कोरोना संक्रमण से बचाव प्रबंधन व टीकाकरण में मप्र अव्वल

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  • प्रधानमंत्री की वर्चुअल कांफ्रेंस में प्रदेश की हुई सराहना

भोपाल। कोरोना संक्रमण से बचाव, उपचार व टीकाकरण में मध्य प्रदेश अन्य राज्यों से आगे है। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मुख्यमंत्रियों संग कोरोना संक्रमण को लेकर की गई वर्चुअल बैठक में मध्य प्रदेश के उक्त प्रयासों की सराहना हुई।

बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए। श्री चौहान आज सुबह नई दिल्ली में आयोजित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल हुए और दोपहर में ही वापस भोपाल पहुंचे और उक्त कांफें्रस में भी शामिल हुए। इसमें प्रधानमंत्री के संबोधन से पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने टीकाकरण एवं कोरोना की तीसरी लहर से बचाव को लेकर विभिन्न राज्यों में हुए कामकाज का प्रस्तुतिकरण किया। इसमें बताया गया कि किशोरों के टीकाकरण को लेकर मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय औसत से अधिक उपलब्धि अर्जित की गई। प्रदेश में पात्र किशोरों में से 72.2 प्रतिशत को वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी है। बैठक में कम टीकाकरण वाले राज्य पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, झारखंड,पंजाब के मुख्यमंत्रियों से वैक्सीनेशन की गति बढ़ाए जाने को लेकर चर्चा हुई।

जनभागीदारी मॉडल बना उपयोगी

बैठक में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण को लेकर भी प्रस्तुतिकरण हुआ। इसमें बताया गया कि मध्य प्रदेश में जन भागीदारी के माडल का उपयोग करते हुए 11 विशेष टीकाकरण महा अभियान संचालित किए गए हैं। इनके माध्यम से राष्ट्रीय औसत 92.4 के विरुद्ध 96 प्रतिशत प्रथम डोज तथा 68.3 के विरुद्ध 92 प्रतिशत द्वितीय डोज पात्र लोगों को लगाया जा चुका है। मध्य प्रदेश 15-18 आयु वर्ग में और गर्भवती माताओं के टीकाकरण में भारत में सर्वाधिक टीके लगाने वाला राज्य है। सतर्कता यानी बूस्टर डोज भी 1 लाख 80 हजार से अधिक लोगों को लगाई जा चुकी है। संबंधित श्रेणी में कुल आबादी का यह 30 प्रतिशत है।

केंद्रीय राशि के व्यय में भी आगे

कोरोना से बचाव एवं उपचार के लिए विभिन्न राज्यों को जारी राशि के उपयोग में भी मध्य प्रदेश आगे रहा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आज के प्रस्तुतिकरण में मप्र में हुए काम को अच्छा बताया गया। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार द्वारा 437.17 करोड़ रुपये केंद्र अंश के रूप में जारी किया गया। इसमें राज्य अंश 291.44 करोड़ मध्यप्रदेश शासन ने जारी किया।

केंद्र और राज्य का अंश सम्मिलित करते हुए कुल 728.61 करोड़ रुपये की उपलब्ध राशि के मुकाबले राज्य ने 398.33 करोड़ का व्यय किया है। व्यय प्रगति में राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश प्रथम पांच राज्यों में शामिल है। इस राशि से प्रदेश में अस्पतालों में विभिन्न श्रेणी के बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के साथ ही आक्सीजन संयंत्र व दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में भी बेहतर काम हुआ है।

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