भारत में जनवरी के अंत तक दैनिक कोविड-19 मामलों के 3 लाख से नीचे जाने की संभावना: कैम्ब्रिज ट्रैकर

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नई दिल्ली. यूके के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय द्वारा विकसित कोविड-19 महामारी के आंकड़ों पर नजर रखने वाला एक ट्रैकर, जिसे कैम्ब्रिज ट्रैकर नाम दिया गया है, ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा कि भारत 24 जनवरी को तीसरी लहर के चरम पर पहुंच जाएगा और जनवरी के अंत तक, रिपोर्ट किए गए दैनिक मामलों की संख्या 3 लाख से नीचे होगी. 18 जनवरी को, जब यह रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी, उस वक्त वैश्विक आर-वैल्यू 1.1 पर था, जो रोग के फैलने की रफ्तार में गिरावट की प्रवृत्ति को दर्शाता है. बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, झारखंड, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में दैनिक मामले स्पष्ट रूप से अपने चरम को पार कर चुके हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि इन राज्यों में कोरोना के बढ़ने की रफ्तार एक से नीचे है और दैनिक विकास दर नकारात्मक है. रिपोर्ट के अनुसार, इस सप्ताह के भीतर चंडीगढ़, गुजरात, हरियाणा, मिजोरम, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के दैनिक मामले चरम पर होने की उम्मीद है. जनवरी के अंत तक तमिलनाडु और मध्य प्रदेश में कोरोना मामलों के चरम पर पहुंचने की संभावना है.
इन राज्यों का आर-वैल्यू एक से अधिक
केरल में फिलहाल कोरोना अपने चरम पर नहीं पहुंचा है, जहां कोविड-19 की दैनिक विकास दर 21% पर यानी अपने स्थायित्व बिंदू के करीब पहुंच रही है. जैसा कि 18 जनवरी को अनुमान लगाया गया था, जिन राज्यों का आर-वैल्यू 1 से अधिक है, उनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मेघालय, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड शामिल हैं.
क्या होती है आर-वैल्यू
आर वैल्यू से संकेत मिलता है कि कोविड-19 महामारी कितनी तेजी से फैल रही है. रिप्रोडक्शन संख्या या आर वैल्यू इंगित करती है कि एक संक्रमित व्यक्ति औसतन और कितने लोगों को संक्रमित कर रहा है. दूसरे शब्दों में कहा जाए तो यह बताता है कि वायरस कितने प्रभावी तरीके से बढ़ रहा है. आर वैल्यू अगर एक से नीचे होती है तो अभिप्राय है कि संक्रमण धीरे-धीरे फैल रहा है, जबकि एक से अधिक होने का अभिप्राय है कि प्रत्येक संक्रमित संक्रमण फैला रहा है और इसे महामारी का चरण कहा जाता है.
देश में 235 दिन में कोविड-19 के सर्वाधिक उपचाराधीन मरीज
भारत में शुक्रवार को एक दिन में कोविड-19 के 3,47,254 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,85,66,027 हो गई. संक्रमण के कुल मामलों में कोरोना वायरस के ‘ओमिक्रॉन’ स्वरूप के 9,692 मामले भी शामिल हैं. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह आठ बजे जारी किए गए अपडेट आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 20,18,825 हो गई है, जो कुल मामलों का 5.23 प्रतिशत है. देश में 235 दिन में उपचाराधीन मरीजों की यह संख्या सर्वाधिक है.
ओमिक्रॉन’ मामलों में 4.36 प्रतिशत की वृद्धि
मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 94,774 की वृद्धि दर्ज की गयी. वहीं, 703 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,88,396 हो गई. देश में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर घटकर 93.50 प्रतिशत हो गई है. मंत्रालय ने बताया कि देश में बृहस्पतिवार से ‘ओमिक्रॉन’ स्वरूप के मामलों में 4.36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.

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