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भोपाल गौरव दिवस पर मुख्यमंत्री ने की सफाई , स्वच्छता का कार्य कर रहें मित्रों को किया सम्मानित

राजधानी भोपाल का गौरव दिवस गुरुवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया है। एक जून को ही 1949 में भोपाल को नवावी शासनकाल से भारत में शामिल किया गया था। पहले एक जून को भोपाल विलीनीकरण मनाया जाता था, अब इसी दिन गौरव दिवस भी मनाया जाएगा। पुराने भोपाल में भोपाल गेट पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं विलीनीकरण आंदोलन के शहीदों को प्रणाम करता हूं, नमन करता हूं। आने वाली पीढ़ी भोपाल के इतिहास से रू-ब-रू हो सके, इस उद्देश्य से भोपाल के इतिहास पर केंद्रित शोध संस्थान की स्थापना की जाएगी। मुख्यमंत्री ने भोपाल गौरव दिवस पर भोपाल गेट पहुंच कर सफाई मित्रों का सम्मान किया। उन्होंने भोपाल विलीनीकरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि असंख्य लोगों के बलिदान और वीर सपूतों के संघर्ष के परिणामस्वरूप देश की स्वतंत्रता के 2 साल बाद एक जून 1949 को भोपाल, भारत का अभिन्न अंग बना। शोध संस्थान में राजा भोज से लेकर रानी कमलापति आदि का पूरा इतिहास आएगा। अगले वर्ष 1 जून को भोपाल में शासकीय अवकाश रहेगा। ताकि, सबको पता रहे कि 1 जून को भोपाल आजाद हुआ था। अवकाश की मांग पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने की थी। कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, महापौर मालती राय समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भोपाल के गौरव दिवस पर सबको बधाई देता हूं। 1 जून को गौरव दिवस मनेगा, क्योंकि इस दिन भोपाल भारत में मिला था। भोपाल के गौरव दिवस और विलीनीकरण दिवस के मौके पर भोपाल गेट पर आंदोलन से जुड़ी तस्वीरों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

मुख्यमंत्री ने किया ध्वजारोहण, की सफाई

भोपाल गौरव दिवस के अवसर पर गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शाहजहांनाबाद स्थित भोपाल गेट पर विलीनीकरण (भोपाल स्वतंत्रता दिवस) पर झंडावंदन भी किया। वहीं, मशाल प्रज्जवलित कर शहीदों को पुष्पांजलि अर्जित की। साथ में भोपाल गेट पर ही स्वच्छता सैनिकों का सम्मान भी किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को देश स्वतंत्र हुआ था, लेकिन भोपाल स्वतंत्र नहीं हुआ था। यहां के नवाब ने भोपाल रियासत को भारत में विलीन करने से इनकार कर दिया था। तब विलीनीकरण आंदोलन चला था। लगातार पौने दो साल भोपाल रियासत में रहने वाले लोगों ने भोपाल को भारत में विलीन कराने के लिए आंदोलन किया। बोरास में हमारे लोग शहीद हुए। भोपाल भारत का हिस्सा बने, इसलिए खून की अंतिम बूंद तक दे दी। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सफाई की और स्वच्छताकम्रियों को सम्मानित भी किया है।

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