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राज्य मंत्रिपरिषद का फैसला: छतरपुर में कोयले की जगह अब लगेगा सौर ऊर्जा संयंत्र

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  • इसकी बिजली पर पहला हक मप्र का होगा
  • स्वदेश ब्यूरो, भोपाल।

छतरपुर जिले के गांव बरेठी में एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा तीन हजार 960 मेगावाट क्षमता की ताप विद्युत परियोजना की जगह अब सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करेगी। इसमें उत्पादित पूरी बिजली 2.45 रुपए प्रति यूनिट की दर से अगले 25 साल तक क्रय करने का अधिकार केवल मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी को होगा।

यह निर्णय मंगलवार को राज्य मंत्रि परिषद की बैठक में लिया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। बैठक में बताया गया कि एनटीपीसी ने 976 हेक्टेयर भूमि का अर्जन किया था। शासन ने परियोजना के लिए 172 हेक्टेयर राजस्व भूमि कंपनी को दी थी,लेकिन उसे पर्यावरण स्वीकृति और कोल लिंकेज समय पर हासिल नहीं हुआ।

इसके मद्देनजर कंपनी ने मध्य प्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी से बिजली खरीदी संबंधी करार को निरस्त करने का अनुरोध किया था, जिसे गए साल जनवरी में निरस्त किया गया। ताप विद्युत गृह के स्थान पर कंपनी ने 550 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापना करने भूमि का उपयोग परिवर्तन करने की अनुमति मांगी थी, जो मंत्रिपरिषद ने दे दी। साथ ही यह भी तय किया कि परियोजना से उत्पादित पूरी बिजली दो रुपये 45 पैसे की दर पर 25 साल के लिए क्रय करने का पहला अधिकारी मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी का होगा। इस तरह,इस संयंत्र से उत्पादित बिजली पर पहला हक मप्र का होगा।

अब बस स्टैंड के लिए भी मुफ्त मिल सकेगी नजूल भूमि

बैठक में नजूल भूमि निवर्तन निर्देश-2020 में संशोधन करके बस स्टैंड बनाने के लिए भूमि नि:शुल्क देने का निर्णय भी किया गया। इसके लिए बस स्टैंड को अब सार्वजनिक प्रयोजन की श्रेणी में शामिल किया गया है। बैठक में मध्य प्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की इंदौर विकास प्राधिकरण से लीज पर प्राप्त भूखंड को सात करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की बोली लगाने वाले के पक्ष में नामांतरण करने की कार्यवाही संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा साथ ही छतरपुर के बक्सवाहा विकासखंड में नए आइटीआइ के लिए 30 पदों के सृजन की स्वीकृति भी दी गई।

बांधों से निकाली जाएगी रेत

बैठक में प्रदेश के बांधों की जल भंडारण क्षमता पुनर्विकसित करने इनसे गाद व रेत निकाली जाएगी। पहले चरण में इंदिरा सागर व बाण सागर सहित चार बड़े बांध इस परियोजना में शामिल होंगे। इससे राज्य सरकार को करीब तीन सौ करोड़ रुपए का राजस्व मिलेगा। इसके लिए निविदाएं बुलाईं जाएंगी। बांधों से गाद निकालने वाला मप्र देश का पहला राज्य होगा।

सर्विलांस सिस्टम से जुड़ेंगे थाने

बैठक में प्रदेश के सभी 1117 थाने, 5 सौ पुलिस चौकी, 42 महिला थाने ,सभी 52 जिला पुलिस नियंत्रण केंद्र व 3 एसआरपी कार्यालयों में सीसीटीव्ही सर्विलांस सिस्टम स्थापित होगा। इसमें पुराने 859 वे थाने भी शामिल हैं जहां पहले से केवल सीसीटीव्ही सिस्टम है। इसके लिए परियोजना की कुल लागत 94 करोड़ 18 लाख 95 हजार 175 रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। हालांकि बीते साल बजट तैयार होने से पूर्व विभाग ने यह अनुमान करीब 66.18करोड़ प्रस्तावित किया था। बजट में इसका प्रावधान भी हुआ।

इंटरनेट टॉवर के लिए शुल्क तय

बैठक में इंटरनेट सेवाओं के लिए टॉवर अब 20 से 50हजार रुपए शुल्क अदा कर खड़े किए जा सकेंगे। अब तक इस कार्य के लिए जमीन की कलेक्टर गाइड लाइन अनुसार कीमत का 20 प्रतिशत शुल्क लिया जाता रहा है। महानगरीय क्षेत्रों में अब यह शुल्क 50 हजार, अन्य नगरीय निकाय में 40 हजार, नगर परिषद में 30 हजार व ग्रामीण क्षेत्र में 20 हजार रुपए होगा।

अवैध तरीके से खड़े किए गए टॉवर्स को भी अब एक लाख रुपए प्रति टॉवर की दर से शमन शुल्क लेकर एनओसी जारी की जा सकेगी। इन प्रस्तावों क ो भी आज बैठक में मंजूरी दी गई।

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