Home भोपाल प्रधान आरक्षक के खाते से जालसाजों ने डेढ़ लाख रुपए निकाल लिए

प्रधान आरक्षक के खाते से जालसाजों ने डेढ़ लाख रुपए निकाल लिए

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भोपाल। प्रधान आरक्षक ने अपने भाई के खाते में 3 हजार रुपए भेजे थे, जब पैसे नहीं पहुंंचे तो उनके बेटे ने गूगल की एक साइट से मोबाइल नंबर तलाश कर वहां के अधिकारी से बात की। यह साइट फर्जी थी, ठग ने खुद को गूगल कर्मचारी बताते हुए बैंक खाते की डिटेल मांग ली तथा खाते से करीब डेढ़ लाख रुपए पार कर दिए। ठगी के दूसरे मामले में जालसाल ने कॉल कर लोन दिलाने का झांसा देते हुए 11 हजार रुपए मांगे। फरियादी को शुरूआत में ठग की मंशा समझ आ गई और उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को कर दी। पुलिस ने उक्त दोनों ही मामलों में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


जहांगीराबाद पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार समयलाल चतुर्वेदी ऐशबाग थाने में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। तथा पुराने कंट्रोल रूम के पास पुलिस लाइन में रहते हैं। गत 16 दिसंबर 2020 को उन्होंने गांव में रहने वाले अपने भाई के खाते में तीन हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। उनके खाते से पैसे तो कट गए लेकिन भाई के खाते में पैसे नहीं पहुंचे तो समयलाल के बेटे ने गूगल सर्च इंजन के जरिए गूगल-पे के कस्टमेयर केयर पर शिकायत करने के लिए फोन नंबर की तलाश की। उन्हें गूगल की साइट पर एक मोबाइल नंबर मिल गया तो बेटे ने उस नंबर पर फोन लगा दिया। किसी ठग ने गूगल के नाम से यह फर्जी वेबसाइट बनाई हुई थी। उस ठग ने कहा कि जल्द ही आपके पैसे वापस आपके खाते में आ जाएंगे। बातचीत के दौरान उसने समयलाल के बेटे से खाते की जानकारी मांगी,बेटे ने अपनी मां का खाता नंबर दे दिया। इस खाते में पैसे नहीं थे। ठग ने जालसाजी करते हुए कहा कि पैसे उस खाते में ही ट्रांसफर किए जाएंगे जिस खाते में पहले से पैसे हों। समयलाल का बेटा ठग की इस चालाकी को नहीं समझ पाया तथा उसने समयलाल के खाते की डिटेल ठग को दे दी। कुछ ही देर में समयलाल के खाते से अलग-अलग किस्तों में 1 लाख 49 हजार रुपए निकल गए।

मोबाइल पर मैसेज आने पर चला पता
समयलाल ने जब पैसे निकलने के मैसेज देखे तो वे सूचना देने के लिए तुरंत ही बैंक पहुंचे तथा स्टॉप पेमेंट करा दिया। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत साइबर पुलिस को कर दी। साइबर पुलिस ने 49 हजार रुपए तो समयलाल के खाते में वापस करा दिए लेकिन बाकी एक लाख रुपए की रकम की वापस नहीं हो पाई। साइबर क्राइम की ओर से जांच के बाद प्रतिवेदन जहांगीराबाद थाने भेज दिया गया। पुलिस ने मोबाइल धारक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ ठगी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जहांंगीराबाद पुलिस ने ठगी का एक और प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि गल्ला बाजार के पास रहने वाले बसंत कुमार दुबे के मोबाइल फोन पर एक युवक को फोन आया था उसने लोन दिलाने का झांसा दिया। दुबे ने जब हामी भर दी तो उसने प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 11 हजार रुपए जमा करने को कहा। उनको ठगी की शंका हुई तो उन्होंने नोयडा की उस कंपनी को बारे में पता किया। पतारसी के दौरान उन्हें पता चला कि उस नाम की कोई कंपनी नोयडा में है ही नहीं जिसका नाम युवक ने बताया था। दुबे ने मामले की शिकायत साइबर पुलिस को कर दी थी। साइबर क्राइम से मिले प्रतिवेदन के बाद जहांगीराबाद पुलिस ने इस मामले में राकेश कुमार सिंह नाम के व्यक्ति के खिलाफ ठगी का प्रकरण दर्ज किया। दुबे को फोन करने वाले युवक ने अपना नाम राकेश कुमार सिंह ही बताया था।

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