ओडिशा, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती तूफान के पहुंचने की आशंका, देश के कई हिस्सों में होगी भारी बारिश

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दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे क्षेत्र के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है. एक दिसंबर तक और तेज होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना है.
एक चक्रवाती तूफान के शनिवार की सुबह आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंचने का अनुमान है. महाराष्ट्र तट पर एक कम दबाव के क्षेत्र से भारत के पश्चिमी तट और उत्तरी महाराष्ट्र और गुजरात में बुधवार से बारिश होने की संभावना है. इसी तरह, दक्षिण थाईलैंड पर कम दबाव 4 दिसंबर को पूर्वी तट पर एक चक्रवाती तूफान के रूप में उभरने की संभावना है. पहले से ही बारिश और बाढ़ से प्रभावित पूर्वी तट पर और अधिक बारिश होने की संभावना है, क्योंकि मंगलवार को दक्षिण थाईलैंड और पड़ोस में कम दबाव बना हुआ है और बुधवार तड़के तक अंडमान सागर में उभरने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों में इसके बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में चक्रवाती तूफान का रूप लेने की आशंका है. उसके बाद इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने, और सघन होने और चार दिसंबर, शनिवार की सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश-ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंचने की संभावना है.
गुजरात समेत उत्तरी कोंकण में भारी और व्यापक बारिश की संभावना
आईएमडी के अनुसार, गुजरात और उत्तरी कोंकण में भारी और व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि हरियाणा, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 और 2 दिसंबर को छिटपुट वर्षा होने की संभावना है. पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान के कई इलाकों में आगामी दो-तीन दिन में मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है. मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार दक्षिणी अंडमान सागर में आगामी 12 घंटों में कम दबाव के क्षेत्र के बनने की संभावना है. साथ ही राज्य में एक दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के भी सक्रिय होने की संभावना है. आईएमडी ने गुजरात में किसानों को रबी की फसल की बोवाई नहीं करने और अनाज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की सलाह दी है. साथ ही प्रभावित जिलों के किसानों को पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है ताकि खेतों में पानी नहीं भर पाए. पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह किसानों को दी गयी है.

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