Home भोपाल ‘आत्मनिर्भर’ भारत की रीढ़ बनने को तैयार मेडिकल क्षेत्र में ‘लघु उद्योग’

‘आत्मनिर्भर’ भारत की रीढ़ बनने को तैयार मेडिकल क्षेत्र में ‘लघु उद्योग’

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  • लघु उद्योग भारती द्वारा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर आयोजित वेबीनार में प्रदेशाध्यक्ष महेश गुप्ता ने कहा

स्वदेश संवाददाता, भोपाल

लघु उद्योग को सही मार्गदर्शन, नवीनतम टेक्नोलॉजी और आसान ऋण सुविधा मिले, तो वे मेडिकल क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बनने को तैयार है।
उक्त विचार लघु उद्योग भारती द्वारा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर आयोजित वेबीनार में मध्यप्रदेश लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष महेश गुप्ता ने व्यक्त किए। श्री गुप्ता ने वैज्ञानिक औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) को भारत मे ही ऐसी नवीन तकनीक बनाकर लघु उद्योगों को न्यूनतम दरों पर उपलब्ध कराने हेतु किये जा रहे प्रयासों का भी आभार व्यक्त किया है।

ये था कार्यशाला का उद्देश्य

आयोजित कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य हेल्थकेयर और मेडिकल ऑक्सीजन के क्षेत्र में उभरती संभावनों और कम लागत में स्थानीय स्तर पर मेडिकल ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर यूनिट के उत्पादन हेतु स्थानीय स्तर प्लांट लगाने के विषय पर जानकारी प्रदान हेतु उपलब्ध टेक्नोलॉजी की जानकारी प्रदान करना था। करीब 150 से अधिक रजिस्टर्ड प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए एमएसएमई विकास संस्थान, इंदौर के जॉइंट डायरेक्टर एवं कार्यालय प्रमुख डीसी साहू ने सभी उद्यमियों को मेडिकल ऑक्सीजन क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न अवसरों की जानकारी प्रदान की एवं साथ ही सभी से आव्हान किया है।

मजबूत बने चिकित्सा केन्द्र

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मध्य प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. अनूप निगम ने कहा कि वर्तमान समय मे कोविड महामारी से लडऩे हेतु छोटे स्तर यानी गांव और कस्बो में स्थापित प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों को को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है। सीएसआईआर के डायरेक्टर प्रो. हरीश हिरानी ने सीएसआईआर द्वारा ऑक्सीजन एनरिचमेंट यूनिट (कंसेंट्रेटर का बेहतर रूप) के निर्माण हेतु तकनीकी भारत मे विकसित की गई है, भारत मे वर्तमान में कोविड 19 महामारी से लडऩे में मददगार इम्पोर्टेड ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर से बेहतर यूनिट और सस्ती यूनिट भारत मे ही बनाने में सक्षम है।

भारत में प्रारंभ हुआ उत्पादन

डॉ हिरानी ने बताया कि सीएसआईआर के मार्गदर्शन और सहयोग से करीब 10 से भी अधिक लघु और मध्यम क्षेत्र की कंपनियों ने इसका उत्पादन भारत मे प्रारंभ कर दिया है। सिडबी बैंक के सहायक प्रबंधक अमित सेठी ने बैंक द्वारा हेल्थकेयर उद्योगों को आसान शर्तो पर लोन की विशेष योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इंक्लूसिव ग्रोथ फाउंडेशन के प्रकल्प जैन ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों से चर्चा में कहा कि भारत सरकार द्वारा सीएसआईआर आदि संस्थानों के माध्यम से नवीनतम तकनीक तैयार की जाकर लघु उद्योगों को उपलब्ध कराई जा रही है, ऐसे सकारात्मक माहौल में मध्यप्रदेश के उद्यमियों को आगे आकर हेल्थ और मेडिकल क्षेत्रों में अधिक से अधिक उद्योगों की स्थापना की जानी चाहिए

ये था कार्यशाला का उद्देश्य

मध्यप्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को हेल्थकेयर और मेडिकल ऑक्सीजन क्षेत्रों में नई तकनीक और नवीन संभावनाओं से परिचित करवाना प्रमुख उद्देश्य था। इस कार्यशाला में प्रदेश के 32 से भी अधिक जिलों से विभिन्न औद्योगिक संगठनो के प्रतिभागियों एआईएमपी, जीएफआईडी, एफएम पीसीसीआई, चेम्बर, प्लास्टिक उत्पादन संघटन उज्जैन, जबलपुर आदि से जुड़े उधमियों, विभिन्न अस्पतालों के प्रतिनिधि, जन प्रतिनिधियों, अन्य प्रदेशों के उद्यमी, रिसर्च प्रतिभागी आदि ने भाग लिया। भारत सरकार, एमएसएमई मंत्रालय के एमएसएमई विकास संस्थान, इंदौर और वैज्ञानिक औद्योगिक अनुसंधान परिषद दुर्गापुर द्वारा लघु उद्योग भारती, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एवं इंक्लूसिव ग्रोथ फाउंडेशन के सहयोग से 150 से भी अधिक एमएसएमई उद्योगों हेतु 31 मई को ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया।

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