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मुंबई में वसूली मामला : देशमुख को बचाने मैदान में उतरे पवार

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  • देशमुख के अस्पताल में भर्ती होने के सबूत की भाजपा ने खोली पोल

नई दिल्ली, ब्यूरो

महाराष्ट्र में मची सियासी भूचाल की धमक देश की राजधानी दिल्ली पहुंच गई है। संसद के अंदर और बाहर भी इसकी गहमागहमी देखने को मिली। संसद में भाजपा ने गृहमंत्री अनिल देशमुख का इस्तीफा मांगते हुए प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। वहीं संसद के बाहर अनिल देशमुख के बचाव में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने देशमुख का बचाव करते हुए अस्पताल में भर्ती होने के सबूत पेश किए, लेकिन इस दौरान ही भाजपा ने पवार के सबूतों की पोल पट्टी खोल दी।

भाजपा ने अनिल देशमुख द्वारा 15 फरवरी को किए गए प्रेस कांफ्रेंस का वीडियो जारी कर दिया। यह भी ठीक उसी समय जिस समय शरद पवार 5 फरवरी से 15 फरवरी तक कोरोना की वजह से अनिल देशमुख अस्पताल में भर्ती होने का सबूत पेश कर रहे थे। जब पवार से इस प्रेस कांफ्रेंस की बात पूछी तो उनके पास कोई ठोस जबाव नहीं था। उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि उनके पास जो अस्पताल के कागजात है वह दिखा रहे हैं। दरअसलमुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की चि_ी के बाद से महाराष्ट्र में सियासी भूचाल आ गया है और भाजपा ने महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के इस हमले को कुंद करने के लिए पवार ने आज मीडिया के सामने दलीलें पेश की। पवार ने कहा कि अनिल देशमुख और सचिन वझे के बीच बातचीत के आरोप गलत हैं, क्योंकि फरवरी महीने में देशमुख अस्पताल में भर्ती थे। उन्होंने अनिल देशमुख के अस्पताल में भर्ती होने का पर्चा भी दिखाया और कहा कि कोरोना वायरस की संक्रमण की वजह से वह 5 से 15 फरवरी तक नागपुर के अस्पताल में भर्ती थे। इसके बाद 16 फरवरी से 27 फरवरी तक वह होम आइसोलेशन में थे। इसलिए मुलाकात की संभावना भी नहीं हो सकती है। ऐसे में अनिल देशमुख के इस्तीफे का सवाल नहीं उठता है। उन्होंने कहा कि परमबीर सिंह के आरोपों से महाराष्ट्र सरकार पर कुछ असर नहीं पड़ेगा।

मालवीय ने जारी किया देशमुख के प्रेस कांफ्रेंस का वीडियो

शरद पवार के दौरान ही भाजपा ने उनके दावों को झूठा वताया। भाजपा आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने अनिल देशमुख का एक वीडियो रीट्वीट किया, जिसमें वह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं।

सीबीआई जांच के लिए परमबीर सिंह पहुंचे सुप्रीमकोर्ट

मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर खुद के होमगार्ड विभाग में तबादले को अवैध बताया है। इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे अपने पत्र में राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोपों की सीबीआई से जांच करवाने की भी मांग की है।

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