Home देश महाराष्ट्र के पुलिस विभाग में ट्रांसफर कराते हैं दलाल, इंटेलीजेंस आयुक्त की...

महाराष्ट्र के पुलिस विभाग में ट्रांसफर कराते हैं दलाल, इंटेलीजेंस आयुक्त की रिपोर्ट पर कार्रवाई की बजाय उन्हें ही हटा दिया

16
0
  • राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगाए आरोप
  • महाराष्ट्र के इंटेलिजेंस विभाग में आयुक्त रह चुकीं रश्मि शुक्ला के पत्र का किया जिक्र
  • 6 जीबी सबूत सौंपकर फडणवीस ने की मामले की सीबीआई जांच की मांग


मुबई। महाराष्ट्र की सियासत में उबाल बढ़ता जा रहा है। एंटीलिया के बाहर एसयूवी में विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद सचिन वाझे की गिरफ्तारी और मुंबई के पुलिस आयुक्त पद से परमबीर सिंह को हटाए जाने से शुरू हुआ घमासान अब निर्णायक मोड़ की ओर है। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख की मुश्किलें और बढ़ा दीं। उन्होंने आईपीएस रश्मि शुक्ला के पत्र का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र में ट्रांसफर-पोस्टिंग रैकेट चलने व बड़े नेताओं व अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया। रश्मि शुक्ला का जिक्र किया वह अभी सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) में सहायक महानिदेशक हैं। इससे पहले वह महाराष्ट्र के इंटेलिजेंस विभाग में आयुक्त रह चुकी हैं। परमबीर सिंह व रश्मि शुक्ला दोनों 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। रश्मि शुक्ला ने पिछले साल लिखे पत्र में पुलिस के कुछ बड़े अफसरों और अन्य अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के रैकेट में शामिल होने का दावा किया था। पत्र के साथ सबूत के तौर पर रश्मि शुक्ला ने फोन रिकॉर्डिंग होने का भी दावा किया था

25 अगस्त 2020 को लिखे पत्र में यह लिखा

रश्मि शुक्ला ने यह पत्र पिछले साल 25 अगस्त को लिखी थी। इसमें कहा गया है कि महाराष्ट्र के पुलिस विभाग में अफसरों की पोस्टिंग और ट्रांसफर रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इसके तार राज्य के कुछ नेताओं से जुड़े हैं। शुक्ला ने पत्र में लिखा कि मामले से जुड़े लोगों के फोन कॉल ट्रेस किए गए। इसमें रैकेट की बात सच साबित हुई। इससे कुछ दलाल व ताकतवर लोग जुड़े थे। आईपीएस अधिकारी भी इन अवांछित लोगों के संपर्क में थे।

फडणवीस ने दिल्ली में गृह सचिव को सौंपे ट्रांसफर मामले में सौंपे सबूत

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ट्रांसफर मामले में मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सीलबंद लिफाफे में गृह सचिव को सबूत सौंपे और सीबीआई जांच की मांग की। फडणवीस ने कहा कि कहा हमने गृह सचिव को सारे सबूत सौंप दिये हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि गृह सचिव ने मुझे भरोसा दिलाया है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए सरकार से सवाल करते हुए कहा कि सरकार से पूछा कि सरकार मामले को क्यों दबा रही है। सरकार ने डीजीपी की सिफारिश क्यों नहीं मानी।

परमबीर सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा। अपनी याचिका में परमबीर सिंह ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने अपने तबादले के आदेश को भी याचिका में चुनौती दी है। बता दें कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने होमगार्ड विभाग में ट्रांसफर किए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 22 मार्च को एक याचिका दायर की थी। इस याचिका में सभी आरोपों की जांच सीबीआई से कराने की मांग के साथ ही उन्होंने अनिल देशमुख के घर के बाहर की सीसीटीवी फुटेज को जब्त कर उसकी जांच कराए जाने की भी मांग की है ताकि सच्चाई सभी के सामने आ सके।

महाराष्ट्र में जो हो रहा वो विकास नहीं वसूली

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि महाराष्ट्र में जो हो रहा वो विकास नहीं वसूली है। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में ये पहली बार हुआ कि किसी पुलिस कमिश्नर ने लिखा कि राज्य के गृह मंत्री जी ने मुंबई से 100 करोड़ रुपये महीना वसूली का टार्गेट तय किया है। जब एक मंत्री का टार्गेट 100 करोड़ रुपये है तो बाकी के मंत्रियों का कितना होगा? पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी ने कुछ दस्तावेजों के साथ कहा है कि ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर भी वसूली चल रही थी। वो भी छोटे मोटे ऑफिसरों की ही नहीं बल्कि बड़े बड़े आईपीएस ऑफिसरों की भी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जैसे राज्य में बड़े अधिकारियों की पोस्टिंग में वसूली हो रही है, तो हमें लगा मुख्यमंत्री कार्रवाई करेंगे, लेकिन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय, एक ईमानदारी महिला अधिकारी को सिविल डिफेंस का डीजीपी बना दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here