने की सिफारिश की थी। हैशटैग #NortheastMatters और #AchapterforNE के साथ शुक्रवार को शाम 6:00 बजे से 8:00 बजे के बीच ट्विटर पर काफी ट्वीट्स किए जाने का फैसला किया गया है। हर ट्वीट में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक आदि को टैग किया जाना है, ताकि इसे ज्यादा-से-ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here