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रोजगार बढ़ाने सूक्ष्म, मध्यम उद्योगों को सस्ती दर पर मिलेगी जमीन, मंत्रिपरिषद का फैसला

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स्वदेश ब्यूरो, भोपाल।

रोजगार बढ़ाने के इरादे से राज्य सरकार अब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम नए उद्योगों के लिए सस्ती दर पर जमीन उपलब्ध कराएगी। इससे प्रदेश में अधिकाधिक उद्योग स्थापित होने के आसार हैं। इसी तरह प्रदेश में कुपोषण में कमी लाने नई पोषण नीति लागू होगी। इसके अंतर्गत आंगनवाडिय़ों एवं शैक्षणिक परिसरों में किचिन गार्डन तैयार कर जैविक व पौष्टिक सब्जियां, फल आदि पैदा किए जाएंगे।

यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए। प्रदेश में एमएसएमई विकास नीति 2019 पहले से लागू है। इसी नीति में जमीन आवंटन संबंधी प्रावधान में संशोधित प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी मिली। इसके अंतर्गत नियम लागू होने से पहले के विकसित औद्योगिक क्षेत्रों के लिये विकास शुल्क 150 रूपये प्रति वर्गमीटर तथा नियम लागू होने के बाद विकसित होने वाले औद्योगिक क्षेत्र के लिये विकास शुल्क उस औद्योगिक क्षेत्र के समेकित विकास में हुए कुल व्यय पर समानुपातिक रूप से लिये जाने का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि,भूखण्डों का आवंटन ऑनलाइन होगा। वहीं आवंटन व अपील प्रक्रिया की समय-सीमा भी लगभग आधी की गई है।

किराए पर दिए जा सकेंगे विभागीय शेड्स

नई नीति में विभागीय शेड्स भी एमएसएमई उद्योगों को किराए पर दिए जा सकेंगे। संशोधित नीति को मंजूरी मिलने से अब उद्यमियों को जहाँ सस्ती दर पर भूमि उपलब्ध हो सकेगी वहीं उस पर भूमि का विकास भी अब उद्यमी स्वयं कर पाएंगे। साथ ही अब उद्यमी स्वयं ही निवेश भी आमंत्रित कर सकेंगे। नई पॉलिसी में प्रदेश में पहली बार उद्यमियों को नगरीय तथा गैर नगरीय भूमि पर स्व-निर्धारित डिजाइन के अनुसार क्लस्टर विकसित तथा संधारित करने का अवसर मिलेगा। इन क्लस्टर्स में भूमि विकास के लिए डेवलपसज़् को कलेक्टर की असिंचित भूमि की गाइडलाइन के मात्र 25 प्रतिशत पर भूमि आवंटित की जायेगी। अब डेवलपर्स विकसित क्लस्टर्स में अपनी इच्छा से निवेशक ला सकेगा।

पोषण नीति का अनुमोदन

प्रदेश में कुपोषण कम करने राज्य की पोषण नीति-2020 का भी बैठक में अनुमोदन किया गया। इसके बाद सुपोषित मप्र की संकल्पना को साकार किया जा सकेगा। बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व घोषित मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना एवं मुख्यमंत्री कोविड-19 विशेष अनुग्रह योजना का अनुसमर्थन भी किया गया।

विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजना

बैठक में विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजना अंतर्गत मौजूदा वित्तीय वर्ष में कर्ज लेने जरूरी 29 हजार 400 करोड़ रूपये की नि:शुल्क शासकीय प्रत्याभूति की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रत्याभूति राशि का समय-सीमा में संबंधित संस्थाओं को आवंटित करने खाद्य विभाग को अधिकृत किया गया।

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