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बालासोर से रेलवे की शुरू हुई आवाजाही, कम नहीं हो रही सियासी खटपट

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तीन दिनों तक लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर बालासोर में रेलवे की आवाजाही को सुनिश्चित करने का काम किया। रेल मंत्री की मौजूदगी और काम कर रहे रेलवे मजदूरों और कर्मचारियों के परिणामस्वरूप रविवार की रात को इस ट्रैक से पहली ट्रेन 11 बजे के करीब चल पड़ी। इस दुर्घटना में घायलों के इलाज की भी सरकार द्वारा पल—पल जानकारी ली जा रही है। रेलवे घायलों को इलाज के बाद घर पहुंचाने का जिम्मा उठाया है। साथ ही इस दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वालों का शव उनके घर तक पहुंचाने का भी काम रेलवे करेगी। लेकिन इसी बीच दुर्घटना के एक दिन बाद से ही इसको लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। विपक्ष के कई राजनीतिक दलों ने इसके लिए केंद्र सरकार को सीधे दोषी ठहरा दिया है। कांग्रेस ने तो इस दुर्घटना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ही सवाल पूछा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि रेलवे को बुनियादी तौर पर मजबूत करने की बजाय खबरों में बने रहने के लिए ऊपरी तौर पर ही बदलाव किए जा रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर आरोप लगाया कि लगातार गलत फैसलों के कारण रेल का सफर असुरक्षित बन गया है। उन्होंने सीबीआई जांच को लेकर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जब रेल मंत्री कह चुके हैं कि ओडिशा रेल हादसे का मूल कारण पता चल गया है, ऐसे में सीबीआई जांच की मांग क्यों की जा रही है। खड़गे ने इस बाबत चार पेज का एक पत्र भी लिखा है। इसमें उन्होंने रेलवे में रिक्तियों को न भरे जाने, लोको पायलट पर ज्यादा काम का दबाव होने समेत तमाम सवाल किए हैं। उन्होंने कहा है कि रेलवे में तीन लाख पद खाली हैं। पूर्व तट रेलवे में जहां ये दुर्घटना हुई है, वहां भी 8278 पद खाली हैं। खरगे ने आरोप लगाया कि रेलवे में कई वरिष्ठ पदों पर भी नियुक्ति नहीं की गई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि बीते 9 वर्षों में सरकार ने इन रिक्तियों को क्यों नहीं भरा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि 8 फरवरी 2023 को मैसूर में हुए हादसे के बाद दक्षिण पश्चिम जोन रेलवे के संचालन अधिकारी ने रेलवे के सिग्नल सिस्टम को दुरुस्त करने की जरूरत बताई थी। लेकिन उस चेतावनी को रेल मंत्रालय ने दरकिनार किया है। रेलवे बोर्ड खुद इस बात को स्वीकार कर चुका है कि लोको पायलट्स पर काम का दबाव ज्यादा है। कर्मचारियों की कमी की वजह से उन्हें कई घंटे अतिरिक्त काम करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोको पायलट रेल सुरक्षा के लिए अहम होते हैं। ऐसे में उनकी रिक्तियां क्यों नहीं भरी जा रहीं, प्रधानमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि रेलवे के महज 4 प्रतिशत रूट ही कवच सिस्टम से लैस हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि अभी तक रेलवे को पूरी तरह से कवच सिस्टम से लैस क्यों नहीं किया है।

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