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भारत बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ के जारी हुए तीसरे चरण के नतीजे, 81 फीसदी असरदार वैक्सीन

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भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन को इमरजेंसी यूज़ ऑथोराइजेशन मिलने पर कई सवाल खड़े किए गए थे. जिसमें तीसरे चरण के ट्रायल डेटा और एफ्फिकेसी पता न होने पर काफी सवाल हुआ था.
नई दिल्ली।
कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ को लेकर अच्छी खबर सामने आई है. भारतीय कंपनी भारत बायोटेक ने कोरोना के लिए बनी वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के नतीजे जारी किए और दावा किया है की वैक्सीन 81 फीसदी प्रभावी है. भारत बायोटेक की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि क्लीनिकल ट्रायल में 25,800 वालंटियर शामिल थे. क्लीनिकल ट्रायल में 18-98 वर्ष की उम्र के बीच वालंटियर्स को शामिल किया गया, जिसमें 60 साल से ज्यादा उम्र के 2,433 और कोमोरिडिटी के साथ 4,500 वालंटियर शामिल थे. कंपनी का कहना है भारत में हुआ यह अब तक का सबसे बड़ा वैक्सीन ट्रायल है. इसे पहले के क्लीनिकल ट्रॉयल के नतीजे काफी अच्छे रहे, फिर चाहे वो एनिमल ट्रायल हो या पहला और दूसरा चरण. भारत बायोटेक के चेयरमैन और एमडी डॉ कृष्णा एला ने कहा “कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई और विज्ञान के लिये टीके की खोज में आज का दिन महत्वपूर्ण पड़ाव है जिसे हासिल किया गया. तीसरे चरण के चिकित्सीय परीक्षण के आज के परिणाम से हमने अब अपने कोविड- 19 टीके के पहले, दूसरे और तीसरी परीक्षण के आंकड़े रिपोर्ट कर दिये हैं जिसमें 27,000 भागीदार शामिल रहे.’’ आपको बता दे की भारत बायोटेक की कोववैक्सीन को भारत मे इमरजेंसी यूज़ ऑथोरिसाशन इन क्लीनिकल ट्रायल मोड मिला है. 3 जनवरी को भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इसको ये मंजूरी दी थी. इसके साथ ही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशिल्ड को भी इमरजेंसी यूज़ ऑथोरिसाशन मिला था. वहीं 16 जनवरी से शुरू हुए वैक्सीन कार्यक्रम में ये दोनों वैक्सीन दी गई है. भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन को इमरजेंसी यूज़ ऑथोराइजेशन मिलने पर कई सवाल खड़े किए गए थे. जिसमें तीसरे चरण के ट्रायल डेटा और एफ्फिकेसी पता न होने पर काफी सवाल हुआ था. हालांकि उस वक़्त भी डीसीजीआई ने साफ कहा था की वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण का डेटा संतोषजनक है और वैक्सीन ना सिर्फ सुरक्षित है बल्कि कारगर भी है. आज भारत बायोटेक की तरफ से आये इन आंकड़ो से इसकी पुष्टि भी हो गई है. भारत बायोटेक ने कोरोना की वैक्सीन आईसीएमआर के साथ मिलकर तैयार किया था. वहीं भारत में इसका तीन चरणों का ट्रायल हुआ है. आपको बता दें की एक मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो कोरोना का टीका लगाया वो भारत बायोटेक की कोवैक्सीन ही थी. यहां तक की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्य डॉ. वी के पॉल, एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया जैसे लोगो ने भी यही टीका लगवाया है. देश में बुधवार शाम 7 बजे तक 1.63 करोड़ से ज्यादा कोरोना वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ जारी आंकड़ो के मुताबिक आज शाम 7 बजे तक की आई रिपोर्ट के मुताबिक कुल 1,63,14,485 वैक्सीन खुराक दी गई हैं. इनमें 67,75,619 हैल्थकेयर वर्करों को पहली खुराक दी जा चुकी है. वहीं 28,24,311 हैल्थकेयर वर्करों दूसरी खुराक दी गई है. इसके अलावा 57,62,131 फ्रंटलाइन वर्कर को पहली डोज दी गई जबकि 3,277 फ्रंटलाइन वर्करों को दूसरी डोज दी जा चुकी है. वहीं एक मार्च से शुरू हुए 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए और 45 साल से ज्यादा उम्र के वो लोग जिन्हें गंभीर बीमारी वाले लोगो के वैक्सीनेशन में भी नौ लाख से ज्यादा लोगों को पहली डोज़ दी जा चुकी है. अब तक 8,44,884 लाभार्थी जो 60 से ज्यादा है उन्हें वैक्सीन की पहली डोज दी गई है. वहीं 45 साल से ज्यादा उम्र के है गंभीर बीमारी वाले 1,04,263 लाभर्तियों को वैक्सीन लग चुकी है.

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