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बीना रिफायनरी में एक हजार बिस्तर का अस्पताल 10 दिन में बनाने का लक्ष्य

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  • सभी मौसम के अनुरूप बन रहा बीना अस्पताल, 5 हजार बिस्तर करने की तैयारी
  • निर्माण कार्य में डीआरडीओ करेगा मदद, दो ऑक्सीजन प्लांट शूरू

भोपाल। कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए बीना ओमान रिफायनरी में बन एक रहे एक हजार बिस्तर के अस्पताल को दस दिन में चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह के साथ निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अस्पताल का निर्माण ऐसा करें कि सभी मौसम में चलता रहे। निर्माणाधीन अस्पताल का निरीक्षण करने मंगलवार को मुख्यमंत्री श्री चौहान बीना रिफायनरी जाएंगे।

पांच हजार तक बढ़ेगी क्षमता

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्देश दिए हैं कि अस्पताल को ऐसा मजबूत बनाया जाए कि वह सभी मौसम में काम करता रहे। एक हजार बिस्तर का अस्पताल तो अभी बन रहा है, लेकिन बिजली, पानी, ऑक्सीजन व अन्य सुविधाएं इस तरह से की जाएं कि आने वाले दिनों में आवश्यकता पडऩे पर इस अस्पताल को पांच हजार बिस्तर तक बढ़ा सकें।

वीडियो कांफ्रेंस में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई, बीना ओमान रिफानरी लिमिटेड के संचालक भंडारी एवं अन्य निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

पाइप से आएगी ऑक्सीजन

मरीजों को ऑक्सीजन पाईप लाइन द्वारा रिफायनरी से चिकित्सालय तक पहुंचाई जाएगी। पाईप लाइन निर्माण की कार्यवाही भी जारी हो गई है। बीना ओमान रिफानरी के प्रबंध संचालक भंडारी ने बताया कि प्लांट में 90 टन क्षमता के दो ऑक्सीजन प्लांट उपलब्ध हैं। एक प्लांट का ट्रायल रन विगत 20 अप्रैल से किया जा रहा है। दूसरे का ट्रायल रन आज से शुरू हो गया है

विद्युत सब-स्टेशन, सड़क लगभग तैयार

मुख्यमंत्री को बताया गया कि अस्पताल की विद्युत आपूर्ति के लिए विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगतिरत है। विद्युत आपूर्ति के बैकअप के रूप में रिफानरी की विद्युत व्यवस्था को सपोर्ट सिस्टम बनाया गया है। रिफानरी के बेतवा जलस्रोत से ही पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। जल स्रोत में पर्याप्त जल का संचयन है।

कनेक्टिविटी के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर की सड़क का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। चिकित्सालय की भोजन, जलपान आदि व्यवस्थाओं के लिए अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ टाईअप किया गया है। साफ-सफाई के लिए निजी एजेंसियों के साथ अनुबंध की कार्यवाही प्रचलित है।

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