Home खास ख़बरें टीएमसी नेताओं के हाउस अरेस्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची सीबीआइ

टीएमसी नेताओं के हाउस अरेस्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची सीबीआइ

18
0

नई दिल्ली । नारद स्टिंग केस में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के चार नेताओं के हाउस अरेस्ट के खिलाफ सीबीआइ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। साथ ही सीबीआइ ने कलकत्ता हाइकोर्ट की आज की कार्रवाई टालने की मांग की है। हाइकोर्ट में टीएमसी नेताओं की जमानत पर बड़ी बेंच सुनवाई करेगी। गौरतलब है कि नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में गिरफ्तार नेताओं जमानत की अर्जी पर सुनवाई के दौरान शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों में मतभेद दिखा। इसके कारण कोर्ट ने गिरफ्तार नेताओं को घर में ही नजरबंद करने का आदेश दिया। शुक्रवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अध्यक्षता वाली पीठ में सीबीआइ की विशेष अदालत की ओर से मंत्री सुब्रत मुखर्जी, मंत्री फिरहाद हकीम, तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा और कोलकाता के पूर्व महापौर शोभन चटर्जी को दी गई जमानत पर रोक लगाने को लेकर मतभेद था। इस पीठ में न्यायमूर्ति अरिजित बनर्जी भी हैं, जिन्होंने जमानत देने का समर्थन किया। वहीं दूसरी तरफ कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल ने इसका विरोध किया। अंतत: पीठ ने आरोपित नेताओं को घर पर नजरबंद रखने का निर्देश दिया। पीठ ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति अरिजित बनर्जी के बीच मतभेद के मद्देनजर मामले को पांच सदस्यीय बड़ी पीठ में भेजने का भी फैसला किया है। इसमें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल, न्यायमूर्ति अरिजित बनर्जी, न्यायमूर्ति इंद्रप्रसन्न मुखर्जी, न्यायमूर्ति हरीश टंडन तथा न्यायमूर्ति सौमेन सेन शामिल हैं। फिलहाल नजरबंद बंगाल सरकार के मंत्री फिरहाद हकीम घर से वर्चुअली कामकाज कर रहे हैं। कोलकाता के पूर्व महापौर शोभन चटर्जी भी घर पर नजरबंद हैं, जबकि मंत्री सुब्रत मुखर्जी तथा तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा अस्पताल में भर्ती हैं। उल्लेखनीय है नारद स्टिंग ऑपरेशन टेप मामले में सीबीआइ ने इन चारों नेताओं को गिरफ्तार किया था। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के चारों नेताओं को जमानत देने के फैसले पर रोक लगा दी थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here