Home खास ख़बरें पीएम मोदी ने किया भारत-बांग्‍लादेश को जोड़ने वाले ‘मैत्री सेतु’ का उद्घाटन

पीएम मोदी ने किया भारत-बांग्‍लादेश को जोड़ने वाले ‘मैत्री सेतु’ का उद्घाटन

10
0

नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने समकक्ष शेख हसीना के साथ भारत और बांग्लादेश के बीच ‘मैत्री सेतु’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि राजनीतिक सीमाओं को व्यापार के लिए भौतिक बाधा नहीं बनना चाहिए। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए त्रिपुरा और बांग्लादेश में भारतीय सीमा के बीच बहने वाली फेनी नदी पर बने पुल का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने कहा, ”फेनी ब्रिज के खुल जाने से अगरतला, इंटरनेशनल सी पोर्ट से भारत का सबसे नज़दीक का शहर बन जाएगा। NH-08 और NH-208 के चौड़ीकरण से जुड़े जिन प्रोजेक्ट्स का आज लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, उनसे नॉर्थ ईस्ट की पोर्ट से कनेक्टिविटी और सशक्त होगी।” शेख हसीना ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा, “किसी भी पुल का खुलना बांग्लादेश के लिए हमारे पड़ोसी भारत को क्षेत्र में कनेक्टिविटी को मजबूत करने में सहयोग करने की प्रतिबद्धता के लिए गवाही है, विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत के लिए।” उन्होंने कहा, “राजनीतिक सीमाओं को व्यापार के लिए भौतिक बाधा नहीं बनना चाहिए। फेनी नदी पर पुल नेपाल और भूटान के साथ बांग्लादेश से व्यापार में भी मदद करेगा। 2010 में उस समय में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने मेरे सामने फेनी नदी पर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव रखा था। हमने उस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और तब से बांग्लादेश की सरकार ने ब्रिज बनाने के लिए भारत को सभी जरूरी सहायता दी। 10 साल बाद आज ब्रिज वास्तविकता है।” पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान त्रिपुरा में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिसमें कहा गया कि राज्य और केंद्र में भाजपा की डबल इंजन सरकार के साथ इसने बदलाव का अनुभव किया। पीएम मोदी ने कहा, “जहां भी दोहरे इंजन वाली सरकार नहीं है, वहां गरीबों को सशक्त बनाने वाली नीतियां या तो लागू नहीं की जा रही हैं या धीमी गति से चल रही हैं। आज त्रिपुरा पुरानी सरकार के 30 साल और डबल इंजन की 3 साल की सरकार में आए बदलाव को स्पष्ट अनुभव कर रहा है। जहां कमीशन और भ्रष्टाचार के बिना काम होने मुश्किल थे, वहां आज सरकारी लाभ लोगों के बैंक खाते में डायरेक्ट पहुंच रहा है।” उन्‍होंने कहा, ”त्रिपुरा में पहली बार एमएसपी पर कृषि उपज की खरीद सुनिश्चित की गई है। मनरेगा के तहत काम करने वाले लोगों को अब 135 रुपये के बजाय प्रति दिन 205 रुपये मिल रहे हैं। अब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए काम किया जा रहा है। जहां उद्योग बंद होने की कगार पर आ गए थे, वहां अब नए उद्योगों और निवेशों के लिए जगह है। त्रिपुरा बड़े राज्य के एक रोल मॉडल के रूप में उभर रहा है जिसमें दोहरे इंजन वाली सरकारें नहीं हैं। जो सरकारें दिल्ली से अपना समय बर्बाद कर रही हैं, वे भी साकार हो रही हैं। कभी बिजली की कमी वाला राज्य, त्रिपुरा अब एक पावर सरप्लस राज्य है।”

त्रिपुरा को हड़ताल कल्चर ने रखा पीछे
पीएम ने कहा कि जिस त्रिपुरा को हड़ताल कल्चर ने बरसों पीछे रखा आज वो इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए काम कर रहा है। जहां कभी उद्योगों में ताले लगने की नौबत आ गई थी, वहां अब नए उद्योगों, नए निवेश के लिए जगह बन रही है। बीते 6 साल में त्रिपुरा को केंद्र सरकार से मिलने वाली राशि में बड़ी वृद्धि की गई है। वर्ष 2009 से 2014 के बीच केंद्र सरकार से त्रिपुरा को केंद्रीय विकास परियोजनाओं के लिए 3500 करोड़ रुपए की मदद मिली थी। जबकि साल 2014 से 19 के बीच 12 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मदद दी गई है।
डबल इंजन सरकार का गरीबों को फायदा
प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां डबल इंजन की सरकार नहीं है, वहां गरीबों, किसानों, बेटियों को सशक्त करने वाली योजनाएं या तो लागू ही नहीं की गई या बहुत धीमी गति से चल रही है। डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा असर गरीबों को पक्के घर देने में दिख रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले त्रिपुरा के 5.80 लाख घरों में गैस कनेक्शन था। आज राज्य के 8.50 लाख घरों में गैस कनेक्शन है। डबल इंजन की सरकार बनने से पहले त्रिपुरा में सिर्फ 50 फीसद गांव खुले में शौच से मुक्त थे। आज त्रिपुरा का करीब-करीब हर गांव खुले में शौच से मुक्त है।
मैत्री सेतु भा द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक
मैत्री सेतु भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों और मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक है। त्रिपुरा राज्य और बांग्लादेश में भारतीय सीमा के बीच बहने वाली फेनी नदी पर पुल ‘मैत्री सेतु’ बनाया गया है। बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड द्वारा 133 करोड़ रुपये की परियोजना लागत पर इसे पूरा किया गया। 1.9 किलोमीटर लंबा यह पुल भारत में सबरूम को बांग्लादेश के रामगढ़ से जोड़ता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here