Home देश आठ से 10 साल तक तेल को जीएसटी में लाना संभव नहीं

आठ से 10 साल तक तेल को जीएसटी में लाना संभव नहीं

47
0
  • राज्यसभा में भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा


नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल के दाम के बीच राज्यसभा में भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आठ से 10 साल तक पेट्रोल व डीजल को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाना संभव नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे राज्यों को दो लाख करोड़ रुपये का नुकसान होगा। इससे पहले मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि जीएसटी परिषद की अगली बैठक में पेट्रोल, डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के सुझाव पर चर्चा होगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त विधेयक 2021 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा था कि पेट्रोल, डीजल पर केंद्र के साथ-साथ राज्यों में भी कर लगाया जाता है। वहीं केंद्र सरकार अपने कर संग्रह में से राज्यों को भी उनका हिस्सा देती है। बुधवार को सुशील कुमार मोदी ने उच्च सदन में वित्त विधेयक, 2021 पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों पर केंद्र और राज्यों को सामूहिक रूप से पांच लाख करोड़ रुपये मिलते हैं। मोदी का यह बयान बेहद अहम है क्योंकि बीते दिनों पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आसमान छुआ।

24 दिन के बाद बुधवार को सरकारी तेल कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ है। डीजल 17 और पेट्रोल 18 पैसे सस्ता हुआ है, लेकिन तेल की कीमत अब भी बहुत ज्यादा है। आम लोग और विपक्ष इसका विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उच्च टैक्स की वजह से देश में तेल की कीमत अधिक है।

Previous articleजंगी बेड़े में चीता की जगह लेगा स्वदेशी एलयूएच, वायुसेना की 40 साल सेवा करने वाले चीता हेलीकॉप्टर की अब होगी विदाई
Next articleबड़ा हादसा: स्कूल से लौट रहे 6 बच्चों को इनोवा ने कुचला, 5 की मौत; टक्कर से 2 बच्चे उछलकर खेत में जा गिरे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here