Home भोपाल नए शेयरिंग फार्मूले के तहत ही होगा मौजूदा खरीफ फसल का बीमा

नए शेयरिंग फार्मूले के तहत ही होगा मौजूदा खरीफ फसल का बीमा

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  • मुख्यमंत्री शिवराज के प्रस्ताव को केंद्र ने किया मंजूर
  • बीते साल किसानों को मिले थे 6 हजार करोड़ रुपए
  • वर्ष 2020 में हुए बीमा के 4 हजार करोड़ और मिलेंगे

स्वदेश ब्यूरो, भोपाल।

मौजूदा साल में रबी के साथ खरीफ फसल का बीमा शेयरिंग फार्मूले के आधार पर किए जाने संबंधी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद खेतों में खड़ी वर्तमान खरीफ फसल का बीमा होगा। अतिवृष्टि व बाढ़ से फसलों को नुकसान पहुंचने पर किसान इस योजना का लाभ ले सकेंगे। बीते साल इसी फार्मूले के आधार पर प्रदेश के किसानों को बीमा कं पनी की ओर से करीब छह हजार करोड़ का भुगतान करना पड़ा था।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिनों केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर खरीफ एवं रबी 2020-21 के लिए बीमा का शेयरिंग फार्मूला लागू करने की प्रस्ताव सौंपा था। इस फार्मूले में किसानों को उनकी फसल को नुकसान पहुंचने पर कुल दावे का 80 से 110 प्रतिशत तक भुगतान करना होता है।

प्रदेश में पिछले साल फसल बीमा को लेकर राज्य सरकार ने तीन बार निविदा बुलाई थी लेकिन कंपनियों की ओर से प्रीमियम दर अधिक होने पर सरप्लस शेयरिंग फार्मूले को लागू किया गया था। इस स्थिति को देखते हुए प्रदेश के इस कृषि विभाग ने उक्त फार्मूले के साथ ही परंपरागत फसल बीमा का विकल्प भी रखा है। दोनों में कम प्रीमियम वाली पॉलिसी को लेकर लागू किया जाएगा। फसल बीमा के लिए निविदाएं भी आमंत्रित की गईं हैं। इसकी अधिसूचना भी जारी हो चुकी है।

तिथि बढ़वाकर कराया था बीमा, अब मिलेंगे 4 हजार करोड़ रुपए

राज्य सरकार ने वर्ष 2020 में खरीफ फसल के लिए बीमा की अवधि बढ़वाकर इससे वंचित रहे किसानों को भी इसका लाभ दिलाया था। प्रदेश के करीब 44 लाख किसानों ने इस सुविधा का लाभ लिया। बताया जाता है कि उक्त फसल बीमा दावे के लिए शीघ्र ही प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे जाने की तैयारी है। बीमा कंपनी पर इसका परीक्षण होने के बाद सूबे के किसानों को करीब चार हजार करोड़ रुपए की राशि मिलने के आसार हैं। बीते साल रबी में ही किसानों को फसल बीमा से करीब लगभग छह हजार करोड़ रुपए मिले थे।

यह है सरप्लस शेयरिंग फार्मूला

सरप्लस शेयरिंग फार्मूला अंतर्गत फसल को 80 फीसद से कम नुकसान होने पर बीमा कंपनी कुल दावे (क्लेम) और प्रीमियम के अंतर की राशि सरकार को लौटाती है। वहीं नुकसान 110 फीसद से अधिक होने पर दावे व प्रीमियम के अतिरिक्त राशि सरकार कंपनी को अदा करती है। दोनों ही स्थिति में किसान को उसके दावे की पूरी रकम मिलती है।

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