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जंगी बेड़े में चीता की जगह लेगा स्वदेशी एलयूएच, वायुसेना की 40 साल सेवा करने वाले चीता हेलीकॉप्टर की अब होगी विदाई

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  • एचएएल बनाएगा 187 हेलीकॉप्टर, 126 सेना को और 61 वायुसेना को मिलेंगे

नई दिल्ली। लद्दाख की वादियों में आखिरी परीक्षण के दौरान खरे उतरे स्वदेशी लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच) आखिरकार लम्बे इन्तजार के बाद सशस्त्र बलों के बेड़े का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं। सरकार ने एचएएल को 12 एलयूएच का पहला ऑर्डर दे दिया है। जिसमें क्रमश: छह-छह हेलीकॉप्टर सेना और वायुसेना को मिलेंगे। पहला हेलीकॉप्टर अगले साल अगस्त तक मिलेगा और बाकी स्वदेशी हल्के हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति 2022 तक होगी। इसी के साथ अब वायुसेना के बेड़े से चीता हेलीकॉप्टरों को रिटायर करने का रास्ता साफ हो गया है।

भारत और चीनी सेनाओं के बीच सैन्य गतिरोध के बीच हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने 19 अगस्त, 2020 को दो स्वदेशी लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर लद्दाख की वादियों में उड़ान भरने के लिए भेजे थे। अपने आखिरी परीक्षण में एलयूएच भारतीय वायुसेना और सेना के लिए पूरी तरह खरे उतरे हैं। चीन सीमा पर चल रहे टकराव के चलते गर्म आसमानी माहौल में एलयूएच ने अपने अंतिम परीक्षण पूरे किये। इस दौरान हिमालय के गर्म और उच्च मौसम की स्थिति में उड़ान भरने के साथ ही उच्च ऊंचाई वाले हेलीपैड पर लैंडिंग करने की क्षमता का भी सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। परीक्षण के दौरान स्वदेशी लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच) ने लेह में 3300 मीटर की ऊंचाई पर अंतरराष्ट्रीय मानक वातावरण 32 डिग्री सेल्सियस तापमान पर उडऩ भरी।

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