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मध्‍य प्रदेश में 15 मई के बाद भी सरकार बढ़ाएगी कर्फ्यू, मंत्री सारंग ने दिए संकेत

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भोपाल । मध्य प्रदेश में 15 मई के बाद भी कोरोना कर्फ्यू रहेगा, इसके संकेत शुक्रवार को प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग की तरफ से दिए गए हैं। उन्‍होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी लॉक डाउन Corona curfew आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। इसलिए राज्य शासन ने 15 मई तक कोरोना कर्फ्यू को बढ़ाया। तीसरी लहर को लेकर सरकार की तैयारी जारी है। विश्वास सारंग ने कहा ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना का संक्रमण फैल गया है। हमने किल कोरोना अभियान शुरू किया है। ग्रामीण इलाको में टीम सर्वे कर रही हैं ।अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर कोरोना से संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी, साथ ही उन्हें उचित इलाज भी मुहैया कराया जाएगा। किल कोरोना अभियान के तहत जो पॉजिटिव मिलेंगे, उन्हें आइसोलेट करेंगे। इसके लिए हमने ग्रामीण क्षेत्रों में 2 लाख बिस्तरों की व्यवस्था की तैयारी की हैं। सारंग ने कहा है कि कोरोना को हराने का सबसे सशक्त तरीका संक्रमण की चेन को तोड़ना है। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए जरूरी है कि लोग घरों में रहें। श्री सारंग ने कहा कि कोविड सहायता केन्द्र वाला भोपाल मॉडल काफी सफल रहा है। इसके तहत शहर के सभी 19 जोन में दो-दो कोविड सहायता केंद्र शुरू किये गये। इन केंद्रों पर नियुक्त डॉक्टर जाँच के बाद यह सुनिश्चित करते थे कि मरीज का अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है या घर में रहकर ही वह स्वस्थ हो जाएगा। मरीज में मामूली या कम लक्षण होने पर डॉक्टर उसे आवश्यक दवाएँ और समझाइश देकर घर में ही आइसोलेट करते थे। साथ ही मरीज को अपना संपर्क नंबर देते थे, ताकि किसी तकलीफ पर वो डॉक्टर से संपर्क कर सकें। यह व्यवस्था अस्पतालों में मरीजों के बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए की गई थी। मालूम हो कि शहर में अभी 47 फीवर क्लीनिक भी संचालित हो रहे हैं। इस मॉडल के तहत भोपाल में पॉजिटिव रेट कम हुआ है। इसी मॉडल को अपनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना को नियंत्रित किया जायेगा। इस बीच मध्य प्रदेश में आज आये कोरोना के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 11708 नये पॉजिटिव पेशेंट्स मिले हैं. 4815 लोग स्वस्थ होकर घर लौट गए और 84 लोगों की मौत भी हुई । पूरे प्रदेश में इस वक्त कोरोना के 95423 पेशेंट्स हैं। इससे पहले गुरुवार को 12421 नए केस सामने आए थे. पूरे प्रदेश में 12965 लोग हुए स्वस्थ होकर घर लौटे थे। वहीं, मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तरफ से भी कहा गया है कि जिन गाँवों में कोरोना संक्रमण है, वहाँ माइक्रो कंटेंटमेंट जोन बनाकर कोरोना संक्रमण को सख्ती से रोका जाए। गाँव-गाँव समितियाँ बनाई जायें तथा घर-घर सर्वे कर प्रत्येक मरीज की पहचान कर तुरंत उपचार किया जाये। प्रदेश में मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना का तत्काल क्रियान्वयन प्रारंभ किया जाये एवं इसका लाभ पहले से भर्ती मरीजों को भी दिया जाये। इस योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा प्रतिदिन की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि नकली दवा बेचने वालों, कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई हो। इनके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अंतर्गत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाये। ये मानवता के दुश्मन हैं। अधिक शुल्क वसूलने वाले अस्पतालों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाये, साथ ही अधिक वसूल की गई राशि वापस दिलाई जाये।मध्य प्रदेश में 15 मई के बाद भी कोरोना कर्फ्यू रहेगा, इसके संकेत शुक्रवार को प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग की तरफ से दिए गए हैं। उन्‍होंने कहा कि प्रदेश के कई जिलों की क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी लॉक डाउन Corona curfew आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं। इसलिए राज्य शासन ने 15 मई तक कोरोना कर्फ्यू को बढ़ाया। तीसरी लहर को लेकर सरकार की तैयारी जारी है। विश्वास सारंग ने कहा ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना का संक्रमण फैल गया है। हमने किल कोरोना अभियान शुरू किया है। ग्रामीण इलाको में टीम सर्वे कर रही हैं ।अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर कोरोना से संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी, साथ ही उन्हें उचित इलाज भी मुहैया कराया जाएगा। किल कोरोना अभियान के तहत जो पॉजिटिव मिलेंगे, उन्हें आइसोलेट करेंगे। इसके लिए हमने ग्रामीण क्षेत्रों में 2 लाख बिस्तरों की व्यवस्था की तैयारी की हैं। सारंग ने कहा है कि कोरोना को हराने का सबसे सशक्त तरीका संक्रमण की चेन को तोड़ना है। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए जरूरी है कि लोग घरों में रहें। श्री सारंग ने कहा कि कोविड सहायता केन्द्र वाला भोपाल मॉडल काफी सफल रहा है। इसके तहत शहर के सभी 19 जोन में दो-दो कोविड सहायता केंद्र शुरू किये गये। इन केंद्रों पर नियुक्त डॉक्टर जाँच के बाद यह सुनिश्चित करते थे कि मरीज का अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है या घर में रहकर ही वह स्वस्थ हो जाएगा। मरीज में मामूली या कम लक्षण होने पर डॉक्टर उसे आवश्यक दवाएँ और समझाइश देकर घर में ही आइसोलेट करते थे। साथ ही मरीज को अपना संपर्क नंबर देते थे, ताकि किसी तकलीफ पर वो डॉक्टर से संपर्क कर सकें। यह व्यवस्था अस्पतालों में मरीजों के बढ़ रहे दबाव को कम करने के लिए की गई थी। मालूम हो कि शहर में अभी 47 फीवर क्लीनिक भी संचालित हो रहे हैं। इस मॉडल के तहत भोपाल में पॉजिटिव रेट कम हुआ है। इसी मॉडल को अपनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना को नियंत्रित किया जायेगा। इस बीच मध्य प्रदेश में आज आये कोरोना के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 11708 नये पॉजिटिव पेशेंट्स मिले हैं. 4815 लोग स्वस्थ होकर घर लौट गए और 84 लोगों की मौत भी हुई । पूरे प्रदेश में इस वक्त कोरोना के 95423 पेशेंट्स हैं। इससे पहले गुरुवार को 12421 नए केस सामने आए थे. पूरे प्रदेश में 12965 लोग हुए स्वस्थ होकर घर लौटे थे। वहीं, मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तरफ से भी कहा गया है कि जिन गाँवों में कोरोना संक्रमण है, वहाँ माइक्रो कंटेंटमेंट जोन बनाकर कोरोना संक्रमण को सख्ती से रोका जाए। गाँव-गाँव समितियाँ बनाई जायें तथा घर-घर सर्वे कर प्रत्येक मरीज की पहचान कर तुरंत उपचार किया जाये। प्रदेश में मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना का तत्काल क्रियान्वयन प्रारंभ किया जाये एवं इसका लाभ पहले से भर्ती मरीजों को भी दिया जाये। इस योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा प्रतिदिन की जायेगी। श्री चौहान ने कहा कि नकली दवा बेचने वालों, कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई हो। इनके विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अंतर्गत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाये। ये मानवता के दुश्मन हैं। अधिक शुल्क वसूलने वाले अस्पतालों के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाये, साथ ही अधिक वसूल की गई राशि वापस दिलाई जाये।

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