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रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी मामला : पुलिस जांच में डायरी से निकले छह नाम, हमीदिया के पूर्व अधीक्षक चौरसिया से क्राइमब्रांच ने की पूछताछ

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भोपाल। हमीदिया अस्पताल से 863 रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी के मामले में हमीदिया के पूर्व अधीक्षक आईडी चौरसिया को क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए सोमवार को बुलाया। जहां उनसे करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की गई। उनसे स्टोर में तैनात तमाम कर्मचारियों की ड्यूटी व जिम्मेदारियों की जानकारी ली गई। घटना से समय स्टोर से लापता कुछ संदेही कर्मचारियों जानकारी हासिल की गई। वहीं पुलिस जांच में इंजेक्शन को बिना लिखापढ़ी के रसूखदारों को बांटे जाने की बाद गबन को छुपाने चोरी का बताकर मामले को उजागर करने की बात भी सामने आ रही हैं। वहीं देर रात स्टोर में कुछ इंजेक्शन मिलनी की भी जानकारी मिली हैं। लेकिन अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी हैं।

जानकारी के अनुसार हमीदिया के सेंट्रल स्टोर से चोरी हुए रेमडेसिविर इंजेक्शन स्टाफ की मिलीभगत से ही गायब हुए थे। पुलिस को स्टोर से एक डायरी मिली है जिसमें चोरी गए 863 इंजेक्शन का ब्योरा मिला है। डायरी मिलने के बाद पुलिस ने इस मामले की सारी परतें खोल दी हैं। वहीं, पुलिस इस मामले में स्टोर के स्टाफ समेत अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अमानत में खयानत की धारा बढ़ाने की तैयारी में है। पुलिस के अनुसार हॉस्पिटल प्रबंधन औऱ रसूखदारों ने आपस में इंजेक्शन बांट लिए हैं, इस मामले में पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 6 आरोपियों के नाम सामने आए हैं।

जिन आरोपियों के नाम सामने आए हैं, उनमें सौरभ दत्ता, गौरव बुंदेला, वंशज, हनी सिंह, सोहेल औऱ सुभाष को आरोपी बनाया गया है, इन आरोपियों ने आपस में ही इंजेक्शन बांट लिए थे, आरोपियों ने किसी को 12 तो किसी को 20 इंजेक्शन तक दिए गये । इस प्रकार आरोपियों ने ही 863 रेमडेसिविर इंजेक्शन खपा दिए।

इस मामले में पुलिस को कई अहम साक्ष्य मिले हैं, क्राइम ब्रांच ने अब हॉस्पिटल प्रबंधन पर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। गौरतलब है कि प्रदेश में मरीजों की जान की रक्षा के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की एक तरफ जहां मारामारी मची है वहीं दूसरी ओर इस प्रकार की कारगुजारियों से मरीजों के परिजनों में आक्रोश पनप रहा है।

यह था मामला

गौरतलब है कि राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल के स्टोर से बीते दिनों 863 रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने का मामला सामने आया था। बताया गया कि चोरी करने वाले ने सिर्फ रेमडेसिविर इंजेक्शन के ही बॉक्स चोरी किए, जबकि वहां पर 11-11 हजार रुपए कीमत की टैबलेट्स और दूसरे इंजेक्शन भी रखे थे।

चौरसिया ने अपना पक्ष रखा

उल्लेखनीय है कि मामले में तीन दिन बाद भी खाली हाथ है। वहीं मंगलवार को डाक्टर चौरसिया की गिरफ्तारी की खबरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुईं। जिसके बाद में चौरिया में ने एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखते हुए क्रइम ब्रांच द्वारा उन्हें पूछताछ करने के लिए बुलाने की बात कही।


इनका कहना

क्राइम ब्रांच एएसपी गोपाल धाकड़ का कहना यह चोरी नहीं, धांधली है,,,चोरी की रिपोर्ट गलत लिखाई गई, गड़बड़ी को छुपाने चोरी का रूप देने का षडय़ंत्र किसने रचा पुुलिस इस एंगल में भी जांच कर रही हैं। वहीं एफएसएल रिपोर्ट जाली को अंदर से काटने की जानकारी दी गई हैं।
गोपाल धाकड़ -क्राइम ब्रांच एएसपी

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