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‘पैरामेडिकल’ अमले को रेल महिला कल्याण संगठन ने प्रोत्साहित कर दिया ‘थैंक्यू बॉक्स’

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  • पश्चिम मध्य रेल महिला कल्याण संगठन जबलपुर की अभिनव पहल, क्षेत्रीय रेल जोन में दिए 1350 बॉक्स

स्वदेश संवाददाता, भोपाल।

पश्चिम मध्य रेल महिला कल्याण संगठन जबलपुर द्वारा 24 मई 2021 को एक अभिनव पहल कर रेल चिकित्सालय के स्वास्थ्य विभाग के पैरामेडिकल स्टाफ को थैंक्यू बॉक्स देकर उनका मान सम्मान बढ़ाकर उन्हें प्रोत्साहित किया गया। संगठन जबलपुर की अध्यक्षा श्रीमती अर्चना सिंह एवं संगठन की अन्य सदस्यायों श्रीमती नीरू अरोरा एवं श्रीमती पुष्पा सिंह द्वारा कोविड-19 की इस वैश्विक महामारी की विषम परिस्थितियों में भी अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए बिना रुके एवं बिना थके रात-दिन अथक कार्य करके पैरामेडिकल स्टॉफ ने अपने अदम्य साहस का परिचय देकर रेल कर्मचारियों एवं क्षेत्रीय मरीजों की चिकित्सा सेवा की उसके लिए उनकी हौसला अफजाई एवं प्रोत्साहन हेतु थैंक्यू बॉक्स प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया गया है। संगठन ने पूरे क्षेत्रीय रेल जोन के पैरामेडिकल स्टॉफ को 1350 थैंक्यू बॉक्स देकर सम्मानित किया है। थैंक्यू बॉक्स में वोमेन वेलफेयर आर्गनाइजेशन द्वारा तैयार की गई उच्च गुणवत्ता वाली शुद्ध घी की मिठाईयां, नमकीन इत्यादि रखकर दिया गया है।

कोविड मरीजों की चिकित्सा सेवा

जबलपुर, कटनी, सतना, रीवा, भोपाल, इटारसी, विदिशा, बीना, कोटा, सवाई माधोपुर, भरतपुर मुख्य शहरों के अतिरिक्त इस भीषण महामारी में दुर दराजों के क्षेत्रों एवं स्टेशनों पर स्थित स्वास्थ्य इकाइयों ने जिस तरह कोविड के विरुद्ध मोर्चा संभाला वो न केवल काबिले तारीफ है बल्कि अभूतपूर्व रहा है। भोपाल रेलवे स्टेशन पर भी एक आइसोलेशन कोचों का रेक पूर्ण चिकित्सीय उपकरणों सहित उपलब्ध रहा। जिसमें लगभग 31 कोविड मरीजों का इलाज चला और 28 कोविड मरीजों स्वस्थ हुये शेष 03 कोविड मरीजों की चिकित्सा सेवा चल रही है। लॉक डाउन के कठिन समय में विशेष कर सेवानिवृत्त वायोवृद्ध रेल कर्मचारियों को उनके घर चिकित्सीय सुविधा एवं दवाइयां उपलब्ध करायी गयी।

विषम परिस्थितियों में उठाए कदम

पश्चिम मध्य रेल महिला कल्याण महिला कल्याण संगठन ने कोविड में कार्य करने वाले फ्रंटलाइन स्टॉफ को हजारों की संख्या में दस्ताने एवं फेस मास्क उपलब्ध कराये जिससे वह अपने को संक्रमण के खतरे से बचा सके। जिससे वह एवं उनका परिवार सुरक्षित रहे। संगठन की एक रजिस्टर्ड संस्था जाग्रति (शेल्टर होम) जो कि कर्मचारी कल्याण एवं सामाजिक उत्थान मे बड़ी तन्मयता से कार्य कर रही है।

इस संस्था ने कोविड की विषम परिस्थितियों में अंत्यन्त महत्वपूर्ण कदम उठाये। इस जागृति (शेल्टर होम) में 8 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक के लगभग 30 बच्चों का न केवल भरण-पोषण किया जा रहा बल्कि उनके सामाजिक उत्थान हेतु भी कई महत्वपूर्ण कार्य किये जा रहे हैं। महिला कल्याण संगठन जागृति की देख रेख का पूरा का जिम्मा अपने कंधों पर उठाए हुए निरंतरता से इस कार्य को बड़ी तन्मयता से कर रहा है।

खेल व मनोरंजन के साधन कराए उपलब्ध

पश्चिम मध्य रेल महिला कल्याण संगठन इन निराश्रित असहाय बच्चे जो सामाजिक जीवन धारा से पूरी तरह से विमुक्त होते हैं उन्हें मुख्य धारा में लाने हेतु अपने सीमित साधनों के बावजूद उनकी पढ़ाई, लिखाई, खेलना, कूदना तथा मनोरंजन के पूरे साधन उपलब्ध कराता है। इतने वर्षों की अथक परिश्रम एवं कठिन देख रेख के परिणाम स्वरूप इस जाग्रति केन्द्र के अनेक बच्चे इस केन्द्र के स्वालंबन का प्रशिक्षण प्राप्त कर सामाजिक धारा से जुडक़र सम्मान पूर्वक अपने परिवार की जीवका चला रहे हैं और जाग्रति चलाने वाली संस्था महान परोपकारी संस्था पमरे महिला कल्याण संगठन को सन्सटान्ग प्रणाम करते नहीं थकते।

आपकी रसोई बनी सहारा

लॉकडाउन की अवधि में जिन महिलाओं की आजीविका का साधन छिन गया था और उनकी आर्थिक व्यवस्था बेहद कमजोर हो गयी थी। ऐसी महिलाओं को सहारा देने के उद्देश्य से आपकी रसोई नामक खान-पान इकाई की व्यवस्था की। आपकी रसोई ने जहां एक तरफ आजीविका छिन जाने से असहाय महिलाओं को रोजगार दिया वही भूखे- प्यासे असहाय, अपंग आम गरीबों को न केवल भोजन उपलब्ध कराया बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने का आवश्यक सामग्री भी वितरित की। महिला कल्याण संगठन की संस्था आपकी रसोई द्वारा तैयार मिष्ठान एवं नमकीन उच्च गुणवत्ता युक्त एवं अत्यंत स्वादिष्ट होने के कारण रेल कर्मचारियों में अत्यधिक पसंद किए जा रही है।

इन्होने बताया
पश्चिम मध्य रेल महिला कल्याण संगठन भविष्य में भी कर्मचारी कल्याण एवं सामाजिक उत्थान तथा किसी महामारी या ईश्वरीय आपदा में इससे भी आगे बढ़-चढक़र कर ऐसे कार्यो को अंजाम देने में पूरी इच्छाशक्ति और आत्मबल के साथ कार्य करता रहेगा।
राहुल जयपुरियार, सीपीआरओ
पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर

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