12वीं तक के स्कूल 31 तक बंद : मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंध समितियों की बैठक में दिए निर्देश

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  • जलसे-जुलूस, सभा पर भी रहेगी पाबंदियां
  • 6 फीसदी हुई कोरोना की संक्रमण दर
  • आंखों में आंसू न लाएं, नुकसान की पूरी भरपाई करेगी सरकार
  • ओला प्रभावित किसानों के बीच पहुंचे शिवराज
  • अल्पकालीन ऋण वसूली होगी स्थगित, ब्याज सरकार देगी
  • फसल की बर्बादी के कारण नहीं रुकेगी बेटी की शादी
  • अल्पकालीन ऋण वसूली स्थगित, ब्याज सरकार देगी

स्वदेश संवाददाता, भोपाल

प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में संक्रमण दर एक बार फिर छह प्रतिशत से अधिक हो गई है। प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 21 हजार से अधिक है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल आगामी 31 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया है। वहीं, सभी प्रकार की राजनीतिक एवं सामाजिक रैली, सभाओं पर फिलहाल प्रतिबंध रहेगा।

यह निर्णय शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय आपदा प्रबंध समितियों की बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना क ा संक्रमण जिस तेजी से फैल रहा है,उसे देखते हुए अब भीड़ जमा करने का वक्त नहीं रहा। स्थिति को ध्यान में रखते हुए कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी,निजी शालाएं आगामी 31 जनवरी तक बंद रहेंगी। आगामी 20जनवरी से होने वाली प्री-बोर्ड परीक्षा भी अब टेक होम माध्यम से होगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन व्यवस्था बनाएंगे।

सभी तरह की रैली, सभा रहेगी प्रतिबंधित

चौहान ने कहा कि प्रदेश में बड़ी रैली और सभा की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी प्रकार के मेले भी प्रतिबंधित रहेंगे। मनोरंजन, धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रम खुले स्थान पर अधिकतम 250 व्यक्तियों की उपस्थिति के साथ सशर्त हो सकेंगे। इसी प्रकार स्टेडियम में 50 प्रतिशत खिलाडिय़ों की क्षमता के साथ खेल गतिविधियां संचालित रहेंगी, पर दर्शकों का प्रवेश वर्जित रहेगा। बंद हाल में हाल की क्षमता के 50 प्रतिशत से कम उपस्थिति के ही कार्यक्रम होंगे।

कहीं पर भी भीड़ जमा न हो

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन समूह के सदस्यों से कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि कहीं पर भी भीड़ एकत्र न हो। जनता को संकट की इस घड़ी से निकालकर ले जाने की जिम्मेदारी हमारी है। संसाधन की कमी नहीं रहने देंगे। सभी व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं। मंत्री, सांसद, विधायक और अधिकारी कमांड कंट्रोल सेंटर में लाकर 15 मिनट मरीजों से बात करें। आर्थिक गतिविधियों पर रोक नहीं लगा सकते हैं क्योंकि इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है पर हमें कड़े कदम उठाने होंगे। विधायक इस बात की चिंता करें कि उनके क्षेत्र में कोई भी लापरवाही न हो।

मुख्यमंत्री ने निवाड़ी व अशोक नगर जिले में ओला व बारिश से प्रभावित फसलों का जायजा लिया। वह किसानों के बीच भी पहुंचे और उन्हें गले लगाकर ढाढ़स भी बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित किसान अपनी आंखों में आंसू न लाएं, सरकार उनके साथ है। पूरे नुकसान की भरपाई क ी जाएगी। चौहान आज दोपहर में पहले निवाड़ी जिले क ी पृथ्वीपुर तहसील के ग्राम खिस्टोन पहुंचे। वहां उन्होंने खेतों में पहुंचकर प्रभावित फसल का मुआयना किया। उन्होंने कहा कि जहाँ-जहाँ भी फ सलों को नुकसान पहुँचा है, उसकी भरपाई की जायेगी।


चौहान ने कहा कि फ सल का 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है, तो 30 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर राहत राशि दी जायेगी। फ सल बीमा का लाभ अलग से मिलेगा। साथ ही अल्पकालीन ऋ ण की वसूली स्थगित की जायेगी और अल्पकालीन फ सल ऋण को मध्यकालीन ऋण में बदला जायेगा। चौहान ने कहा कि जनहानि के लिये 4 लाख, गाय-भैंस की मृत्यु पर 30 हजार रूपये और छोटे पशुओं बछड़ा-बछड़ी, बकरा-बकरी तथा मुर्गा-मुर्गी के लिये भी राहत राशि दी जायेगी।

नहीं रुकेगी बेटी की शादी

चौहान ने बाद में अशोकनगर जिले में भी हेलीकॉप्टर से क्षतिग्रस्त फसलों का जायजा लिया। बाद में उन्होंने मुंगावली तहसील के ग्राम भजावन में प्रभावित किसानों से बातचीत की। इस दौरान एक बुजुर्ग महिला किसान उनके गले लगकर रोने लगी तो मुख्यमंत्री ने उसे ढाढ़स बंधाया। चौहान ने किसानों से कहा कि वे चिंता न करें,सरकार उनके नुकसान की पूरी भरपाई करेगी। उन्होंने कहा कि इस बार हमने फ सल बीमा अलग तरीके से किया है। जो नुकसान होगा, उसका 25 प्रतिशत बीमा कंपनी को अग्रिम देना पड़ेगा। बाकी 75 प्रतिशत राशि आकलन पूरा होने के बाद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में जहां किसान का भयानक नुकसान हुआ है और बिटिया की शादी है तो उसका भी इंतजाम सरकार कराएगी। ताकि बेटी की शादी में कोई दिक्कत न आए। किसान भाई इसकी बिल्कुल भी चिंता न करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि फ सलों की क्षति का सर्वे पूरी ईमानदारी से हो। एक- दो प्रतिशत मुआवजा ज्यादा लिखना पड़े तो लिख देना। जो नुकसान हुआ उससे कम लिखा तो मैं नौकरी करने के लायक नहीं रहने दूंगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि किसानों को शीघ्रता से राहत राशि का भुगतान करायें। उन्होंने किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि घबराना मत, मुसीबत का मिलकर मुकाबला करेंगे। आँख में आंसू मत लाना। सभी संकट से बाहर निकाल लूँगा। जहाँ-जहाँ भी ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है उसकी भरपाई सरकार करेगी।

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