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मुख्यमंत्री ने कटनी के विजयराघवगढ़ क्षेत्र में श्री हरिहर तीर्थ का किया भूमि-पूजन, गाया भजन

कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के रामराजा पहाड़ में महानदी और कटनी नदी के संगम में प्रयागराज जैसे महत्व को प्रतिपादित करने हरिहर तीर्थ का निर्माण कराया जा रहा है। भाजपा विधायक संजय पाठक की अगुवाई में तैयार कराए जा रहे हरिहर तीर्थ में भगवान परशुराम की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। सोमवार को यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जगद्गुरु रामभद्राचार्य, महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी के साथ चित्रकूट और हरिद्वार के कई आध्यात्मिक संतों और साधुओं की मौजूदगी में भूमि-पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। यहां सोमवार से ही जगद्गुरु रामभद्राचार्य की कथा भी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भूमि-पूजन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि हरिहर तीर्थ में संत वाणी से नई दिशा मिलेगी। संतों का मार्गदर्शन मिलेगा। श्रीहरिहर में सभी तीर्थ के दर्शन होंगे। मेरा निवेदन है कि जनता की स्थिति सुधारने में सरकार लगी है। हम संकल्प लें कि इस तीर्थ में अपना भी सहयोग देंगे। दोनों हाथ उठाकर सहयोग का संकल्प लें। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि राज्य सरकार संस्कृत विद्यालय की स्थापना कराएगी।

मुख्यमंत्री ने गाया भजन

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से राम भजन सुन भाई गाया, जिसमें जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य, स्वामी अवधेशानंद गिरि महराज, बागेश्वर सरकार धीरेंद्र शास्त्री आदि संतों समेत प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष व सांसद वीडी शर्मा ने भी साथ दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बच्चा कुछ मांग करे तो दिक्कत न हो, इसलिए लाड़ली बहना योजना के तहत एक हजार देना शुरू किया है, मौका मिला तो धीरे-धीरे 3 हजार तक ले जाएंगे।

बिना संस्कृति के नए प्रयोग नहीं होंगे

अवधेशानंद महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह का कार्य भारत भूमि पर ही संभव है। महानदी और कटनी नदी के संगम में है। भगवान परसुराम की विशाल प्रतिमा सहित देव स्थान बन रहा है। जर्मनी में तीन साल में संस्कृत स्कूल बने हैं। जर्मनी में संस्कृत अनिवार्य कर दी गई है। कैम्ब्रिज, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में भी शोध किये की कौन सी संस्कृति है, जो तेजी से फैल रही है। वह संत सनातन वैदिक संस्कृति भारत भूमि की। नासा में भी 14 विज्ञानी भारत के हैं। बिना संस्कृत के अब नए प्रयोग नहीं होंगे।

परलोक सुधारने का संकल्प लें

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में कहा कि ईश्वर व गुरु कृपा से होता है ऐसा। परलोक सुधारने का संकल्प लें। सभी तीर्थ के दर्शन होंगे। इसको देखकर ही तीर्थ यात्रा शुरू की, लेकिन विधायक ने यहीं तीर्थ स्थापित करा दिया। इसके लिए सब मिलकर सहयोग करेंगे। शुभ संकल्प पूरा करने। सरकार की तरफ से संस्कृत विद्यालय की स्थापना कराएंगे। लाड़ली बहनों धर्म पूजा जरूरी है, लेकिन पेट पूजा पहले जरूरी है। इसलिए हमने लाड़ली बहना योजना शुरू की। छोटी जरूरत पूरी हो जाएं।

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