Home भोपाल मंत्रियों की समिति तय करेंगी एक जून से कफ्र्यू में ढील की...

मंत्रियों की समिति तय करेंगी एक जून से कफ्र्यू में ढील की प्रक्रिया

12
0
  • विशेषज्ञों से चर्चा के बाद तय होगा अनलॉक का रोडमैप
  • जिलों के आपदा प्रबंधन समूहों से भी लिए जाएंगे सुझाव
  • अनलॉक को लेकर आज प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे शिवराज

स्वदेश ब्यूरो, भोपाल।

प्रदेश में कोरोना कफ्र्यू से एक जून से मिलने वाली राहत का स्वरूप तय करने के लिए सरकार मंत्रियों की समिति बनाएगी। यह समिति एक जून को जनता कफ्र्यू में छूट को लेकर विशेषज्ञों से चर्चा करके प्रक्रिया तय करेगी। इसमें यह ध्यान रखा जाएगा कि कोरोना संक्रमण फिर से न बढऩे पाए। कितनी और कैसे छूट दी जाए, इसको पूरा रोडमैप इस समिति की देखरेख में तैयार होगा। इसी तरह चार अन्य समितियां भी बनाई जाएंगी।

इस निर्णय की जानकारी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले मंत्रियों को दी। साथ ही निर्देश दिए कि वे प्रभार के जिले में आपदा प्रबंधन समितियों से कफ्र्यू में छूट पर बात करके सुझाव लें ताकि जब प्रावधान लागू हों तो वे उनका पालन करने में प्रभावी भूमिका निभाएं। उन्होंने यह भी बताया कि वे बुधवार को प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे।

उक्त निर्णय की जानकारी देते हुए गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बैठक से पहले कोरोना की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश कोरोना संक्रमण को नियंत्रण करने की स्थिति में आता जा रहा है। प्रदेश में कोरोना से स्वस्थ होने की दर 92.68 प्रतिशत हो गई है। कई जिलों में यह 5 फ ीसद से नीचे आ गई है। 31 मई तक संक्रमण की दर को शून्य पर लाना है।


वहीं, सामान्य गतिविधियां प्रारंभ करनी हैं। इसके लिए आगामी एक जून से अनलॉक की प्रक्रिया प्रारंभ करेंगे और जांच की प्रक्रिया भी साथ-साथ चलती रहेगी। कोविड केयर सेंटर भी चलते रहेंगे। इलाज की व्यवस्था जारी रहेगी ताकि संक्रमित व्यक्ति को इलाज मिल जाए और संक्रमण भी न फैल पाए। इसके लिए आपदा प्रबंधन समितियों को सक्रिय रखना होगा। अनलॉक की प्रक्रिया में इनकी भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी।

सभी स्तरों पर हुई लापरवाही से बढ़ा संकट

डॉ. मिश्रा के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में दौरा करें और ग्राम स्तर तक की समितियों से संवाद करें। इस काम में विधायकों को भी लगाया जाए। ग्रामीणों की राय को अनलॉक की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना की पहली लहर नियंत्रित होने के बाद सब निश्ंिचत हो गए। हमारे राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक आयोजन प्रारंभ हो गए। सभी स्तर पर लापरवाही हुई तो कोरोना संकट बढ़ गया। तीसरी लहर को रोकना है तो उसके लिए अनलॉक एकदम से नहीं करेंगे।

कोविड नियमों का पालन रहेगा अनिवार्य

डॉ. मिश्रा ने बताया कि अनलॉक के दौरान भी मॉस्क पहनना,सोशल डिस्टेंसिंग का पालन,सार्वजनिक कार्यक्रमों में सीमित संख्या में लोगों की आमद जैसे कोविड-19 के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। इनका उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। बाजार कैसे खोला जाएगा, दुकानदार किस तरह से व्यवहार करेंगे, कर्मचारियों के लिए क्या प्रोटोकॉल होगा, यह सब उक्त रोडमैप में तय किया जाएगा। अनलॉक के लिए गठित समिति इन सभी प्रक्रियाओं को तय करने के साथ ही निगरानी भी करेंगी।

अस्पतालों के लिए अलग समिति

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों के प्रबंधन और सुविधाओं को उपलब्ध कराने के साथ ऑक्सीजन सहित अत्यावश्यक चीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने वाली समिति बनेगी। दरअसल, दूसरी लहर में इंजेक्शन से लेकर कई चीजें की कमी का सामना सरकार को करना पड़ा था। ऐसे हालात फि र न बनें, इसके लिए पहले से इंतजाम किए जाएंगे। इसी तरह, कोविड अनुकूल व्यवहार कैसे हो इसके लिए अगल समिति बनेगी।

समिति यह सुझाव देगी कि बाजार में व्यापारी और ग्राहक के बीच व्यवहार कैसा होना चाहिए। किस तरह संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रबंध किए जाएंगे क्योंकि आर्थिक गतिविधियों को फिर प्रारंभ करने के लिए अब बाजारों को खोलना होगा। वहीं टीकाकरण क ो लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर कर जनजागृति लाने के लिए एक अलग समिति गठित होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here