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तूफान की चेतावनी से खरीदे गए गेहूं के परिवहन को लेकर मची अफरा – तफरी

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* 50 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं खुले में, बारदाने की कमी ने बढ़ाई परेशानी
* उपज बेच पाने से वंचित किसानों की चिंता भी बढ़ी

स्वदेश ब्यूरो , भोपाल

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जारी गेहूं की सरकारी खरीदी के बीच चक्रवाती तूफान ताउते की आमद की चेतावनी ने खरीदी में जुटे अमले व किसानों के होश उड़ा दिए हैं। दरअसल, बारदाने की कमी के चलते खरीदे गए गेहूं का परिवहन नहीं हो पा रहा है। प्रदेशभर में करीब 50 लाख क्विंटल से अधिक गेहूँ खरीदी स्थलों पर खुले में रखा है। इसमें उन किसानों का गेहूं भी शामिल है, जो खरीदी केंद्र तो पहुंचा लेकिन संबंधित किसान का नंबर नहीं आने से उसकी उपज की तुलाई नहीं हो सकी।

मौसम विभाग की चेतावनी है कि यह तूफान 16 मई की रात से लेकर 17 और 18 मई तक प्रदेश के कई इलाकों में तूफानी बारिश लेकर आएगा। इसके बाद से राज्य शासन के जिम्मेदार विभागों ने खरीदी रोक दी है और पूरा ध्यान खुले में रखे गेहूं को सुरक्षित तरीके से गोदामों तक पहुंचाने में लगा दिया है।

बताया जाता है कि प्रदेश में जबलपुर, सतना, छिंदवाड़ा, सागर, हरदा, होशंगाबाद, विदिशा, देवास, धार, इंदौर, उज्जैन, रायसेन आदि जिलों में कुल मिलाकर करीब 5 लाख टन गेहूं खुले में रखा है। बारदाने की कमी और परिवहन की देरी के कारण कई खरीदी केंद्रों पर कुछ गेहूं खुले में रखना पड़ा। समय पर पूरा गेहूं नहीं उठ पाया और अब अचानक तूफान आ गया है। गेहूं की सरकारी खरीदी के नोडल विभाग खाद्य व नागरिक आपूर्ति, मध्य प्रदेश सहकारी विपणन संघ और सहकारिता विभाग खुले में रखे गेहूं को उठाने में पूरा जोर लगा रहे हैं, लेकिन इसमें सबसे बड़ी समस्या ट्रकों और हम्मालों की आ रही है।

ट्रक मिल भी रहे हैं तो गेहूं भरने के लिए हम्माल कम पड़ रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनी है कि ताउते का असर रीवा, सतना, सीधी, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, बालाघाट आदि इलाकों के अलावा भोपाल के आसपास के जिलों में ज्यादा असर रहेगा। मालवा और निमाड़ में भी इसका कुछ असर रहने की आशंका है।

बताया जाता है कि इंदौर जिले में इस समय 37 खरीदी केंद्रों पर 1 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं खुले में रखा है। मार्कफेड इस गेहूं का परिवहन करवाकर इसे गोदामों में रखवा रहा है, लेकिन तूफान आने तक कितना गेहूं उठ पाता है, कहना मुश्किल है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष भी बेमौसम बारिश से करीब 25 हजार क्विंटल गेहूं खराब हो गया था।

रायसेन जिले में ग्राम तामोट निवासी एक किसान अरुण कुमार ने बताया कि वह दो दिन पहले अपनी उपज लेकर खरीदी केंद्र पहुँच गए , लेकिन अब तक इसकी तुलाई नहीं हो सकी। उनके अपने गांव के अलावा आसपास के क्षेत्र के भी ऐसे कई किसान हैं जिनकी उपज की तुलाई नहीं होने से ये खरीदी स्थल पर खुले में रखी है। उन्होंने चिंता जताई कि आंधी-पानी से खुले में रखे किसानों के गेहूं को भी नुकसान हो सकता है।

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