Home भोपाल पदोन्नति में आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट ने दी दो हफ्ते की मोहलत

पदोन्नति में आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट ने दी दो हफ्ते की मोहलत

21
0
  • मंगलवार को न्यायालय में एक घंटे चली सुनवाई
  • अब 5 अक्टूबर तक पेश करना होगा लिखित पक्ष

स्वदेश ब्यूरो, भोपाल।

पदोन्नति में आरक्षण पर रोक लगाए जाने संबंधी जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। करीब एक घंटे की बहस के बाद न्यायालय ने दोनों पक्षों को अपने लिखित पक्ष पेश क रने दो सप्ताह की मोहलत दी है। प्रकरण में अगली नियमित सुनवाई 5 अक्टूबर से होगी व दस को फैसला आने की उम्मीद है।

दरअसल, पदोन्नति में आरक्षण के मामले को लेकर न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पंजाब,बिहार, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा व कुछ अन्य राज्यों की ओर से भी याचिका दायर की गई हैं। मप्र सरकार गत मई 2016 में आए जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ उच्चतम न्यायालय पहुंची है। इसी मामले को लेकर मंगलवार को सुनवाई हुई। प्रदेश सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल आर.एस. सूरी, विशेष गुप्ता व संजय हेगड़े उपस्थित हुए। वहीं अन्य राज्यों के अधिवक्ता भी सुनवाई में मौजूद रहे।

एक घंटे चली सुनवाई

करीब एक घंटे की सुनवाई के बाद न्यायालय ने सभी राज्यों को दो सप्ताह के भीतर अपना पक्ष लिखित में प्रस्तुत करने के लिए कहा है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर अपना अंतिम फैसला सुनाएगा। न्यायालय ने यह भी कहा कि पदोन्नति में आरक्षण के मामले की वजह से बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी बिना पदोन्नति पाए सेवानिवृत्त हो रहे हैं। लिहाजा, अब इस मामले को अधिक दिन लंबित नहीं रखा जा सकता।

मई 2016 से बंद है मप्र में पदोन्नति

मध्य प्रदेश में मई 2016 में हाईकोर्ट का उक्त फैसला आने के बाद से सरकारी महकमों में पदोन्नति बंद है। न्यायालय ने अपने फैसले में मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2002 को निरस्त कर दिया था। हालांकि, कर्मचारियों की नाराजगी को देखते हुए पदोन्नति के विकल्प के तौर पर उच्च पदों का प्रभार देने की शुरुआत गृह विभाग में की गई है। इसके बाद माना जा रहा है कि न्यायालय अगले माह की दस तारीख को अपना निर्णय दे सकता है।

राज्य सरकार ने तैयार किया प्रारूप

बताया जाता है कि प्रदेश सरकार पदोन्नति नियम का प्रारूप भी तैयार कर चुकी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने विधि विभाग सहित वरिष्ठ अधिकारियों से विचार-विमर्श करने के बाद नए नियमों का प्रारूप तैयार किया है जिसे कैबिनेट में जल्द प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार ने भविष्य में पदोन्नति को लेकर रणनीति बनाने के लिए एक दिन पहले मंत्री समूह का भी गठन किया है। इसमें मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य तुलसीराम सिलावट,विजय शाह,डॉ. अरविंद भदौरिया को शामिल किया गया है।

Previous articleराजनैतिक चित्त से मुक्ति
Next articleपृथ्वीपुर जनदर्शन यात्रा में मुख्यमंत्री के तीखे तेवर : गड़बड़ी पर नप सीएमओ, तहसीलदार सहित 3 को किया निलंबित

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here