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राज्य मंत्रिपरिषद का फैसला: धान मिलिंग में पड़ोसी राज्यों के मिलर्स का भी सहयोग लेगी सरकार

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  • धान व इथेनॉल प्लांट के लिए आएगी नई नीति

स्वदेश ब्यूरो, भोपाल।

मौजूदा साल में धान की बंपर पैदावार एवं इसकी रिकॉर्ड खरीदी ने इसकी मिलिंग की समस्या खड़ी कर दी है। राज्य सरकार ने 50 से दो सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर का प्रस्ताव रखते हुए पड़ोसी राज्यों के मिलर्स से खरीदी गई धान की मिलिंग कराने का निर्णय लिया है। यही नहीं भविष्य में ऐसी किसी समस्या से बचने सरकार मिलिंग व इथेनॉल संयंत्रों की स्थापना को लेकर नई नीति भी लागू करेगी।

यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। बीते सप्ताह हुई समीक्षा बैठक में धान की मिलिंग की समस्या का मामला उठा था। तब मुख्यमंत्री ने प्रदेश में मिलिंग के बड़े संयंत्र लगाने की बात कही थी। दरअसल, इस साल 37 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी हुई है। यह एक रिकॉर्ड है। समय पर इसकी मिलिंग अब एक बड़ी समस्या है।

प्रदेश में 804 मिलिंग इकाइयां हैं, लेकिन इनकी मिलिंग क्षमता कम है। इसे देखते हुए ही राज्य सरकार ने केवल खरीफ 2020-21 की धान को ही पडोसी राज्यों के सीमावर्ती जिलों के मिलर्स को उक्त प्रस्ताव देने का निर्णय लिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि निजी क्षेत्र में धान के उद्योग लगाने तथा इथेनाल बनाने के लिए नीति निर्धारित की जायेगी।

पथ विक्रेताओं को बांटी गई राशि का अनुमोदन

बैठक में गत 26 अप्रैल को शहरी पथ विक्रेताओं को बांटी गई एक-एक हजार रुपए की राशि का अनुमोदन भी किया गया। करीब साठ करोड़ की यह राशि 6.09 लाख हितग्राहियों में बांटी गई थी।

इसी तरह, स्थायी कृषि उपभोक्ताओं के लिए लागू फ्लैट रेट योजना एवं घरेलू उपभोक्ताओं को दी जानी वाली सस्ती बिजली के अनुदान के रूप में बिजली कंपनियों को साढ़े 14 हजार करोड़ की सब्सिडी को भी बैठक में मंजूरी दी गई। राज्य सरकार प्रदेश में 94 लाख परिवारों को 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली उपलब्ध करा रही है। बैठक में पिछले साल दीपावली से पहले कर्मचारियों के लिए लागू की गई विशेष त्योहार अग्रिम योजना को भी स्वीकृति दी गई।

मंत्री समूह 22 जून तक देंगे रिपोर्ट

इधर, आत्मनिर्भर मप्र की अवधारणा को गति देने एक दिन पहले की बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार, गठित मंत्री समूह आगामी 22 जून तक अपनी रिपोर्ट देंगे। राजस्व बढ़ाने के वैकल्पिक उपाय सुझाने से लेकर अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन एवं सुझाव को लागू करने के लिए मंत्रियों के 9 समूह गठित किए गए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में कहा है कि सभी समूह 22 जून तक अपने सुझाव दें। उन्होंने रविवार से पहले सभी समूहों की बैठक करने को कहा है।

आज प्रधानमंत्री से मिलेंगे शिवराज सिंह, विकास के रोडमैप को लेकर होगी बात

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को दिल्ली जाएंगे। वह वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान श्री चौहान उन्हें प्रदेश में कोरोना महामारी से निपटने के लिए अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी देंगे, साथ ही कोरोना की तीसरी लहर से बचाव की तैयारियों एवं ब्लैक फंगस बीमारी से निपटने के लिए किए किए गए प्रयासों की जानकारी देंगे।

मुलाकात में टीकाकरण की तैयारी, कोरोना टेस्टिंग, किल कोरोना अभियान एवं अन्य संबंधित गतिविधियों को लेकर भी प्रधानमंत्री से चर्चा होगी। ज्ञात हो कि राज्य सरकार आगामी एक से तीन जुलाई तक प्रदेश में टीकाकरण को लेकर महाअभियान चलाने का निर्णय लिया है।

एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने सीहोर में राज्य मंत्रिपरिषद की खुले वातावरण में बैठक कर आत्मनिर्भर मप्र के रोडमैप को गति देने,टीकाकरण एवं कोरोना से तीसरी लहर से बचाव, रोजगार के अधिकाधिक अवसर पैदा करने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके लिए केंद्र से और अधिक आर्थिक सहयोग का आग्रह भी इस मुलाकात के दौरान किया जा सकता है।

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