Home भोपाल प्रदेश में उद्योगों का जाल बिछाना मेरा संकल्प: मुख्यमंत्री

प्रदेश में उद्योगों का जाल बिछाना मेरा संकल्प: मुख्यमंत्री

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  • 1891 एमएसएमई इकाइयों व खरगोन कलेक्टोरेट भवन का वर्चुअल शुभारंभ

स्वदेश ब्यूरो, भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को मिंटो हाल में मिशन अर्थ अंतर्गत प्रदेश के 1891 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों व खरगोन जिला कलेक्टर कार्यालय भवन का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में लघु, कुटीर और मध्यम उद्योगों का जाल बिछे यह मेरा सपना भी है और संकल्प भी। इस स्तर के उद्योग ही रोजगार के अधिकतम अवसर उपलब्ध कराते हैं। रोजगार आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण का मूल आधार है। राज्य शासन उद्यमियों की मदद के लिए सदैव तत्पर है। इस दिशा में आरंभ की गई ‘स्टार्ट यूअर बिजनेस इन थर्टी डेजÓ योजना का उद्देश्य यही है कि प्रदेश में अपना उद्योग आरंभ करने वाले किसी भी व्यक्ति को कोई भी परेशानी न आए।

हमारा यह लक्ष्य है कि हर महीने प्रदेश के एक लाख लोगों को रोजगार दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज शुभारंभ हुई इकाईयों में 4227 करोड़ का निवेश हुआ है। यह इकाइयाँ 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में 572 इकाईयाँ मार्च तक स्थापित हो चुकी हैं। अगले तीन माह में 296 और अगले छह माह में एक हजार 23 इकाइयाँ स्थापित होंगी।

रोजगार की अपार संभावनाएँ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना के कठिन काल में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का मंत्र दिया। इसके परिपालन में आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए विकसित रोडमैप में अर्थ-व्यवस्था और रोजगार प्रमुख आधार स्तंभ हैं। प्रदेश में अधोसंरचना निर्माण, कृषि और खाद्य प्र-संस्करण में उद्यमशीलता और रोजगार के अवसर सृजित करने की अपार संभावनाएँ हैं। कोरोना के कठिन काल में प्रदेश के पथ विक्रेताओं और स्व-सहायता समूहों को राज्य शासन द्वारा हरसंभव सहयोग प्रदान किया गया है।

रोजगार देने वाले बनें युवा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि युवाओं के लिए स्व-रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के उद्देश्य से पुरानी योजनाओं की रीपैकेजिंग कर नई मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना आरंभ करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के विकास के लिए जितना योगदान बड़े उद्योगों का है उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका एम.एस.एम.ई की है। इसकी महत्ता को स्वीकार करते हुए ही प्रदेश में पृथक एम.एस.एम.ई. विभाग बनाया गया। मेरा सपना है कि प्रदेश के युवा नौकरी मांगने वाले नहीं रोजगार देने वाले बने। यह सपना लघु, कुटीर और मध्यम उद्योगों से ही साकार हो सकता है।

कार्यक्रम को एमएसएमई मंत्री ओम प्रकाश सकलेचा व कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने भी संबोधित किया।

उद्यमियों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश की उत्कृष्ट एम.एस.एम.ई. इकाइयों और स्टार्टअप संचालकों का सम्मान किया। कोरोनाकाल में पीपीई किट और फेस मास्क निर्माण में अभूतपूर्व कार्य के लिए मोहिनी हेल्थ एण्ड हाईजीन लिमिटेड पीथमपुर धार के अवनीश बंसल, रक्षा उपकरण उत्पादन में लगे डी.के. इंसूलेशन इण्डस्ट्रीज भोपाल के डी.के. कोहली, बाबू आईटी सर्विसेज प्रायवेट लिमिटेड इंदौर की सुश्री अदिति चौरसिया, मध्य भारत के सबसे बड़े तथा एकमात्र कार्बन न्यूट्रल हाइपर स्केल डाटा सेंटर रैक बैंक डाटा सेण्टर्स प्रायवेट लिमिटेड इंदौर के नरेन्द्र जैन और प्रदेश की एकमात्र ऑनलाईन शेड्यूलिंग कम्पनी एपॉइण्टी इंडिया भोपाल के निमेष सिंह का भी सम्मान किया गया। इस दौरान श्री चौहान ने विभिन्न जिलों के उद्यमियों से सीधी बातचीत कर उनके प्रयासों व प्रगति की जानकारी ली।

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