Home भोपाल तीसरी लहर के कारणों को समाप्त करना ही लक्ष्य : मुख्यमंत्री

तीसरी लहर के कारणों को समाप्त करना ही लक्ष्य : मुख्यमंत्री

21
0

मुख्यमंत्री ने की कोरोना की समीक्षा, कहा- कम नहीं होंगे कोरोना टेस्ट

भोपाल। शनिवार को प्रदेश के सभी 52 जिलों की एक साथ कोरोना समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना के तीसरी लहर की संभावना खत्म नहीं हुई है। तीसरी लहर को लेकर प्रदेश सरकार लगातार तैयारियों में जुटी हुई है। बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। ऑक्सीजन प्लांट तेजी से तैयार कराए जा रहे हैं। प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर के कारणों को समाप्त करना ही हमारा लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए लगातार सतर्क रहने और अधिक से अधिक टेस्ट आवश्यक हैं। प्रदेश के कोने-कोने में टेस्टिंग और ट्रेसिंग से तत्काल संक्रमण की पहचान और उस पर नियंत्रण संभव होगा। हमारा प्रयास यह हो कि हम संक्रमण के प्रत्येक प्रकरण के कारणों की पहचान करें। इससे सभी सावधानी बरती जा सकेगी।

ब्लैक फंगस के इलाज में राहत देगी सरकार

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि म्यूकर माइकोसिस का इलाज बहुत महंगा है। गरीब तथा मध्यम वर्गीय परिवारों को इलाज के आर्थिक बोझ से बचाना जरूरी है। अत: शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में म्यूकर माइकोसिस के इलाज की श्रेष्ठ व्यवस्था की जाए। समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में म्यूकर माइकोसिस के 532 मरीज मेडिकल कॉलेजों में और 200 मरीज निजी अस्पतालों में उपचाररत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर और अधिक खर्च वाली बीमारियों में मरीज और उसके परिवार को आर्थिक राहत और भावनात्मक संबल देने के लिए आवश्यक मेकेनिज्म विकसित किया जाए। कोरोना संक्रमण के मरीजों के इलाज,उनकी स्थिति, आवश्यक व्यवस्था और उन्हें सहयोग देने आदि की प्रतिदिन समीक्षा की गई। पीडि़त मरीजों और परिवारों को राहत प्रदान की गई। इसी प्रकार किडनी की समस्या, बायपास सर्जरी, थैलेसीमिया जैसी गंभीर और खर्चीली बीमारियों से ग्रस्त मरीजों और परिवारों की नियमित मानीटरिंग की व्यवस्था स्थापित की जाए और उन्हें सहयोग प्रदान किया जाये।

30 प्रतिशत जनसंख्या को लग चुका टीके की पहली डोज

ख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि यह शुभ संकेत है कि प्रदेश में टीकाकरण को लेकर भय और भ्रम दूर हुआ है। लोग स्वयं टीकाकरण के लिए आगे आ रहे हैं। प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों का जल्द से जल्द टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे। समीक्षा में जानकारी दी गई कि 18 वर्ष से अधिक आयु की 30 प्रतिशत पात्र जनसंख्या को टीके की पहली डोज लग चुकी है। इंदौर में 68 प्रतिशत, भोपाल में 60 प्रतिशत, शहडोल और उज्जैन में 44 प्रतिशत, जबलपुर में 41 प्रतिशत और ग्वालियर में 40 प्रतिशत पात्र जनसंख्या को टीके की पहली डोज लगाई जा चुकी है।

टीकाकरण महाअभियान में 21 से 25 जून तक इंदौर में 4 लाख 46 हजार 445,भोपाल में 2 लाख 60 हजार 633, उज्जैन में एक लाख 94 हजार 28 और जबलपुर में एक लाख 69 हजार 191 डोजेज लगाई गईं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पन्ना, दमोह, झाबुआ, मंडला, सीधी, बड़वानी, छिंदवाड़ा, सतना, भिंड, टीकमगढ़, खरगोन, अलीराजपुर, अनुपपुर, छतरपुर, मुरैना और आगर जिलों में टीकाकरण को गति देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इंदौर, बड़वानी, बैतूल, हरदा, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, रतलाम और रीवा में आये नए कोरोना प्रकरणों की बिंदुवार जानकारी ली।

Previous article35 जिलों में कोई मरीज नहीं मिला, अब रविवार का कोरोना कर्फ्यू समाप्त, कोरोना समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने की घोषणा
Next articleमंडीदीप में 60 बिस्तरों का कोविड केयर सेंटर शुरू, बच्चों के लिए अलग से वार्ड

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here