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महिलाओं को बर्बरता से बचाने बनेगा सख्त कानून, सहायता का होगा प्रावधान : मुख्यमंत्री

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  • अंग-भंग की गई तीनों महिलाओं को चार-चार लाख की सहायता
  • कानून में हत्या के प्रयास से अधिक कड़ी सजा का होगा प्रावधान

भोपाल। बीते एक पखवाड़े में तीन महिलाओं के हाथ-पैर पतियों द्वारा काटे जाने को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बहुत गंभीरता से लिया है। महिलाओं को इस तरह की बर्बरता और घरेलू हिंसा से बचाने के लिए प्रदेश में नया कानून बनाया जाएगा। नए कानून में अंग-भंग करने के मामलों में हत्या के प्रयास से अधिक सजा का प्रावधान होगा। साथ ही नए कानून में इस तरह बर्बरता का शिकार हुई महिलाओं को सहायता व क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान भी नए कानून में किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार सुबह इस संबंध में बैठक की है। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंगस, एसीएस गृह डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव विधि सत्येंद्र कुमार सिंह, प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास अशोक शाह मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग-भंग के जघन्य अपराध से प्रभावित तीनों महिलाओं को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठेगी

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पति या परिवार के निकटतम व्यक्ति द्वारा घर की महिला पर हिंसा मूलत: विश्वास की हत्या है। जिस पर महिला की सुरक्षा और संरक्षण का दायित्व है, यदि वही आक्रांता और अत्याचारी हो जाएगा तो महिला का भरोसा किस पर रहेगा। ऐसा अत्याचार करने वाले व्यक्ति समझ लें कि सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी रहेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों ने इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नए कानून बनाने के निर्देश दिए हैं। नए कानून में हत्या के प्रयास से अधिक कड़ी सजा के प्रावधान होंगे। इसके साथ अंग-भंग से प्रभावित महिलाओं की सहायता और क्षतिपूर्ति के लिए विशेष योजना लागू की जाएगी। साथ ही घरेलू हिंसा के सामान्य प्रकरणों में त्वरित और कठोर कार्रवाई के लिए व्यवस्था को अधिक संवेदनशील बनाया जाएगा।

700 थानों में महिला डेस्क स्थापित होगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि महिलाओं की सहायता के लिए प्रदेश के 700 थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की जाएगी। इन थानों में महिला अधिकारी पदस्थ होंगी तथा पीडि़त महिलाएं आसानी से अपनी रिपोर्ट दर्ज करा सकें, इसके लिए प्रत्येक थाने का अलग मोबाइल नंबर दिया जाएगा।

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