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आईआईएम जम्मू में आनंदम सेंटर फॉर हैप्पीनेस शुरू, केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने किया उदघाटन

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नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आईआईएम जम्मू में आनंदम सेंटर फॉर हैप्पीनेस का उदघाटन किया । इस अवसर पर डॉ. निशंक ने कहा, ”आज की इस गतिशील दुनिया में जहां हम रोज नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, खासकर कि कोरोना जैसी महामारी के कारण पैदा हुई नई चुनौतियों के मद्देनजर सभी को विशेष रूप से छात्रों को अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा। मानसिक स्वास्थ्य के बारे में लोगों को संवेदनशील बनाना और उन्हें इसे शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही महत्व देने के लिए प्रोत्साहित करना, बेहद महत्वपूर्ण है।

ऐसे में आईआईएम जम्मू में आनंद या ख़ुशी पर आधारित यह केंद्र पूरी तरह से मानसिक कल्याण के लिए समर्पित है। यह अपने आपमें एक अनूठी पहल है और निश्चित रूप से यह अपनी स्थापना के उद्देश्यों को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि इस बात में बिलकुल भी संदेह नहीं है कि खुश व्यक्ति अधिक उत्पादक होते हैं। इसी तरह जब कोई छात्र सकारात्मक ऊर्जा की भावना विकसित करता है, तो उसमें सीखने की ललक, सकारात्मक द्दष्टिकोण, द्दढ़ संकल्प और सामाजिक जुड़ाव का भी विकास होता है। दरअसल, सच्ची खुशी और सकारात्मकता का स्रोत कहीं दूर नहीं है, बल्कि हमारे भीतर ही मौजूद है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब हम खुश होकर काम करेंगे तभी हमारी बुद्धि का विकास होगा और हमारी खुशी सूचकांक में वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा, ”कोविड काल में हमने न केवल विद्यार्थियों बल्कि शिक्षकों और परिवारों के मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक संपोषण का ध्यान रखते हुए और उन्हें मनोसामाजिक सहायता प्रदान करने के लिए मनोदर्पण पहल की शुरुआत की थी और आज आनंदम, मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में ही एक नई पहल है।” इसके अलावा उन्होंने आईआईएम जम्मू की स्थापना के बाद संस्थान द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियों के बारे में भी सभी को विस्तार से बताया और कहा कि आईआईएम जम्मू सभी आईआईएम संस्थानों के मुकाबले सबसे युवा है और यह शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के अलावा, शिक्षार्थियों के समग्र विकास हेतु प्रतिबद्ध है. इस संस्थान ने जम्मू शहर को शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना दिया है और यह संस्थान केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं में बड़े उत्साह एवं जोश के साथ सक्रिय है।

सफापोरा, कठुआ और पुंछ में चार कॉलेज शुरू

केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर के विकास के प्रति प्रतिबद्धता के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”जम्मू और कश्मीर के निर्माण और विकास में भारत सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है जिसके तहत शिक्षा को सुद्दढ़ करने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। भारत सरकार ने सफापोरा, कठुआ और पुंछ में चार नये व्यवसायी कॉलेज और जम्मू में एक नर्सिंग कॉलेज की स्थापना कर इन्हें चालू कर दिया गया है। इस सम्पूर्ण केंद्र शासित प्रदेश में शैक्षिक सुविधाओं की पहुंच और इक्विटी सुनिश्चित करने के लिए, जम्मू और कश्मीर के खुले क्षेत्रों में वर्ष 2018 के दौरान स्वीकृत 50 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों को चालू कर दिया गया है. इनमें जम्मू डिविजन में 26 डिग्री कॉलेज और कश्मीर डिवीजन में 24 डिग्री कॉलेज शामिल हैं।

कोरोना काल में डिजिटल कक्षाओं से मिली राहत

आईटी सक्षम कक्षाओं, पुस्तकालयों के स्वचालन, ई-लर्निंग प्रदान कर के कॉलेजों में नई पहल शुरू की गई है और इस संबंध में 54 कॉलेजों में डिजिटल इंटरएक्टिव बोर्ड, पुस्तकों की डिजिटल इंडेक्सिंग रखी गई है. बहुत जल्द इन पहलों के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान होग। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा, उच्च शिक्षा सचिव अमित खरे, आर्ट ऑफ़ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर, आईआईएम जम्मू के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. मिलिंद कांबले, आईआईएम जम्मू के निदेशक प्रो. विद्या शंकर सहाय, आनंदम के अध्यक्ष डॉ. अजिंक्य नवारेजी, आनंदम केंद्र के सलाहकार समिति के सदस्य, आईआईएम जम्मू के संकाय सदस्य एवं छात्र भी उपस्थित थे।

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