Home इंदौर कोरोना संक्रमण को लेकर सुधर रहे हालात, लेकिन अगले 10 दिन अहम

कोरोना संक्रमण को लेकर सुधर रहे हालात, लेकिन अगले 10 दिन अहम

22
0

इंदौर। मध्यप्रदेश में और विशेषकर इंदौर संभाग में कोरोना संक्रमण की स्थिति में सुधार हो रहा है। स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। अगले 10 दिन अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। इन 10 दिनों में विशेष सावधानी व सतर्कता रखते हुए जनता कर्फ्यू का कड़ाई से पालन करने का आग्रह आम जनता से करना चाहता हूं। इसके आधार पर ही जनता कर्फ्यू की आगे की रणनीति तय होगी।


प्रदेश में ब्लैक फंगस और अन्य बीमारियों के इलाज के लिए हर जिले में पोस्ट कोविड सेंटर की स्थापना की जाएगी। प्रदेश में पात्र परिवारों के मरीजों का ब्लैक फंगस का नि:शुल्क इलाज किया जाएगा। कोरोना से निपटने के लिए क्षेत्रवार रणनीति बनाई जाएगी।


यह बात मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने गुरुवार को इंदौर में कही। वे कलेक्टर कार्यालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संभाग स्तरीय कोविड नियंत्रण की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ब्लैक फंगस के इलाज के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

दवाइयों और इंजेक्शन की उपलब्धता के लिए भी लगातार प्रयास हो रहे हैं। इस संबंध में प्रधानमंत्रीजी से भी चर्चा की गई है। उन्होंने इंदौर संभाग और जिले में कोरोना से निपटने के प्रयासों, प्रबंधन और नवाचारों की सराहना की। इंदौर संभाग और जिला कोरोना मुक्ति के लिए प्रदेश में अग्रणी भूमिका निभाएगा।


मुख्यमंत्री ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों, पाजिटिविटी दर, मृत्यु दर, कंटेंनमेंट एरिया, कोविड सैंपल कलेक्शन व टेस्टिंग, आयुष्मान योजना की प्रगति, इस योजना में लाभांवित कोरोना मरीजों, अस्पतालों, कोविड केयर सेंटर में बेड प्रबंधन, आक्सीजन की उपलब्धता, टीकाकरण अभियान आदि की जिलेवार समीक्षा की।


कोरोना पर नियंत्रण के लिए बनेगी क्षेत्रवार रणनीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना नियंत्रण के लिए अब कालोनी, मोहल्ले, ग्राम पंचायत तथा क्षेत्रवार रणनीति तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र की अलग स्थिति होती है। क्षेत्रवार रणनीति बनाने में क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन समिति का सहयोग भी लिया जाए। क्षेत्रवार रणनीति बनने से जनता कर्फ्यू के पालन और इसमें दी जाने वाली छूट में मदद मिलेगी।


समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लैक फंगस बीमारी चिंता का विषय है। समय रहते इसकी पहचान हो जाए तो इसके उपचार में मदद मिलती है। इसके लिए उन्होंने कोरोना मरीजों की नेजल इंडोस्कोपी से जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे मरीजों के शुरूआती स्तर पर ही पहचान होगी और इलाज में मदद मिलेगी। ब्लैक फंगस और कोरोना के दुष्प्रभाव से उत्पन्न बीमारियों के इलाज के लिए सभी जिलों में पोस्ट कोविड सेंटर स्थापित किए जाएंगे।


इस सेंटर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था की जाएगी। इंदौर के अधिकारियों ने बताया कि ब्लैक फंगस के इलाज के लिए एमवाय अस्पताल में 120 बेड का एक विशेष वार्ड प्रारंभ किया गया है। संभाग के सभी जिलों में पोस्ट कोविड ओपीडी शुरू की गई है। ब्लैक फंगस बीमारी का कारण जानने के लिए डॉक्टरों की तकनीकी समिति गठित की गई है।


समीक्षा के दौरान बताया गया कि संभाग के अनेक जिले कोरोना मुक्ति की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इनमें बुरहानपुर, खंडवा, आलीराजपुर, झाबुआ और बड़वानी शामिल हैं। बैठक में इंदौर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर, सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, आकाश विजयवर्गीय, मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़, महेंद्र हार्डिया, विधायक जीतू पटवारी, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, जीतू जिराती, राजेश सोनकर, गौरव रणदिवे, कृष्णमुरारी मोघे, जिला पंचायत अध्यक्ष कविता पाटीदार, मधु वर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, संभागायुक्त डा. पवन शर्मा, आइजी हरिनारायणचारी मिश्र, कलेक्टर मनीष सिंह, डीआइजी मनीष कपूरिया, राज्य स्तरीय आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य डा. निशांत खरे आदि मौजूद थे। बैठक में संभाग के जिलों की जिला स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य भी मौजूद थे। उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here