Home भोपाल जनता की बेहतरी के लिए काम करें अफसर: शिवराज

जनता की बेहतरी के लिए काम करें अफसर: शिवराज

33
0
  • प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान समारो
  • प्रदेश में नौकरशाही फिर ‘सरकार’ के निशाने पर

स्वदेश ब्यूरो, भोपाल।

प्रदेश में नौकरशाही लगातार सत्ता के निशाने पर है। बुधवार को प्रतिभावान बच्चों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर अधिकारिक वर्ग पर निशाना साधा। उन्होंने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि वे जनता की बेहतरी के लिए काम करें।

स्थानीय मिंटो हाल में इस कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से किया गया था। इसमें संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयनित हुए सभी प्रतिभागियों का मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव ने सम्मान किया एवं उनके उज्जवल भविष्य की बात कही। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सभी सफल प्रतिभागियों को सफल सेवाकाल के अनेक महत्वपूर्ण टिप्स दिए। इसी बहाने श्री चौहान ने प्रदेश की नौकरशाही को भी आड़े हाथों लिया।

तीन तरह के होते हैं अधिकारी

उन्होंने कहा कि मैं अफसरों को जानता हूं कि कौन कैसा है। ये तीन तरह के होते हैं। एक वे जो केवल रुटिन काम ही करते हैं। दूसरे वे जिन्हें काम रोकने में आनंद आता है। ये नियम-कानून का हवाला देकर काम कैसे अटकाया जाए,इसी उधेड़बुन में रहते हैं और काम अंतत: होने नहीं देते। तीसरे वे जो नियम-प्रक्रियाओं के बावजूद सही काम को कर देते हैं और जरूरतमंद की मदद करते हैं।

कलेक्टर चाहे तो जिले की दशा बदल दे

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एक कलेक्टर चाह ले तो पूरे जिले की दशा बदल सकता है। इसे लेकर उन्होंने सेवानिवृत एम.एन.बुच का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि बुच साहब क ो कोई भूल सकता है,क्या ?मैं एक अफसर की बात नहीं कर रहा हूं। अनेक ऐसे हैं,जिन्होंने इतिहास रचा। प्रदेश का विकास तो किया ही,लोगों का भला भी किया। लोग देवता की तरह ऐसे अधिकारी को पूजते हैं। उन्होंने चयनित उम्मीदवारों से भी ऐसे ही अधिकारी बनने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभाव में जीने वालों क ी जिंदगी में उजियारा लाएं। जनता के प्रति स्नेह का भाव रखें। यह ध्यान रहे कि लोकसेवक चाहे नेता हो या अधिकारी दोनों का दायित्व जनता की सेवा ही है।

भरोसा हो तो गरीबी मायने नहीं रखती

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों से कहा कि मन में भरोसा हो तो कोई गरीबी मायने नहीं रखती। मेहनत के आगे कुछ भी असंभव नहीं। इसलिए लक्ष्य को हासिल करने बिना हताश या निराश हुए,खूब मेहनत करें। आपको वित्तीय सहायता से लेकर किसी और तरह की मदद की आवश्यकता होगी, तो मैं आपके साथ सदैव खड़ा रहूंगा। आप संबंधित पोर्टल पर अपने सुझाव दीजिये। उन्होंने पालकों से भी कहा कि वे बच्चों को उनकी लगन के अनुसार ही संबंधित दिशा में आगे बढऩे प्रेरित करें। इस दौरान चयनित प्रभिभागियों ने भी अन्य बच्चों को सफलता के मंत्र बताए।

बताया ‘मामा’ शब्द का अर्थ

मुख्यमंत्री ने मंच से ‘मामा’ शब्द का नया अर्थ भी बताया। उन्होंने कहा कि पहले एम से अभिप्राय मेंटर (सलाहकार),ए से एवेलेबिल(उपलब्धता),तीसरे एम का अर्थ मोबिलाइजर(आत्मीयता) व अंतिम ए का अर्थ है एफीनिटी (आत्मीयता)।

Previous articleकिसानों का मारा जाना निंदनीय लेकिन ऐसी हर घटना को उठाएं
Next articleलखीमपुर खीरी हिंसा: मंत्री के बेटे आशीष और उसके दोस्त को लेकर घटनास्थल पहुंची एसआइटी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here