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बेटे के साथ निकली मां की अर्थी, एक साथ हुआ अंतिम संस्कार, बंगाल में मॉब लिंचिंग में शहीद हुए थे किशनगंज के टाउन थानाध्यक्ष

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  • सदमे में मां की भी हो गई थी मौत

किशनगंज पूर्णिया। ईश्वर की लीला देखिये जिस मां ने बेटे को जन्म दिया उसी बेटे के साथ मां भी चल बसी। शुक्रवार की देर रात बंगाल में भीड हिंसा के शिकार किशनगंज के टाउन थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार के जानकीनगर स्थित पांचू मंडल टोला में घर पर ऐसा ही नजारा था। दिवंगत थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार के साथ उनकी मां उर्मिला देवी की भी अर्थी सजी। निधन के बाद होने वाले संस्कार भी एक साथ हुए और एक साथ चिता भी जली। यह दृश्य देखकर हर किसी का कलेजा चाक हो रहा था।

एक तरफ विलाप करती पत्नी व बच्चे तो दूसरी तरफ विलाप करते भाई व बहन, सगे संबंधियों को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गयी थी। जिस दिन दिवंगत थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की हत्या हुई उस दिन उनकी मां उर्मिला देवी अपने घर से सात किमी दूर अपने मायके रामपुर तिलक में थीं। वे अपने भाई की बरसी में गयी थीं, वहीं उनकी तबीयत खराब हो गयी जिस कारण मायके में ही रह गयी थी।

दिवंगत थानाध्यक्ष का पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर पर पहुंचने से पूर्व उनकी मां को सूचना दी गयी और उन्हें मायके से दोपहर में वापस लाया गया। घर में बेटे का पार्थिव शरीर पड़ा रहने के बाद भी मां को बेटे का अंतिम चेहरा रात में इसलिए नहीं दिखाया गया कि बीमार मां के साथ भी अनहोनी न हो जाए। इसके बाद परिजन रविवार की सुबह उन्हें बेटा के पार्थिव शरीर के पास ले गए। मां ने जैसे ही बेटे का चेहरा देखा कि उनके भी प्राण निकल गए। इसके बाद तो घर में और भी कोहराम मच गया। घर के नाते-रिश्तेदारों के अलावा आसपास के लोगों सहित जिसने भी यह बात सुनी हर कोई स्तब्ध रह गया। जिस जानकीनगर के पांचू मंडल टोला के इस घर में खुशियों के दिन चल रहे थे, उस टोला में शनिवार व रविवार का दिन मातम में बदल गया। रविवार दोपहर बाद एक साथ घर से दो अर्थियां निकली और दोनों को पंचतत्व में विलीन कर दिया गया।

चारों जिले के पुलिसकर्मी एक दिन का वेतन देंगे शहीद के परिजन को

पूर्णिया, अररिया, कटिहार और किशनगंज जिले के सभी पुलिसकर्मी एक दिन का वेतन शहीद के परिजन को देंगे। इसको लेकर पूर्णिया प्रक्षेत्र के आईजी सुरेश चौधरी ने बताया कि सभी की सहमति से सभी पुलिस कर्मियों द्वारा 1 दिन का वेतन सहित इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार के परिजन को देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसकी रकम 50 लाख से अधिक हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद से पुलिस महकमा मर्माहत है और पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए खुद गए थे। उन्होंने बताया कि इस मामले में जो भी कानूनी कार्रवाई होगी आरोपियों के खिलाफ किया जाएगा। वह लगातार पश्चिम बंगाल की पुलिस से संपर्क में है और इसमें किसी भी तरह की कोई कोताही नहीं बरती जा रही है।

मुख्य आरोपी को इजराइल को पुलिस ने किया गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल की पुलिस ने मॉब लिंचिंग के मुख्य आरोपी मो इजराइल आलम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है । इसकी पुष्टि पूर्णिया प्रक्षेत्र के आईजी सुरेश प्रसाद चौधरी ने भी की है। आईजी ने बताया कि मो इजराइल ने भीड़ को उकसाया था और उनके कहने पर ही भारी संख्या में भीड़ जुटी थी। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस के द्वारा कई जगहों पर छापेमारी की गई है । और इनमें से आधे दर्जन से अधिक नामजद अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। उन्होंने बताया कि किशनगंज पुलिस जल्द ही सभी को किशनगंज लाने को लेकर पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क करेगी। इसमें जो भी कानूनी अड़चनें हैं वे दूर की जाएंगी।

पटना में पत्नी व बच्चे रहकर करते थे पढ़ाई

दिवंगत थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार का परिवार पटना स्थित फ्लैट में रहता था। गांव में मां व भाई सहित अन्य रिश्तेदार रहते थे। इनकी पत्नी मीनू स्नेहलता, बड़ी बेटी नैनसी व छोटी ग्रेनसी के साथ छोटा बेटा भी पटना में ही रहता था। बेटी की पढ़ाई-लिखाई भी वहीं चल रही थी। परिजनों की मानें तो दिवंगत थानाध्यक्ष की पहली पोस्टिंग शेखपुरा एसटीएफ में हुई थी। इसके बाद वे सीआईडी पटना में भी पदस्थापित रहे। इसी दौरान उन्होंने पटना में फ्लैट लिया था जहां उनकी पत्नी व बच्चे रहते हैं। किशनगंज पोस्टिंग से पूर्व वे अररिया जिले में थे। रानीगंज के थानाध्यक्ष के पद पर भी कार्य किया। लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस किशनगंज थाना की वो कमान संभाल रहे हैं वह उनकी आखिरी पोस्टिंग साबित होगी।

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