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हाथ मलती रह गई पुलिस, पंजाब के बाद हरियाणा से भी बच निकला अमृतपाल सिंह, अब उत्तराखंड में तलाशी

  • अमृतपाल सिंह को सीसीटीवी कैमरे में हरियाणा के शाहबाद निवासी महिला बलजीत कौर के घर से निकलते हुए देखा गया है ।
    नई दिल्ली,
    खालिस्तान समर्थक और ‘वारिस पंजाब दे’ का प्रमुख अमृतपाल सिंह पुलिस को चकमा देते हुए पंजाब के बाद हरियाणा से भी निकल गया है। अब उसके उत्तराखंड में होने की संभावना है। उसकी गिरफ्तारी के लिए तीनों राज्यों की पुलिस अलर्ट पर है। सीमाओं पर नाकाबंदी कर दी गई है। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमृतपाल नेपाल भागने की फिराक में है। उत्तराखंड में छिपे होने की संभावना को देखते हुए यूपी बॉर्डर से लेकर खटीमा से लगी नेपाल सीमा तक की चौकसी बढ़ा दी गई है। वहीं, अमृतपाल से ताल्लुक रखने वाली एक महिला समेत तीन लोगों के डोजियर तैयार किए गए हैं। ये लोग अमृतपाल की फेसबुक आईडी पर उनके पोस्ट को लाइक किया करते थे। उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक, संवेदनशील क्षेत्रों के सात थाने में पुलिस तीन अतिरिक्त कंपनी तैनात की गई है। इसके अतिरिक्त पुलिस लाइन के रिजर्व पुलिस बल को भी चेकिंग अभियान में लगाया गया है। यूपी से लगे बॉर्डर से लेकर खटीमा से लगी नेपाल सीमा तक कड़ी चौकसी और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस 24 घंटे अलर्ट है और सड़कों पर तैनात है। संवेदनशील स्थलों में पुलिस की पिकेट भी तैनात की गई है। सोशल मीडिया में पैनी नजर रखी जा रही है।
    पंजाब पुलिस के गलत आकलन से बच निकला अमृतपाल
    पंजाब पुलिस के गलत आंकलन के कारण अलगाववादी अमृतपाल सिंह 18 मार्च को पुलिस की गिरफ्त से बच निकलने में कामयाब रहा। अब तक वह पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। ऐसी आशंका है कि अमृतपाल पड़ोसी राज्य हरियाणा से भी फरार हो गया है। पुलिस ने केवल एक ही स्थान पर चाक-चौबंद तैयारी की थी और उसे उसके गांव में नहीं पकड़ा। अधिकारियों के मुताबिक, राज्य पुलिस के स्तर पर आंकलन में यह बड़ी चूक थी। उन्होंने कहा कि 23 फरवरी के अजनाला प्रकरण के बाद पंजाब पुलिस ने अमृतपाल पर कार्रवाई करने का फैसला किया। लेकिन आनंदपुर साहिब में आयोजित ‘होला मोहल्ला’ मेले के कारण ऐसा नहीं कर सकी, जहां छह से आठ मार्च तक एक धार्मिक जुलूस का आयोजन होता है। अधिकारियों के अनुसार, 30 वर्षीय खालिस्तान समर्थक अमृतपाल पर करीबी निगरानी रखने के बाद उसे गिरफ्तार करने के लिए 18 मार्च को बड़ी कार्रवाई शुरू की गई। अभियान तब शुरू किया गया, जब वह अमृतसर के जल्लूपुर खेड़ा से बठिंडा जा रहा था। अमृतपाल का पांच वाहनों का काफिला 18 मार्च को अपने गांव से रवाना हुआ और वह एक मर्सिडीज कार में सवार था। उन्होंने बताया कि काफिले को सतलुज नदी पार करनी थी और पंजाब पुलिस के कमांडो की टीम हरिके बैराज पर उसका इंतजार कर रही थी। काफिले में शामिल रहे एक पायलट वाहन ने बैराज पर इंतजार कर रहे सशस्त्र पुलिसकर्मियों के दल को देखा। वाहन चालक अमृतपाल सिंह को इस बारे में सूचित करने के लिए वापस लौटा। अमृतपाल ने तुरंत रास्ता बदल दिया और गोविंदवाल साहिब में सतलुज नदी को पार किया, जहां कुछ ही पुलिसकर्मी तैनात थे। पंजाब पुलिस को भरोसा था कि अमृतपाल हरिके बैराज मार्ग का ही सहारा लेगा। इसके चलते अन्य मार्गों पर खालिस्तान समर्थक को पकड़ने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई थी और अमृतपाल पुलिस की गिरफ्त से बच निकलने में कामयाब रहा।
    छतरी से चेहरा छुपाता घूम रहा अमृतपाल
    अमृतपाल सिंह को सीसीटीवी कैमरे में हरियाणा के शाहबाद निवासी महिला बलजीत कौर के घर से निकलते हुए देखा गया है। इस महिला ने उसे आश्रय दिया था। जबकि वह सोमवार को पुलिस से भाग रहा था। फुटेज में अमृतपाल चेहरा छुपाने के लिए छाता लेकर सफेद शर्ट और नीले रंग की जींस पहने घर से निकलते हुए दिख रहा है। कुरुक्षेत्र के पुलिस प्रमुख पुलिस सिंह भोरिया ने कहा, शाहबाद के एक सीसीटीवी में अमृतपाल छतरी के साथ जाता दिखाई दे रहा है। उसने सफेद कमीज और नीली जींस पहनी हुई है। उसने हाथ में एक बैग लटका रखा है। वह बलजीत कौर के घर से निकलता दिखाई दे रहा है। अन्य सीसीटीवी भी खंगाले जा रहे हैं। शनिवार को गिरफ्तारी से बचने के लिए अमृतपाल सिंह ने 12 घंटे में पांच गाड़ियां बदली थीं।

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