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मरीज की मौत पर विधायक पीसी शर्मा के समर्थकों का हंगामा, बदसलूकी से दु:खी डॉक्टर ने दिया इस्तीफा

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  • मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा योद्धाओं का मनोबल गिराने वाली शर्मनाक घटना, पीसी ने लिखा हॉट-टॉक हुई लेकिन बदसलूकी नहीं की
  • अस्पताल के नोडल ऑफसर डॉ. योगेन्द्र श्रीवास्तव ने दिया इस्तीफा, रोते हुए कहा- 32 साल की नौकरी में पहली बार हुए ऐसा अपमान

भोपाल। राजधानी के जेपी अस्पताल में शनिवार को कोरोना मरीज की मौत के बाद खासा हंगामा हुआ। परिजनों डॉक्टरों को मरीज की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए डॉक्टरों के साथ बदसलूकी भी की। इसी दौरान विधायक पीसी शर्मा अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। समर्थकों ने भी डॉक्टर को धमकाने की कोशिश की। परिजनों के बर्ताव से आहत होकर अस्पताल के नोडल अफसर डॉ. योगेन्द्र श्रीवास्तव ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इस दौरान उन्होंने रोते हुए कहा कि 32 साल की नौकरी में पहली बार ऐसा अपमान हुआ है। वो ऐसे गाली खाने के लिए नौकरी नहीं कर सकते। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए घटना को शर्मनाक बताया।

जानकारी के अनुसार भीमनगर निवासी तखत सिंह शाक्य (40) को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। दोपहर करीब 12.30 बजे परिजन उन्हें जेपी अस्पताल लेकर पहुंचे। जानकारी के मुताबिक मरीज की कोरेाना रिपोर्ट नेगेटिव थी, लेकिन गंभीर हालत देखते हुए उन्हें भर्ती कर लिया गया। परिजनों का कहना है कि दो घंटे बीतने के बावजूद कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं पहुंचा। एक डॉक्टर आया तो वो भी मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने को कहने लगा। यही नहीं मरीज का ऑक्सीजन का मास्क भी हटा दिया, करीब 2.30 बजे मौत हो गई।

अस्पताल का तर्क 40 से नीचे था सैचुरेशन

मामले में अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव का कहना है कि मरीज की स्थिति बहुत खराब थी। उसका सैचुरेशन करीब 36 के आसपास था। मरीज करीब दस दिन से बीमार था और वो किसी झोलाछाप डॉक्टर सेइलाज करवा रहा था। यहां हमने ऑक्सीजन लगाकर सैचुरेशन मेंटेन करने की कोशिश ती लेकिन कामयाबी नहीं मिली।

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर घटना को बताया शर्मनाक

हमारे कोरोना योद्धा लगातार अपनी जान दाँव पर लगाकर पीडि़त मानवता की सेवा में कार्यरत हैं। मैं स्वयं भी कई बार अपील कर चुका हूँ कि हम सभी को एकजुट होकर, राजनीति से ऊपर उठकर इन सभी का सहयोग करना चाहिए और इनका मनोबल बढ़ाना चाहिए ताकि वे और बेहतर तरीके से समाज की सेवा करें। आज भोपाल के जेपी अस्पताल में जिस प्रकार कुछ लोगों ने डॉक्टर्स और वहाँ मौजूद स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार किया, हंगामा खड़ा किया, वह बेहद शर्मनाक है। किसी भी व्यक्ति को हमारे डॉक्टर्स के साथ दुव्र्यवहार करने का कोई अधिकार नहीं है। आज की घटना के कारण जेपी अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने अत्यंत व्यथित होकर इस्तीफा तक सौंप दिया है। हम एक सभ्य समाज में रह रहे हैं, इस समय जब साथ मिलकर खड़े होने की जरूरत है, ऐसे में हंगामा करना न तो जनहित में है और न ही इससे कोविड-19 का मुकाबला किया जा सकता है। आज जेपी अस्पताल में जो घटना हुई, ऐसी घटनाओं से दिन-रात कार्यरत हमारे डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सा सेवाओं से जुड़े लोगों का मनोबल गिरता है। मैं पुन: अपील करता हूँ, सभी लोग सभ्य और जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें, डॉक्टर्स का मनोबल गिराने की जगह उनका मनोबल बढ़ाएँ।

पीसी शर्मा ने ट्विटर पर दी सफाई

स्व. तखत सिंह मेरे विधानसभा का निवासी झुग्गीवासी की 1250 जेपी अस्पताल में डॉ. की लापरवाही से मृत्यु होने पर मैं अपनी ओर से श्रद्धांजलि देता हूँ। उल्लेखनीय है कि स्व. तखत सिंह के परिजनों ने मेरे पास आकर कहा कि 1250 के डॉ. द्वारा प्रायवेट अस्पताल में ले जाने की बात कर रहे हैं। इस पर मैंने डॉक्टर्स को फोन पर संपर्क करने की कोशिश की। संपर्क न होने पर परिजनों के कहने पर अस्पताल पहुंचने पर देखा कि तखत सिंह की पत्नी और बच्चे जोर-जोर से रो रहे थे। पता चला कि तखत सिंह की डॉक्टरों की लापरवाही से जान जा चुकी है। इस पर मेरी और मेरे साथियों की डॉक्टरों से हॉट-टॉक जरूर हुई परंतु किसी डॉ. से दुव्र्यवहार नहीं हुआ और लौटते समय डॉक्टर श्रीवास्तव से सीएमओ के सामने मिलकर भी आया व अपनी ओर से खेद भी व्यक्त करके भी आया था। मैं समझता हूं की मुख्यमंत्री जी उस गरीब स्व. तखत सिंह के परिवार, जिसमें पत्नी व दो बच्चियां है के साथ भी न्याय करेंगे व 1250 जेपी अस्पताल में कोरोना पॉजीटिव व नेगेटिव मरीजों की जान बचाने के लिए अस्पताल प्रंबधन को निर्देश देंगे।

पूर्व मंत्री उमाशंकर ने पीसी शर्मा पर साधा निशाना

जेपी अस्पताल में हुई घटना के बाद पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि इस कोरोना काल में उत्पन्न हुई विपरीत परिस्थितियों में जबकि डॉक्टर ही संपूर्ण मानवता को बचाने में अपना और अपने परिवार को रिस्क पर रखकर जनसेवा का निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके साथ इस तरह के कृत्य की उम्मीद किसी से भी नहीं की जा सकती। जिस तरह से आज जेपी अस्पताल में कोरोना नोडल ऑफिसर डॉ. श्रीवास्तव के साथ गाली-गलौच कर विधायक पीसी शर्मा एवं उनके समर्थकों ने बातचीत की इससे डॉक्टरों के मन में भय का माहोल बना है। पूर्व मंत्री ने आज जेपी अस्पताल में डा. योगेन्द्र श्रीवास्तव जी के साथ हुई घटना की भरसक निंदा की और बताया कि करोना काल में अपनी ड्यूटी को निभाने वाले वॉरीयर के साथ ऐसा व्यवहार बिल्कुल गलत है और पूर्व मंत्री ने उनसे डॉक्टरों से निवेदन किया है, इस संकट की घड़ी में वे कुछ गलत लोगों की धमकी के कारण अपना कर्तव्य न छोड़े और जनसेवा में लगे रहें।

मरीज की हालत बहुत खराब थी, हम लगातार कोशिश कर रहे थे, लेकिन बचा नहीं सके। इसके बाद बाहर से आए लोगों ने मेरे साथ बदतमीजी करते हुए गाली दी। लोगों ने मुझसे अपशब्द कहे, मेरे साथ झूमाझटकी भी की। गाली खाने के लिए नौकरी नहीं करनी। मैंने अपना इस्तीफा दे दिया है।
डॉ. योगेन्द्र श्रीवास्तव, कोविड नोडल अफसर, जेपी अस्पताल

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