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मप्र 12वीं बोर्ड की परीक्षा भी रद्द, मंत्री समूह तय करेगा परिणाम का तरीका

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* कोरोना काल में बच्चों पर परीक्षा का बोझ डालना उचित नहीं: शिवराज
* स्कूल खोलने को लेकर शिक्षा विभाग ने भी 30 जून तक मांगे सुझाव

स्वदेश ब्यूरो, भोपाल।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा निरस्त होने के बाद अब प्रदेश में भी माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं कक्षा की परीक्षा को रद्द कर दिया है। इसके परिणाम शीघ्र ही घोषित होंगे। इसका तरीका खोजने सरकार मंत्री समूह गठित करेगी।

यह निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक में लिया गया। इसमें विभागीय मंत्री इंदर सिंह परमार भी शामिल हुए। बैठक में विचार विमर्श के बाद परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोनाकाल की विषम परिस्थितियों को देखते हुए बच्चों पर परीक्षा का मानसिक बोझ डालना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उक्त कक्षा के परिणाम आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर बनेगा या अन्य कोई तरीका है, यह तय करने के लिए मंत्री समूह गठित किया गया है। वे विशेषज्ञों से राय लेकर रिपोर्ट देंगे। ज्ञात हो कि प्रदेश में बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा को पहले ही रद्द किया जा चुका है। इसके परिणाम आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर तय होंगे।

जो परीक्षा देना चाहें उनके लिए विकल्प खुला

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बेहतर परिणाम के लिए या परिणाम में सुधार के लिए जो विद्यार्थी परीक्षा देना चाहेंगे उनके लिए विकल्प खुला रहेगा। कोरोना संकट की समाप्ति के बाद इच्छुक विद्यार्थी 12वीं की परीक्षा दे सकेंगे।

परीक्षा आयोजन की थी पूरी तैयारी

बहरहाल, मंगलवार को सीबीएसई की 12 वीं की परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार का निर्णय आने के बाद मप्र सरकार ने भी उक्त निर्णय लिया। हालांकि पूर्व में बारहवीं की परीक्षा के आयोजन को लेकर मंडल स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गई थी। यहां तक कि केंद्र सरकार द्वारा सीबीएसई 12वीं परीक्षा के आयोजन को लेकर मांगी गई राय पर राज्य सरकार ने प्रमुख विषयों की परीक्षा लेने का विकल्प भी सुझाया था।

जून में स्कूल खुलने के आसार नहीं

इधर, स्कूल शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने संकेत दिए कि जून में स्कूलों का खुलना परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। हालांकि इसका फैसला मंत्री समूह द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने मीडिया से अनौपचारिक चर्चा में कहा कि स्थिति सामान्य होने पर ही स्कूल खोलने पर विचार किया जा सकता है। श्री परमार ने कहा कि कोरोना व स्कूल शिक्षा को लेकर मंत्री समूह साप्ताहिक बैठक कर स्थिति की समीक्षा करेगा।

इधर, स्कूल शिक्षा विभाग ने बुधवार को एक लिंक जारी कर स्कूल खोलने को लेकर चार बिंदुओं पर संस्था प्राचार्यों,अभिभावकों,विद्यार्थियों एवं आमजन से भी सुझाव मांगे हैं। इसके माध्यम से आगामी 30 जून तक आवश्यक सुझाव दिए जा सकेंगे। इसके चलते माना जा रहा है,कि जून में स्कूल खुलना संभव नहीं है,हालांकि प्रवेश प्रक्रि या शुरू की जा सकती है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा था कि स्कूल,कॉलेज न खुलने से बच्चे कुंठित न हो इसके वैकल्पिक तरीके पर विचार किया जाए।

एमपी पीएससी परीक्षा अब 25 जुलाई को

कोरोना को देखते हुए मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने भी राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 को आगे बढ़ा दिया है। अब यह परीक्षा 25 जुलाई को होगी। पहले यह परीक्षा 20 जून को होने वाली थी। यह दूसरा मौका है जब आयोग को परीक्षा टालना पड़ी हो। पूर्व में यह परीक्षा 11 अप्रैल को आयोजित की जानी थी,इसे पहले 20 जून और अब 25 जुलाई को आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

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