हरियाणा की शनन ढाका बनी देश की पहली महिला एनडीए बैच की टॉपर

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स्वदेश डेस्क ( विशाखा धारे ) नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पिछले साल भारत सरकार ने एनडीए की परीक्षा में लड़कियों के प्रवेश की अनुमति दी थी। इसके बाद लिखित परीक्षा 14 नवंबर 2021 को आयोजित की गई। साल 2021 में पहली बार जब देश की लड़कियों को एनडीए की परीक्षा में शामिल होकर देश का गौरव बढ़ाने का मौका मिला। वहीं इस मौके ने फौज में जाकर देश की सेवा करने का सपना देख रही लड़कियों ने इसे हकीकत में बदल डाला। कुछ ऐसा ही सपना हरियाणा के रोहतक जिले के सुडाना गांव की रहने वाली 19 साल की शनन ढाका ने भी देखा था जो आज हकीकत में बदल गई हैं । आपको बता दे कि शनन ढाका ने देश की पहली महिला एनडीए बैच की परीक्षा में टॉप किया है । शनन ढाका ने इस परीक्षा में ओवरऑल 10 वी रैंक हासिल की है । वहीं देशभर से कुल 51 लड़कियों का चयन हुआ है। जिसमें से केवल 19 लड़कियों को ही सेना में जाकर देश की सेवा करने का मौका मिलेगा ।

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शनन ढाका ने बताया उन्हें देश की पहली महिला फाइटर पायलट भावना कांत से मिली प्रेरणा

शनन ने बताया कि जब वो 10 वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी तभी उनके स्कूल में देश की पहली महिला फाइटर पायलट भावना कांत आईं थीं। तब उन्हें लगा कि मैं भी देश में महिलाओं का नाम रोशन कर सकती हूं और देश की सेना का हिस्सा बन सकती हूं। तब स्कूल में मैॆने उनका इंटरव्यू लिया और डिफेंस से जुड़े कई सवाल पूछे थे उस वक्त मेरी उनसे जो बातचीत हुई उससे मैं काफी प्रेरित हुई हुई थी।

बचपन से फैजी परिवेश में पली-बढ़ी शनन की देश सेवा के लिए आर्मी बनना रहा सपना

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शनन ढाका बचपन से आर्मी कैंपस में पली-बढ़ी दादा रिटायर्ड सूबेदार चंद्रभान ढाका आर्मी में रहे। पिता विजय कुमार आर्मी से नायब सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए और उनकी बड़ी बहन जोनून ढाका मिलिट्री में नर्सिंग अफसर के पद पर तैनात है। शनन ढाका कहती है कि हमेशा यही देखा की आर्मी की यूनिफॉर्म हमें सिर्फ सम्मानित ही महसूस नहीं कराती, बल्कि एक जिम्मेदारी का भी अहसास कराती है। घर में जब भी अपने दादा या पापा को यूनिफॉर्म में देखती तो हमेशा यही सोचती मुझे भी की मुझे भी यही काम करना है। देश की सेवा करनी है और आर्मी में जाना है।

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