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एंटीलिया केस : क्लोरोफॉर्म से बेहोश करने के बाद की थी मनसुख हिरेन की हत्या

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  • सीसीटीवी से खुलासा : सचिन वझे के साथ कार में थे मनसुख हिरेन
  • पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार मनसुख के चेहरे पर हत्या से पहले लगी थी चोट
  • निलंबित पुलिस ऑफिसर सचिन वाझे ने की जांच को गुमराह करने की कोशिश

मुंबई। मुंबई पुलिस के पूर्व असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे एंटीलिया केस के साथ-साथ मनसुख हिरेन की हत्या मामले में भी फंसते नजर आ रहे हैं। दरअसल, महाराष्ट्र एटीएस के हाथ 17 फरवरी का एक सीसीटीवी फुटेज लगा है, जिसमें मनसुख हिरेन सचिन वझे के साथ एक ही कार में नजर आ रहे हैं। इसके अलावा एटीएस ने दावा किया है कि हत्या से पहले मनसुख को क्लोरोफॉर्म सुंघाया गया था।

जानकारी के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में सफेद रंग की एक कैब नजर आती है, जो सीएसटी स्टेशन पर रुकती है। इस कार में से मनसुख हिरेन बाहर निकलते हैं। इसके बाद दूसरे सीसीटीवी फुटेज में नीले रंग की ऑडी कार दिखाई दे रही है, जिसका इस्तेमाल सचिन वाझे कर रहे थे। यह ऑडी कार एक ट्रैफिक सिग्नल पर रुकती है और मनसुख हिरेन उसमें सवार हो जाते हैं।

ऐसे अंजाम की गई वारदात

सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र एटीएस का दावा है कि चार मार्च को वझे ने फोन करके मनसुख हिरेन को ठाणे बुलाया। वहां तीन-चार लोग मौजूद थे। उन्होंने हिरेन को बेहोश करने के लिए पहले क्लोरोफॉर्म का इस्तेमाल किया और उसकी हत्या कर दी। वहीं, मनसुख हिरेन की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसके चेहरे पर हत्या से पहले चोट लगी थी। एटीसी का दावा है कि हत्या को अंजाम देने के बाद वजे दफ्तर लौटे और जांच को गुमराह करने की कोशिश की। ऐसे में पुलिस को फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।

वझे 3 अप्रैल तक एनआईए की हिरासत में

सचिन वझे को लेकर गुरुवार को एनआईए कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान एनआईए ने अदालत में कई दावे किए। केंद्रीय जांच एजेंसी ने बताया कि वझे के घर से 62 कारतूस मिले हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वह कारतूस का क्या करने वाला था। कोर्ट ने वझे को 3 अप्रैल तक के लिए हिरासत में भेज दिया। अदालत में सुनवाई के दौरान सचिन वझे ने कहा कि वह राजनीति का शिकार है और उसे इस केस में बलि का बकरा बनाया जा रहा है। वाझे ने कहा कि मैंने इस मामले में अपराध स्वीकार नहीं किया है। मैंने 12 दिन तक इस केस की छानबीन की और फिर कुछ बदलाव हुआ और मुझे एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया।

एनआईए ने 15 और दिनों की हिरासत मांगी थी

सुनवाई के दौरान एनआईए ने 15 और दिनों के लिए सचिन वझे की कस्टडी मांगी थी। अदालत में सुनवाई के दौरान एनआईए ने कहा कि वझे पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है। एनआईए ने बताया कि वझे की जरूरत डीएनए मैच, ब्लड सैंपल और सीसीटीवी समेत कई सबूतों को जमा करने के लिए है। इसलिए वे अभी वझे की और हिरासत चाहते हैं। सुनवाई के दौरान एएसजी अनिल सिंह ने कहा कि यह देश का बेहद गंभीर मामला है। इस केस में वही पुलिसकर्मी आरोपी है, जो इस केस की जांच कर रहा था।

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